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जर्जर सड़कों के निरीक्षण के सवाल पर भड़कीं राज्यमंत्री
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प्रेस वार्ता करती राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम व मौजूद सदर विधायक रामरतन कुशवाहा
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। सूबे राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि प्रदेश में आज जितना विकास हो रहा है उतना पहले की सरकारों में नहीं हुआ। उन्होंने सरकार के 100 दिनों के कार्यकाल में जनपद में कराए गए विकास कार्यों को गिनाया। मगर जिले की खस्ताहाल सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करने की बात पर मंत्री भड़क गई। उन्होंने कहा कि मेरा काम आपके साथ जाने का नहीं, हम प्रोटोकाल के अनुसार ही चलते हैं। सवालों से घिरा देख मंत्री 10 मिनट में ही उठकर चली गईं।
प्रदेश के ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम शुक्रवार को करीब आधा घंटे देर से 1.05 बजे लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में पहुंची। उन्होंने पत्रकारों को जनपद के विकास कार्यों को गिनाते हुए सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों का बखान किया। कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी जमीन पर कब्जे होते थे लेकिन आज उन पर बुलडोजर चल रहा है। जनपद में सत्ताधारियों के संरक्षण में कब्जे होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे हरहाल में हटाए जाएंगे। उस पर किसी प्रकार समझौता नहीं हो सकता। जनपद में सड़कों की दुर्दशा पर कहा कि कुछ काम रह गए हैं जो अब पूरे हो जाएंगे लेकिन शहर के सिद्दन रोड के दलदल में तब्दील होने और उसके स्थलीय निरीक्षण करने की बात पर मंत्री भड़कते हुए कहा कि मेरा काम आप के साथ जाने का नहीं है। इस मौके पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, जिला उपाध्यक्ष चंद्र शेखर पंथ, जगदीश लोधी, नगर अध्यक्ष मनीश अग्रवाल, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रावत, बसंती लारिया, किरन सेन आदि मौजूद रही।
... जब जिला पंचायत अध्यक्ष को खुद डालनी पड़ी कुर्सी
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन को अपने लिए खुद कुर्सी डालनी पड़ी। हुआ यूं जब जिला पंचायत अध्यक्ष सभागार में पहुंचे तो सोफा पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा व जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन बैठे थे। उन्होंने बीच में जगह बना बैठ गए लेकिन कुछ देर बाद राज्यमंत्री के आने पर वह सोफे से हटकर पीछे से कुर्सी लेकर किनारे बैठ गए।
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सदर विधायक बोले अधिकारह सुनते नहीं हैं
राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने पत्रकारों से वार्ता के बाद पार्टी पदाधिकारियों व सदर विधायक से बंद कमरे में चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं और जन समस्या के मामलों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों से सुलझवाएं। इस पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि कोई अधिकारी सुनता नहीं है सब मनमानी कर रहे। कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अधिकारियों की शिकायत की। इस पर राज्यमंत्री ने कहा कि हम बात करेंगे इसके बाद वह खाना खाकर निकल गईं।
विभाग की सड़कों का निरीक्षण तक नहीं किया
जनपद की खस्ताहाल सड़कों की जानकारी होने के बाद भी राज्यमंत्री ने अपने विभाग तक की सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करना मुनासिब नहीं समझा। हैरत की बात तो यह है कि जनपद में करीब दो घंटे रुकने के बाद भी वह सिद्दन मार्ग तक नहीं गई। इस दौरान सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा रविंद्रवीर यादव, आरईएस के अभियंता मौजूद रहे।
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प्रदेश के ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम शुक्रवार को करीब आधा घंटे देर से 1.05 बजे लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में पहुंची। उन्होंने पत्रकारों को जनपद के विकास कार्यों को गिनाते हुए सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों का बखान किया। कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी जमीन पर कब्जे होते थे लेकिन आज उन पर बुलडोजर चल रहा है। जनपद में सत्ताधारियों के संरक्षण में कब्जे होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे हरहाल में हटाए जाएंगे। उस पर किसी प्रकार समझौता नहीं हो सकता। जनपद में सड़कों की दुर्दशा पर कहा कि कुछ काम रह गए हैं जो अब पूरे हो जाएंगे लेकिन शहर के सिद्दन रोड के दलदल में तब्दील होने और उसके स्थलीय निरीक्षण करने की बात पर मंत्री भड़कते हुए कहा कि मेरा काम आप के साथ जाने का नहीं है। इस मौके पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, जिला उपाध्यक्ष चंद्र शेखर पंथ, जगदीश लोधी, नगर अध्यक्ष मनीश अग्रवाल, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रावत, बसंती लारिया, किरन सेन आदि मौजूद रही।
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... जब जिला पंचायत अध्यक्ष को खुद डालनी पड़ी कुर्सी
लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन को अपने लिए खुद कुर्सी डालनी पड़ी। हुआ यूं जब जिला पंचायत अध्यक्ष सभागार में पहुंचे तो सोफा पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा व जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन बैठे थे। उन्होंने बीच में जगह बना बैठ गए लेकिन कुछ देर बाद राज्यमंत्री के आने पर वह सोफे से हटकर पीछे से कुर्सी लेकर किनारे बैठ गए।
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सदर विधायक बोले अधिकारह सुनते नहीं हैं
राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने पत्रकारों से वार्ता के बाद पार्टी पदाधिकारियों व सदर विधायक से बंद कमरे में चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाएं और जन समस्या के मामलों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों से सुलझवाएं। इस पर सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने कहा कि कोई अधिकारी सुनता नहीं है सब मनमानी कर रहे। कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अधिकारियों की शिकायत की। इस पर राज्यमंत्री ने कहा कि हम बात करेंगे इसके बाद वह खाना खाकर निकल गईं।
विभाग की सड़कों का निरीक्षण तक नहीं किया
जनपद की खस्ताहाल सड़कों की जानकारी होने के बाद भी राज्यमंत्री ने अपने विभाग तक की सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करना मुनासिब नहीं समझा। हैरत की बात तो यह है कि जनपद में करीब दो घंटे रुकने के बाद भी वह सिद्दन मार्ग तक नहीं गई। इस दौरान सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, डीसी मनरेगा रविंद्रवीर यादव, आरईएस के अभियंता मौजूद रहे।