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होली की रंग पंचमी पर राख पंचमपुर में भरता मेला
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राख पंचमपुर में आकर्षक तरीके से सजाई जा रही सिद्घ बाबा मंदिर की सुराही
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। होली की रंग पंचमी का जुड़ाव राख पंचमपुर मेला से है। यहां रंग पंचमी पर लगने वाला मेला पांच दिन तक चलता है। इसमें करीब दो लाख श्रद्धालु सिद्धबाबा के मंदिर में मत्था टेकते हैं। ऐसी मान्यता है कि बाबा के मंदिर की राख फोड़ा- फुंसी ठीक करती है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि कई असाध्य रोग के मरीजों को भी यहां आने मात्र से आराम मिलने लगता है।
जिले में होली दो दिन ही खेली जाती है लेकिन रंग पंचमी का अपना अलग ही महत्व है। इस दिन भी होली खेलने का रिवाज है पर ग्राम राख पंचमपुर में लगने वाले मेला की वजह से अब कम ही लोग इस दिन होली खेलना पसंद करते हैं। शहर से यह स्थान करीब 20 किमी दूरी है, इसके दो रास्ते हैं। एक रास्ता ग्राम दैलवारा, मनगुवां से होकर जाता हैै तो दूसरा रास्ता महरौनीखुर्द से है। यहां के अनेक किस्से ग्रामवासियों के मुंह से सुने जा सकते हैं। उधर, मेले की शुरुआत पर गांव के मंदिर से विमान की शोभायात्रा मेला स्थल तक निकलती है। जब तक मेला का आयोजन बाबा मंदिर पर होता है, तब तक विमान यही रुके रहते हैं। मेला समापन पर विमान वापस मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं।
सिद्ध बाबा मंदिर में रोजाना लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। यहां की राख के लेपन से फोड़ा, फुंसी के मरीजों को राहत मिल जाती है। शिवलाल, मुख्य पंडा
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मेला स्थल पर सुविधाओं का विस्तार निरंतर होता जा रहा है। यहां अतिथिगृह व छांव के लिए कई शेडों का निर्माण हो गया है। इसके अलावा पानी की भी सुविधा हो गई है। देवेंद्र कुमार शर्मा
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जिले में होली दो दिन ही खेली जाती है लेकिन रंग पंचमी का अपना अलग ही महत्व है। इस दिन भी होली खेलने का रिवाज है पर ग्राम राख पंचमपुर में लगने वाले मेला की वजह से अब कम ही लोग इस दिन होली खेलना पसंद करते हैं। शहर से यह स्थान करीब 20 किमी दूरी है, इसके दो रास्ते हैं। एक रास्ता ग्राम दैलवारा, मनगुवां से होकर जाता हैै तो दूसरा रास्ता महरौनीखुर्द से है। यहां के अनेक किस्से ग्रामवासियों के मुंह से सुने जा सकते हैं। उधर, मेले की शुरुआत पर गांव के मंदिर से विमान की शोभायात्रा मेला स्थल तक निकलती है। जब तक मेला का आयोजन बाबा मंदिर पर होता है, तब तक विमान यही रुके रहते हैं। मेला समापन पर विमान वापस मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं।
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सिद्ध बाबा मंदिर में रोजाना लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। यहां की राख के लेपन से फोड़ा, फुंसी के मरीजों को राहत मिल जाती है। शिवलाल, मुख्य पंडा
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मेला स्थल पर सुविधाओं का विस्तार निरंतर होता जा रहा है। यहां अतिथिगृह व छांव के लिए कई शेडों का निर्माण हो गया है। इसके अलावा पानी की भी सुविधा हो गई है। देवेंद्र कुमार शर्मा

राख पंचमपुर के मंदिर में विराजमान सिद्घ बाबा- फोटो : LALITPUR

राख पंचमपुर का सिद्घ बाबा मंदिर- फोटो : LALITPUR
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