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पीएम सूर्य घर योजना : रोशन हुए 5,030 घर और 1804 आवेदन लंबित
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ललितपुर। जनपद में पीएम सूर्य घर योजना के तहत पांच हजार से अधिक सौर ऊर्जा कनेक्शन लगाए गए हैं। तीन सौ फाइलें बैंकों में और सौ से अधिक बिजली विभाग में अटकीं पड़ी हैं। नेडा ने उपभोक्ताओं को समय से लाभ दिलाने के लिए पत्राचार किया है। जिले में सौर ऊर्जा से कोयला और पेट्रोलियम जैसे सीमित ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो रही है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 5,030 मकानों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इनमें बीते एक वर्ष में 3,534 सोलर सिस्टम स्थापित हुए हैं। विभाग के अनुसार, इन सोलर सिस्टम से हर माह 15 हजार किलोवाट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। नेडा विभाग को कुल 6,834 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5,030 घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। मार्च 2026 तक बीते एक वर्ष में 3,222 सोलर सिस्टम स्थापित किए गए।
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लक्ष्य और सब्सिडी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मार्च 2027 तक जिले में 27,421 सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य है। अब तक लगाए गए 5,030 सोलर कनेक्शनों में से 4,785 लाभार्थियों को सब्सिडी भी दी जा चुकी है। विभाग के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष में सोलर कनेक्शनों से 2,394 किलोवाट की क्षमता में वृद्धि हुई है। जनपद में स्थापित सोलर सिस्टम से हर माह लगभग 15 हजार किलोवाट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
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लंबित आवेदन
इस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 1,804 आवेदन लंबित चल रहे हैं। इनमें से लगभग तीन सौ आवेदन बैंकों की प्रक्रिया में अटके हुए हैं। वहीं लगभग सौ आवेदन बिजली विभाग के स्तर से लंबित हैं। इसके अलावा बाकी आवेदन विक्रेता स्तर पर लंबित हैं, जिनकी प्रक्रिया जारी है। नेडा विभाग इन लंबित आवेदनों पर सक्रियता से काम कर रहा है।
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सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम
जनपद के विकास भवन समेत 20 सरकारी भवनों पर भी सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। विकास भवन में 52 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम है। कलक्ट्रेट भवन में 40 किलोवाट और अटल आवासीय विद्यालय धौर्रा में 75 किलोवाट क्षमता के सिस्टम स्थापित हैं। महरौनी, पाली, मड़ावरा और तालबेहट तहसीलों पर भी सोलर सिस्टम लगे हैं। सभी छह विकासखंडों, तीन राजकीय हाईस्कूल और चार राजकीय इंटर कॉलेजों के भवनों पर भी सिस्टम स्थापित हैं। इन 20 सरकारी भवनों पर कुल 319 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम हैं।
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सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पादन
जनपद के महरौनी क्षेत्र में कुल आठ सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। ये संयंत्र ग्राम पठा विजयपुरा, बारचौन, महरौनी खुर्द और अमरपुर में हैं। खड़ोवरा और जाखलौन पंप कैनाल क्षेत्र में भी ये संयंत्र स्थित हैं। इन आठ संयंत्रों से कुल 95.5 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।
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जनपद सौर ऊर्जा हब बनने की ओर अग्रसर है। पीएम सूर्य घर योजना और रूफटॉप सोलर सिस्टम के अलावा जिले में बड़े सोलर प्लांट लगाने का काम भी चल रहा है। तालबेहट के पवा में 600 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट पर काम चल रहा है। इसमें तेरा क्लीन को 206.06 एकड़ और टुस्को कंपनी को 2,600 एकड़ के सापेक्ष 2,300 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा हाइड्रोजन प्लांट भी प्रस्तावित है।-अतहर जमाल, परियोजना निदेशक, नेडा।
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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 5,030 मकानों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इनमें बीते एक वर्ष में 3,534 सोलर सिस्टम स्थापित हुए हैं। विभाग के अनुसार, इन सोलर सिस्टम से हर माह 15 हजार किलोवाट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। नेडा विभाग को कुल 6,834 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 5,030 घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। मार्च 2026 तक बीते एक वर्ष में 3,222 सोलर सिस्टम स्थापित किए गए।
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लक्ष्य और सब्सिडी
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मार्च 2027 तक जिले में 27,421 सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य है। अब तक लगाए गए 5,030 सोलर कनेक्शनों में से 4,785 लाभार्थियों को सब्सिडी भी दी जा चुकी है। विभाग के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष में सोलर कनेक्शनों से 2,394 किलोवाट की क्षमता में वृद्धि हुई है। जनपद में स्थापित सोलर सिस्टम से हर माह लगभग 15 हजार किलोवाट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
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लंबित आवेदन
इस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 1,804 आवेदन लंबित चल रहे हैं। इनमें से लगभग तीन सौ आवेदन बैंकों की प्रक्रिया में अटके हुए हैं। वहीं लगभग सौ आवेदन बिजली विभाग के स्तर से लंबित हैं। इसके अलावा बाकी आवेदन विक्रेता स्तर पर लंबित हैं, जिनकी प्रक्रिया जारी है। नेडा विभाग इन लंबित आवेदनों पर सक्रियता से काम कर रहा है।
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सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम
जनपद के विकास भवन समेत 20 सरकारी भवनों पर भी सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। विकास भवन में 52 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम है। कलक्ट्रेट भवन में 40 किलोवाट और अटल आवासीय विद्यालय धौर्रा में 75 किलोवाट क्षमता के सिस्टम स्थापित हैं। महरौनी, पाली, मड़ावरा और तालबेहट तहसीलों पर भी सोलर सिस्टम लगे हैं। सभी छह विकासखंडों, तीन राजकीय हाईस्कूल और चार राजकीय इंटर कॉलेजों के भवनों पर भी सिस्टम स्थापित हैं। इन 20 सरकारी भवनों पर कुल 319 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम हैं।
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सौर ऊर्जा संयंत्रों से उत्पादन
जनपद के महरौनी क्षेत्र में कुल आठ सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं। ये संयंत्र ग्राम पठा विजयपुरा, बारचौन, महरौनी खुर्द और अमरपुर में हैं। खड़ोवरा और जाखलौन पंप कैनाल क्षेत्र में भी ये संयंत्र स्थित हैं। इन आठ संयंत्रों से कुल 95.5 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है।
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जनपद सौर ऊर्जा हब बनने की ओर अग्रसर है। पीएम सूर्य घर योजना और रूफटॉप सोलर सिस्टम के अलावा जिले में बड़े सोलर प्लांट लगाने का काम भी चल रहा है। तालबेहट के पवा में 600 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट पर काम चल रहा है। इसमें तेरा क्लीन को 206.06 एकड़ और टुस्को कंपनी को 2,600 एकड़ के सापेक्ष 2,300 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा हाइड्रोजन प्लांट भी प्रस्तावित है।-अतहर जमाल, परियोजना निदेशक, नेडा।