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Lalitpur News: बिना पंजीकरण कराए चल रहे निजी अस्पताल
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ललितपुर। डेढ़ वर्ष से नर्सिंग होम बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। मानक पूर्ण न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने इनके पंजीयन का नवीनीकरण नहीं किया है, लेकिन कार्रवाई करना भूल गया। नर्सिंग होमों की लापरवाही से दो लोगों की मौत होने के बाद भी विभाग सीख नहीं ले रहा है।
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केस - एक
एक मार्च 2025 को मोहल्ला आजादपुरा निवासी महिला को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन मेडिकल कॉलेज लाए, जहां उपचार न मिलने पर परिजन एआरटीओ नगर के पास रामनगर क्षेत्र स्थित नर्सिंग होम में ले गए। प्रसव के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई तो उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया। कुछ देर में जच्चा व बच्चा दोनों की मौत हो गई। इसकी जांच में नर्सिंग होम बिना पंजीयन के पाए जाने पर उसे सील किया गया था।
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केस - दो
नौ सितंबर को पांच वर्षीय बच्ची को बुखार आया। परिजन सुबह साढ़े सात बजे बांसी स्थित एक क्लीनिक पर लेकर पहुंचे। चिकित्सक ने इंजेक्शन लगाने के साथ दवा दी और घर जाने के लिए कह दिया। परिजन घर ले गए, जहां बच्ची की हालत बिगड़ गई। परिजन दोबारा सुबह आठ बजे क्लीनिक पर पहुंचे और बच्ची की मौत हो गई। जांच में क्लीनिक का पंजीयन नहीं पाए जाने पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी ने उसे सील कर दिया था।
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31 मार्च 2024 को पंजीयन अवधि हो गई समाप्त
31 अप्रैल 2024 में लगभग एक दर्जन नर्सिंग होम पंजीकृत थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नर्सिंग होम पंजीयन के नवीनीकरण में अग्निशमन विभाग की एनओसी अनिवार्य कर दी। इससे अप्रैल 2024 में अधिकांश नर्सिंग होम मानक पूरे नहीं कर सके। तब से अब तक लगभग दस नर्सिंग होम बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। वहीं, कई में मानक अनुसार स्टॉफ तक नहीं है।
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ये हैं नर्सिंग होम के मानक
- महिला, पुरुष वार्ड अलग-अलग
- वेंटिलेशन की सुविधा
- बहुमंजिला होने पर प्रवेश व निकासी के दो रास्ते
- चिकित्सक व अन्य स्टॉफ की योग्यता
- पार्किंग, पेयजल की सुविधा
- अग्निशमन विभाग की एनओसी
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बिना पंजीयन के चल रहे नर्सिंगहोम संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जल्द ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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केस - एक
एक मार्च 2025 को मोहल्ला आजादपुरा निवासी महिला को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन मेडिकल कॉलेज लाए, जहां उपचार न मिलने पर परिजन एआरटीओ नगर के पास रामनगर क्षेत्र स्थित नर्सिंग होम में ले गए। प्रसव के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई तो उसे मेडिकल कॉलेज भेज दिया। कुछ देर में जच्चा व बच्चा दोनों की मौत हो गई। इसकी जांच में नर्सिंग होम बिना पंजीयन के पाए जाने पर उसे सील किया गया था।
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केस - दो
नौ सितंबर को पांच वर्षीय बच्ची को बुखार आया। परिजन सुबह साढ़े सात बजे बांसी स्थित एक क्लीनिक पर लेकर पहुंचे। चिकित्सक ने इंजेक्शन लगाने के साथ दवा दी और घर जाने के लिए कह दिया। परिजन घर ले गए, जहां बच्ची की हालत बिगड़ गई। परिजन दोबारा सुबह आठ बजे क्लीनिक पर पहुंचे और बच्ची की मौत हो गई। जांच में क्लीनिक का पंजीयन नहीं पाए जाने पर क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी ने उसे सील कर दिया था।
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31 मार्च 2024 को पंजीयन अवधि हो गई समाप्त
31 अप्रैल 2024 में लगभग एक दर्जन नर्सिंग होम पंजीकृत थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नर्सिंग होम पंजीयन के नवीनीकरण में अग्निशमन विभाग की एनओसी अनिवार्य कर दी। इससे अप्रैल 2024 में अधिकांश नर्सिंग होम मानक पूरे नहीं कर सके। तब से अब तक लगभग दस नर्सिंग होम बिना पंजीयन के संचालित हो रहे हैं। वहीं, कई में मानक अनुसार स्टॉफ तक नहीं है।
ये हैं नर्सिंग होम के मानक
- महिला, पुरुष वार्ड अलग-अलग
- वेंटिलेशन की सुविधा
- बहुमंजिला होने पर प्रवेश व निकासी के दो रास्ते
- चिकित्सक व अन्य स्टॉफ की योग्यता
- पार्किंग, पेयजल की सुविधा
- अग्निशमन विभाग की एनओसी
बिना पंजीयन के चल रहे नर्सिंगहोम संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। जल्द ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ