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Lalitpur News: रबी सीजन में नहर के टेल तक पानी पहुंचाने की तैयारी
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ललितपुर। जनपद का किसान खरीफ फसल के बाद अब रबी सीजन में फसल बोआई की तैयारी करने में जुटा हुआ है। इसके लिए किसान खाद-बीज की खरीददारी कर रहा है। वहीं सिंचाई विभाग ने भी रबी सीजन में खेतों के पलेवा के लिए बांधों की नहरों का संचालन दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए नहरों की सिल्ट सफाई सहित झाड़ियों की साफ सफाई कराते हुए नहर के अंतिम छोर टेल तक पानी पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
विध्यांचल पहाड़ी की तलहटी में बसे जनपद के अधिकांश किसान सिंचाई के लिए बांधों से संचालित होने वाली नहरों के पानी पर निर्भर है। यहां भू-गर्भ नलकूप, कुएं से भी सिंचाई की जाती है। वर्तमान में यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। जिसमें भौंरट बांध परियोजना निर्माणाधीन है। फसलों की सिंचाई के लिए इन बांधों और जाखलौन पंप कैनाज से करीब 1242 किलोमीटर लंबी नहरों का जाल बिछा हुआ है। इससे करीब एक लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। नहरों का संचालन करने के लिए विभाग रोस्टर जारी करता है। इसी रोस्टर के अनुसार नहरें संचालित की जाती हैं। रबी सीजन में सिंचाई विभाग पानी को अंतिम छोर टेल तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। जिसके लिए नहरों में झाड़ियाें की सफाई और सिल्ट को साफ कराया जाएगा। सिल्ट सफाई और नहर संचालन का रोस्टर तैयार करने में सिंचाई विभाग जुट गया है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही रोस्टर तैयार हो जाएगा और इसे स्वीकृति मिलने के बाद नहरों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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सिंचाई के लिए बांधों से निकली नहर प्रणाली
बांध का नाम - मुख्य नहरों की लंबाई - सिंचित क्षेत्र
गोविंद सागर बांध - 190.90 किमी - 10820 हेक्टेयर
शहजाद बांध - 116.60 किमी - 14403 हेक्टेयर
जामनी बांध - 230.70 किमी - 10297 हेक्टेयर
सजनाम बांध - 109.08 किमी - 7077 हेक्टेयर
रोहिणी बांध - 19.99 किमी - 1780 हेक्टेयर
लोअर रोहिणी बांध - 19.00 किमी - 1900 हेक्टेयर
उटारी बांध - 20.00 किमी - 2100 हेक्टेयर
बंडई बांध - 14.85 किमी - 1500 हेक्टेयर
राजघाट बांध - 270 किमी - 39000 हेक्टेयर
कचनौंदा बांध - 40.00 किमी - 7850 हेक्टेयर
भावनी बांध - 29.30 किमी - 3800 हेक्टेयर
जमड़ार बांध - 19.00 किमी - 1900 हेक्टेयर
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सिंचाई विभाग के 39 तालाब भी बनते हैं सिंचाई का सहारा
सिंचाई विभाग के जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 39 तालाब हैं। इन तालाबों से करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। इसके लिए कुछ तालाबों में कैनाल निर्मित हैं। जिसके जरिए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है।
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फैक्ट फाइल
- 3.15 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि
- 2.91 लाख हेक्टेयर सिंचित भूमि
- 3120 निजी नलकूप
- 35245 पक्के कूप
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जाखलौन पंप कैनाल से 30 हजार हेक्टेयर भूमि की होती है सिंचाई
राजघाट बांध के पास बेतवा नदी पर जाखलौन पंप कैनाल बना है। इस कैनाल पर पांच पंप लगे हैं। जिससे पानी नहर में पहुंचाया जाता है। पंप कैनाल से 161.80 किलोमीटर लंबी नहर निकली है। इससे करीब 29834 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है।
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रबी सीजन में सिंचाई के लिए नहर का संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। नहर संचालन के लिए रोस्टर बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। रोस्टर के अनुसार नहरों का संचालन होगा। नहरों के अंतिम छोर टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।
-भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड
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विध्यांचल पहाड़ी की तलहटी में बसे जनपद के अधिकांश किसान सिंचाई के लिए बांधों से संचालित होने वाली नहरों के पानी पर निर्भर है। यहां भू-गर्भ नलकूप, कुएं से भी सिंचाई की जाती है। वर्तमान में यहां 14 बांध परियोजनाएं हैं। जिसमें भौंरट बांध परियोजना निर्माणाधीन है। फसलों की सिंचाई के लिए इन बांधों और जाखलौन पंप कैनाज से करीब 1242 किलोमीटर लंबी नहरों का जाल बिछा हुआ है। इससे करीब एक लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। नहरों का संचालन करने के लिए विभाग रोस्टर जारी करता है। इसी रोस्टर के अनुसार नहरें संचालित की जाती हैं। रबी सीजन में सिंचाई विभाग पानी को अंतिम छोर टेल तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। जिसके लिए नहरों में झाड़ियाें की सफाई और सिल्ट को साफ कराया जाएगा। सिल्ट सफाई और नहर संचालन का रोस्टर तैयार करने में सिंचाई विभाग जुट गया है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही रोस्टर तैयार हो जाएगा और इसे स्वीकृति मिलने के बाद नहरों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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सिंचाई के लिए बांधों से निकली नहर प्रणाली
बांध का नाम - मुख्य नहरों की लंबाई - सिंचित क्षेत्र
गोविंद सागर बांध - 190.90 किमी - 10820 हेक्टेयर
शहजाद बांध - 116.60 किमी - 14403 हेक्टेयर
जामनी बांध - 230.70 किमी - 10297 हेक्टेयर
सजनाम बांध - 109.08 किमी - 7077 हेक्टेयर
रोहिणी बांध - 19.99 किमी - 1780 हेक्टेयर
लोअर रोहिणी बांध - 19.00 किमी - 1900 हेक्टेयर
उटारी बांध - 20.00 किमी - 2100 हेक्टेयर
बंडई बांध - 14.85 किमी - 1500 हेक्टेयर
राजघाट बांध - 270 किमी - 39000 हेक्टेयर
कचनौंदा बांध - 40.00 किमी - 7850 हेक्टेयर
भावनी बांध - 29.30 किमी - 3800 हेक्टेयर
जमड़ार बांध - 19.00 किमी - 1900 हेक्टेयर
सिंचाई विभाग के 39 तालाब भी बनते हैं सिंचाई का सहारा
सिंचाई विभाग के जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 39 तालाब हैं। इन तालाबों से करीब 10 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। इसके लिए कुछ तालाबों में कैनाल निर्मित हैं। जिसके जरिए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है।
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फैक्ट फाइल
- 3.15 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि
- 2.91 लाख हेक्टेयर सिंचित भूमि
- 3120 निजी नलकूप
- 35245 पक्के कूप
जाखलौन पंप कैनाल से 30 हजार हेक्टेयर भूमि की होती है सिंचाई
राजघाट बांध के पास बेतवा नदी पर जाखलौन पंप कैनाल बना है। इस कैनाल पर पांच पंप लगे हैं। जिससे पानी नहर में पहुंचाया जाता है। पंप कैनाल से 161.80 किलोमीटर लंबी नहर निकली है। इससे करीब 29834 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है।
रबी सीजन में सिंचाई के लिए नहर का संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। नहर संचालन के लिए रोस्टर बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। रोस्टर के अनुसार नहरों का संचालन होगा। नहरों के अंतिम छोर टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।
-भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड