फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Power officials engaged in through- rate hike

थ्रू-रेट बढ़ाने में जुटे विद्युत अधिकारी

Mon, 11 Jan 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Mon, 11 Jan 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
Power officials engaged in through- rate hike
ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा दिए गए राजस्व वसूली के सापेक्ष थ्रू-रेट बढ़ाने के आदेशों ने विद्युत अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। विभागीय अधिकारियों द्वारा राजस्व वसूली और थ्रू-रेट बढ़ाने की रणनीति तैयार कर टीमों का गठन किया गया है।
विज्ञापन


करीब तीन महीने पूर्व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने जिले के भ्रमण के दौरान विद्युत अधिकारियों को राजस्व वसूली में वृद्धि करने और थ्रू-रेट बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उस समय जनपद में 3.92 रुपये के सापेक्ष मात्र 1.80 रुपये थ्रू-रेट चल रहा था। जिस पर उन्होंने नाराजी व्यक्त कर थ्रू-रेट में हर संभव प्रयास करके चार रुपये तक लाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन


इस कारण अधिशासी अभियंता प्रशांत सिंह की तीनों उपखंडों के उपखंड अधिकारियों एवं सभी अवर अभियंताओं के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया था। विभागीय अधिकारियों द्वारा उपखंडवार राजस्व वसूली टीमें गठित कर विद्युत अभियान चलाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद भी जनपद के दो उपखंडों का थ्रू-रेट कम रहा, जिससे अधिकारियों व अभियंताओं को आला अधिकारियों की नाराजी का भी सामना करना पड़ा। अब एक बार फिर से अधिकारियों द्वारा नगर उपखंड, महरौनी उपखंड, तालबेहट उपखंड और नगर उपखंड में नए सिरे से अभियान चलाने की रणनीति तैयार की गई है।

अधिशासी अभियंता के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने नया फार्मूला बनाया है, इसके तहत विद्युत टीमों के साथ फीडरवार और ट्रांसफार्मरवार हर उपभोक्ता से संपर्क कर राजस्व वसूली की जाएगी। ताकि, उपभोग के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व वसूली की जा सके। साथ ही सरकारी विभागों से भी विद्युत बकाए की वसूली को सूचियां तैयार हो रही हैं, ताकि समय रहते अधिक से अधिक राजस्व वसूला जा सके।

कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को भी सूचीबद्ध कर राजस्व वसूल किया जाएगा। विभाग यदि योजना में सफल हो जाता है तो लक्ष्य के सापेक्ष थ्रू-रेट बढ़ाने में सफलता मिलने की उम्मीद है। इससे जनपद के लिए भी बिजली कटौती से मुक्ति का रास्ता साफ हो सकेगा।


यह है थ्रू-रेट
जितने में बिजली खरीदी गई है और जिले में बिजली आपूर्ति के बाद होने वाली राजस्व वसूली में जो अंतर होता है, वह थ्रू-रेट से समझा जाता है। वर्तमान में थ्रू-रेट 1.80 रुपये चल रहा है, जबकि चार रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed