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बारिश थमने के बाद ली राहत की सांस
lalitpur
Updated Sat, 09 Jul 2016 01:28 AM IST
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बारिश्ा
- फोटो : demo pic
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महरौनी (ललितपुर)। महरौनी क्षेत्र में पिछले चार दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शुक्रवार को अपने तेवर ढीले किए, जिससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार सुबह हल्की बारिश जारी रही, लेकिन उसके बाद मौसम साफ हुआ और दोपहर तक अच्छी धूप खिल गई। हालांकि देर शाम तक आसमान में फिर से घनघोर बादल छा गए, लेकिन दिन में बारिश थम जाने के बाद लोग अपने कामकाज पर वापिस लौटे।
पिछले चार दिनों की भारी बारिश की वजह से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था और लगातार बारिश होने से लोग परेशान हो गए थे। नदी नाले उफान पर रहे और इस वजह से अधिकांश सड़क मार्गों पर यातायात घंटों तक बाधित रहा। तहसील और जनपद मुख्यालय से संपर्क कटने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, लेकिन बारिश थमने के बाद शुक्रवार को लगभग सभी संपर्क मार्ग यातायात के लिए खुल गए।
बारिश की वजह से बाजार में भी मंदी छायी थी और अधिकांश दुकानें बंद थीं जो शुक्रवार को खुलीं, जिससे बाजार में रौनक लौट आई है। बारिश के कहर से लोगों को काफी नुकसान हुआ है और घरों में पानी भरने से लोगों की जीवनचर्या बुरी तरह प्रभावित रही। शुक्रवार को लोग घरों में हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पानी की निकासी के इंतजाम करने में जुटे देखे गए। बारिश थमने के बाद किसानों ने अपने खेतों की ओर रुख किया जो तालाबों में तब्दील हो चुके थे। हाल ही में कुछ दिन पूर्व बोयी खरीफ फसल की सुरक्षा के लिए खेतों से जलनिकासी की कोशिशों में किसान लगे रहे।
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कुल मिलाकर क्षेत्र में लगभग 80 घंटे तक हुई बारिश ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया था और जो क्षेत्रवासी कुछ दिन पहले तक अच्छी बारिश के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। वहीं, लोग मूसलाधार बारिश के बाद इसके थमने की मिन्नतें करते नजर आने लगे थे ।
गरीबों के आशियाने ढहे, कई घरों में घुसा पानी
महरौनी (ललितपुर)। लगातार बारिश के चलते कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के आशियाने ढह गये , जिससे उनका काफी नुकसान हुआ । बाढ़ जैसे हालात बनने से अनेक घरों में पानी घुस गया जिससे घर में रखा सामान भीगने से काफी नुकसान हुआ है । वहीं सीलन आने की वजह से अनेक कच्चे मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है और उनमें रहने वाले लोग चिन्तित नजर आ रहे हैं ।
कस्बा क्षेत्र के लुहराना मुहल्ला निवासी कन्हई पाल का कच्चा मकान बृहस्पतिवार की सुबह गिर गया जिससे गरीब किसान को काफी नुकसान हुआ है । गनीमत रही कि जब यह हादसा हुआ तो उस समय परिवार के सभी सदस्य मकान के दूसरे हिस्से में थे अन्यथा कोई बडी अनहोनी हो सकती थी । किसान ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। कस्बा के टीकमगढ़ रोड पर मां अम्बे पैट्रोल पंप के पीछे बारिश की वजह से जितेंद्र सिह यादव के कच्चे मकान का छप्पर भी शुक्रवार सुबह ढह गया। खरवांच पुरा निवासी अमित नायक की बानपुर चौराहा स्थित मिठाई की दुकान का छप्पर भी पानी के तेज बहाव के साथ बह गया जिससे काफी नुकसान हुआ है। मड़ावरा रोड से निकली नहर के कटान की वजह से मुहल्ले में पानी भर गया और नहर किनारे से नाराहट रोड को जोडने वाले रास्ते पर यातायात मुश्किल हो गया है।
इसी मुहल्ले में डीपी तिवारी के मकान में किराये से रहने वाले सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष गिन्नी राजा के मकान में कई फीट पानी भर गया और काफी सामान भीगने से नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही को इसके लिये जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि नहर की सिल्ट सफाई और नहर के कटान वाले स्थानों पर मरम्मत नहीं की गई, जिससे नहर का पानी ओवरफ्लो होकर मुहल्ले में भरा। इसी नहर के कटान की वजह से ललितपुर रोड व मंडी रोड के कुछ मकानों में भी पानी भरने लगा। कस्बा के पंडा पुरा में पीछे खेतों से भारी पानी सिमट कर मुहल्ले में आ गया, जिससे खंगार व सेन समाज के लोगों के दर्जनों मकानों में पानी भर गया है ।
छायन में बारिश के कहर से गरीब परेशान
छायन/महरौनी (ललितपुर)। तीन दिन से होने वाली बारिश से ग्राम छायन में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गांव की गलियों में कई फीट पानी बहता रहा और अनेक घरों में तीन से चार फुट तक पानी घुस गया जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतें उठानी पडीं। लोग पानी से बचाव के लिए अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान तलाशते नजर आये। सबसे ज्यादा दिक्कतें गरीबों को उठानी पड़ रही हैं जो कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे हैं। मिटटी के अनेक कच्चे खपरैल घर ढहने के कगार पर हैं। बारिश के पानी से गांव के रामदास सेन और मुन्ना सेन का मकान गिर गया, जिससे काफी नुकसान हुआ है। इन परिवारों के पास खाने पीने का सामान नहीं बचा है और न ही सर छुपाने के लिये छप्पर। इसके अलावा गांव में श्रीराम दुबे ,श्यामलाल कुशवाहा के मकान भी बारिश की वजह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, मुकेश अहिरवार ,स्वामी लुहार ,नीरज लुहार आदि के मकानों में पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ है।
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पिछले चार दिनों की भारी बारिश की वजह से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था और लगातार बारिश होने से लोग परेशान हो गए थे। नदी नाले उफान पर रहे और इस वजह से अधिकांश सड़क मार्गों पर यातायात घंटों तक बाधित रहा। तहसील और जनपद मुख्यालय से संपर्क कटने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, लेकिन बारिश थमने के बाद शुक्रवार को लगभग सभी संपर्क मार्ग यातायात के लिए खुल गए।
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बारिश की वजह से बाजार में भी मंदी छायी थी और अधिकांश दुकानें बंद थीं जो शुक्रवार को खुलीं, जिससे बाजार में रौनक लौट आई है। बारिश के कहर से लोगों को काफी नुकसान हुआ है और घरों में पानी भरने से लोगों की जीवनचर्या बुरी तरह प्रभावित रही। शुक्रवार को लोग घरों में हुए जलभराव की समस्या से निपटने के लिए पानी की निकासी के इंतजाम करने में जुटे देखे गए। बारिश थमने के बाद किसानों ने अपने खेतों की ओर रुख किया जो तालाबों में तब्दील हो चुके थे। हाल ही में कुछ दिन पूर्व बोयी खरीफ फसल की सुरक्षा के लिए खेतों से जलनिकासी की कोशिशों में किसान लगे रहे।
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कुल मिलाकर क्षेत्र में लगभग 80 घंटे तक हुई बारिश ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया था और जो क्षेत्रवासी कुछ दिन पहले तक अच्छी बारिश के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे थे। वहीं, लोग मूसलाधार बारिश के बाद इसके थमने की मिन्नतें करते नजर आने लगे थे ।
गरीबों के आशियाने ढहे, कई घरों में घुसा पानी
महरौनी (ललितपुर)। लगातार बारिश के चलते कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के आशियाने ढह गये , जिससे उनका काफी नुकसान हुआ । बाढ़ जैसे हालात बनने से अनेक घरों में पानी घुस गया जिससे घर में रखा सामान भीगने से काफी नुकसान हुआ है । वहीं सीलन आने की वजह से अनेक कच्चे मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है और उनमें रहने वाले लोग चिन्तित नजर आ रहे हैं ।
कस्बा क्षेत्र के लुहराना मुहल्ला निवासी कन्हई पाल का कच्चा मकान बृहस्पतिवार की सुबह गिर गया जिससे गरीब किसान को काफी नुकसान हुआ है । गनीमत रही कि जब यह हादसा हुआ तो उस समय परिवार के सभी सदस्य मकान के दूसरे हिस्से में थे अन्यथा कोई बडी अनहोनी हो सकती थी । किसान ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। कस्बा के टीकमगढ़ रोड पर मां अम्बे पैट्रोल पंप के पीछे बारिश की वजह से जितेंद्र सिह यादव के कच्चे मकान का छप्पर भी शुक्रवार सुबह ढह गया। खरवांच पुरा निवासी अमित नायक की बानपुर चौराहा स्थित मिठाई की दुकान का छप्पर भी पानी के तेज बहाव के साथ बह गया जिससे काफी नुकसान हुआ है। मड़ावरा रोड से निकली नहर के कटान की वजह से मुहल्ले में पानी भर गया और नहर किनारे से नाराहट रोड को जोडने वाले रास्ते पर यातायात मुश्किल हो गया है।
इसी मुहल्ले में डीपी तिवारी के मकान में किराये से रहने वाले सपा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष गिन्नी राजा के मकान में कई फीट पानी भर गया और काफी सामान भीगने से नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने सिंचाई विभाग की लापरवाही को इसके लिये जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि नहर की सिल्ट सफाई और नहर के कटान वाले स्थानों पर मरम्मत नहीं की गई, जिससे नहर का पानी ओवरफ्लो होकर मुहल्ले में भरा। इसी नहर के कटान की वजह से ललितपुर रोड व मंडी रोड के कुछ मकानों में भी पानी भरने लगा। कस्बा के पंडा पुरा में पीछे खेतों से भारी पानी सिमट कर मुहल्ले में आ गया, जिससे खंगार व सेन समाज के लोगों के दर्जनों मकानों में पानी भर गया है ।
छायन में बारिश के कहर से गरीब परेशान
छायन/महरौनी (ललितपुर)। तीन दिन से होने वाली बारिश से ग्राम छायन में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गांव की गलियों में कई फीट पानी बहता रहा और अनेक घरों में तीन से चार फुट तक पानी घुस गया जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतें उठानी पडीं। लोग पानी से बचाव के लिए अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थान तलाशते नजर आये। सबसे ज्यादा दिक्कतें गरीबों को उठानी पड़ रही हैं जो कच्चे मकानों में जीवन यापन कर रहे हैं। मिटटी के अनेक कच्चे खपरैल घर ढहने के कगार पर हैं। बारिश के पानी से गांव के रामदास सेन और मुन्ना सेन का मकान गिर गया, जिससे काफी नुकसान हुआ है। इन परिवारों के पास खाने पीने का सामान नहीं बचा है और न ही सर छुपाने के लिये छप्पर। इसके अलावा गांव में श्रीराम दुबे ,श्यामलाल कुशवाहा के मकान भी बारिश की वजह से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, मुकेश अहिरवार ,स्वामी लुहार ,नीरज लुहार आदि के मकानों में पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ है।