{"_id":"61dde2814548647f2e6db6be","slug":"principal-hanged-himself-in-family-dispute-lalitpur-news-jhs212935746","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारिवारिक कलह में प्रधानाचार्य ने फांसी लगाकर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारिवारिक कलह में प्रधानाचार्य ने फांसी लगाकर दी जान
विज्ञापन
ललितपुर। कोतवाली महरौनी के ग्राम छायन में एक प्रधानाचार्य ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस इसकी वजह पारिवारिक कलह बता रही है।
कोतवाली महरौनी के ग्राम छायन निवासी जगजीवनराम (32) पुत्र नाथूराम अहिरवार ग्राम सौंरई स्थित प्राइवेट स्कूल महात्मा ज्योतिबाफुले इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। बीते रोज रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने घर पहुंचे और खाना खाने के बाद कुछ समय तक बच्चों को खिलाते रहे। इसके बाद वह छत पर कमरे में सोने चले गए।
सुबह जब वह काफी देर तक सोकर नहीं उठे तो परिजनों ने दरवाजे खटखटाकर आवाज लगाई, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो परिजन दरवाजे तोड़कर कमरे में गए, वहां उनका शव रस्सी के सहारे म्यारी पर लटक रहा था। यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी मिलने पर महरौनी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई अरविंद अहिरवार ने बताया कि भाई जगजीवनराम रात को महरौनी से लौटे थे। वह भांजी एवं बच्चों के साथ कुछ समय तक खेलते रहे।
बताया कि भाई व्हाट्सएप पर रात करीब डेढ़ बजे तक ऑनलाइन था। उसकी पत्नी व बच्चे नीचे कमरे में सो रहे थे। हालांकि उसने फांसी किस वजह से लगाई, परिजन इसका कारण नहीं बता पाए। मृतक का एक बेटा और एक बेटी है। बच्चों की उम्र चार-पांच वर्ष है। वह दो भाई व एक बहन में बड़ा था। प्रभारी निरीक्षक महरौनी कामता प्रसाद का कहना है कि युवक एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य था। फांसी लगाने का कारण फिलहाल घरेलू कलह सामने आई है। मामले में जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली महरौनी के ग्राम छायन निवासी जगजीवनराम (32) पुत्र नाथूराम अहिरवार ग्राम सौंरई स्थित प्राइवेट स्कूल महात्मा ज्योतिबाफुले इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। बीते रोज रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने घर पहुंचे और खाना खाने के बाद कुछ समय तक बच्चों को खिलाते रहे। इसके बाद वह छत पर कमरे में सोने चले गए।
सुबह जब वह काफी देर तक सोकर नहीं उठे तो परिजनों ने दरवाजे खटखटाकर आवाज लगाई, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो परिजन दरवाजे तोड़कर कमरे में गए, वहां उनका शव रस्सी के सहारे म्यारी पर लटक रहा था। यह देख परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी मिलने पर महरौनी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई अरविंद अहिरवार ने बताया कि भाई जगजीवनराम रात को महरौनी से लौटे थे। वह भांजी एवं बच्चों के साथ कुछ समय तक खेलते रहे।
विज्ञापन
बताया कि भाई व्हाट्सएप पर रात करीब डेढ़ बजे तक ऑनलाइन था। उसकी पत्नी व बच्चे नीचे कमरे में सो रहे थे। हालांकि उसने फांसी किस वजह से लगाई, परिजन इसका कारण नहीं बता पाए। मृतक का एक बेटा और एक बेटी है। बच्चों की उम्र चार-पांच वर्ष है। वह दो भाई व एक बहन में बड़ा था। प्रभारी निरीक्षक महरौनी कामता प्रसाद का कहना है कि युवक एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य था। फांसी लगाने का कारण फिलहाल घरेलू कलह सामने आई है। मामले में जांच की जा रही है।
विज्ञापन