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प्राथमिक शिक्षक संघ का आंदोलन तेज

Wed, 20 May 2015 12:25 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
ब्यूराे/अमर उजाला Updated Wed, 20 May 2015 12:25 AM IST
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ललितपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने लंबित समस्याओं को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धरने के दूसरे दिन 19 सूत्रीय मांगों को लेकर संघ के पदाधिकारी विभागीय अफसरों को कठघरे में खड़ा करते नजर आए।
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बीएसए कार्यालय परिसर में आयोजित धरना- प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया ने कहा कि प्रत्येक माह की सात तारीख को वेतन भेजने की तिथि तय है। इसके बाद भी शिक्षकों को समय से वेतन नहीं दिया जा रहा है। छात्रों की उपस्थिति कम होने के लिए भी शिक्षक दोषी नहीं है, बल्कि कई कारण हैं। उन्होंने समायोजित शिक्षामित्रों के वेतन अवशेष, लंबित समस्त प्रकार के वेतन अवशेष देयकों का भुगतान एक साथ कराने की मांग की।
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जिला मंत्री कैलाश नारायण तिवारी ने कहा कि ब्लाक मुख्यालय पर कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर व लेखाकार की उपस्थिति प्रतिदिन पूरे समय निश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अधिकांश कर्मी ब्लाक मुख्यालय से गायब रहते हैं। उन्होंने उनके कार्यों का आवंटन करने की भी मांग की। ब्लाक अध्यक्ष बिरधा रामकुमार पाठक ने कहा कि शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई से पूर्व उनसे स्पष्टीकरण नहीं लिए जा रहे हैं।
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ब्लाक मंत्री विनय रजक ने कहा कि वेतन भोगी सहकारी ऋण समिति से शिक्षकों द्वारा ऋण लिए जा रहे हैं, लेकिन उनके वेतन से ऋण की कटौती नहीं की जा रही है। ब्लाक अध्यक्ष बार अरुण गोस्वामी ने कहा कि दिसंबर 2014 में पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को लगभग पांच माह होने को है, लेकिन उनका अभी तक वेतन निर्धारण नहीं किया गया है। धरने पर सुरेंद्र पटैरिया, मनोज शर्मा, रामकिशोर दीक्षित, संतोष रजक, अनूप सैनी, धीरेंद्र प्रताप सिंह, राजेश झा उपस्थित रहे।




चयन वेतनमान का भूले मामला
प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी लंबे समय से चयन वेतनमान में गड़बड़ी का मामला उठाते रहे हैं। इस मामले को लेकर ऐडी बेसिक झांसी, बीएसए व वित्त एवं लेखाधिकारी के समक्ष उठा चुके हैं। पिछले धरना के दौरान इसे प्रमुखता से उठाया गया था। लेकिन, 19 सूत्रीय मांग पत्र में इसका जिक्र नहीं है। जो कि चर्चा का विषय बन गया है।
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