{"_id":"5850491b4f1c1b676f64ad0a","slug":"railways-land-grabed","type":"story","status":"publish","title_hn":"नर्सरी व रेलव की भूमि पर कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नर्सरी व रेलव की भूमि पर कब्जा
lalitpur
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
प्रशासन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। स्थानीय मुहल्ला गांधीनगर में स्थित मां चंडीमाता मंदिर के पीछे जिला उद्यान विभाग व रेलवे विभाग की हजारों वर्गफुट जमीन पर स्थानीय लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। सरकारी जमीन पर बेखौफ तरीके से हो रहे कब्जे से संबंधित विभागीय अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
स्थानीय चंडीमाता मंदिर के पीछे की ओर स्थित हजारों वर्गफुट जमीन पर जिला उद्यान विभाग की नर्सरी बनी हुई है। इसको उद्यान विभाग के अधिकारियों की उदासीनता ही कहेंगे कि स्थानीय कुछ लोगों ने नर्सरी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके कब्जा कर लिया है और विभागीय अधिकारियों द्वारा अब तक इसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। नर्सरी के सटी हुई खाली पड़ी जमीन रेलवे की है। दोनों विभाग की जमीन मिलाकर हजारों वर्गफुट जमीन पर लोगों ने तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया है। किसी ने अपने बैठने के लिए बगीचा बना लिया है तो किसी ने टीनशेड कराकर अपने वाहन रखने के लिए गैरिज बना लिया है। इसके अलावा कई लोगों ने झोपड़-पट्टी बनाकर गाय-भैसों का तबेला बना लिया है और काफी बड़े-बड़े हिस्से पर कब्जा करके गोबर के कंडे थापते हैं। वर्तमान शमें भी कब्जा करने का सिलसिला जारी है, यदि जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बची हुई जमीन पर कब्जा धारियों द्वारा कब्जा कर लिया जाएगा।
जानकारी है, पर कर भी क्या सकते हैं
जब इस संबंध में जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें विभाग की नर्सरी पर हो चुके अवैध कब्जे की जानकारी है, लेकिन इसको रोकने के लिए वह कर भी क्या सकते हैं। पहले एक-दो बार इन कब्जा धारियों को रोका गया है, लेकिन बाद में दोबारा से वहीं स्थिति बन गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय चंडीमाता मंदिर के पीछे की ओर स्थित हजारों वर्गफुट जमीन पर जिला उद्यान विभाग की नर्सरी बनी हुई है। इसको उद्यान विभाग के अधिकारियों की उदासीनता ही कहेंगे कि स्थानीय कुछ लोगों ने नर्सरी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके कब्जा कर लिया है और विभागीय अधिकारियों द्वारा अब तक इसके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है। नर्सरी के सटी हुई खाली पड़ी जमीन रेलवे की है। दोनों विभाग की जमीन मिलाकर हजारों वर्गफुट जमीन पर लोगों ने तार फेंसिंग कर कब्जा कर लिया है। किसी ने अपने बैठने के लिए बगीचा बना लिया है तो किसी ने टीनशेड कराकर अपने वाहन रखने के लिए गैरिज बना लिया है। इसके अलावा कई लोगों ने झोपड़-पट्टी बनाकर गाय-भैसों का तबेला बना लिया है और काफी बड़े-बड़े हिस्से पर कब्जा करके गोबर के कंडे थापते हैं। वर्तमान शमें भी कब्जा करने का सिलसिला जारी है, यदि जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो बची हुई जमीन पर कब्जा धारियों द्वारा कब्जा कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी है, पर कर भी क्या सकते हैं
जब इस संबंध में जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें विभाग की नर्सरी पर हो चुके अवैध कब्जे की जानकारी है, लेकिन इसको रोकने के लिए वह कर भी क्या सकते हैं। पहले एक-दो बार इन कब्जा धारियों को रोका गया है, लेकिन बाद में दोबारा से वहीं स्थिति बन गई है।
विज्ञापन