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कुष्ठ रोगियों को मिलेंगे प्रधानमंत्री आवास
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ललितपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों को आवास दिए जाएंगे। अब तक 58 पात्रों का चयन कर लिया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नियम और शर्तें वहीं हैं, जो प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हैं। लेकिन इस योजना के अंतर्गत जिले में फिलहाल कुष्ठ रोगियों को आवास आवंटित किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत ब्लाक बार में 18 आवास, ब्लाक बिरधा में आठ आवास, ब्लाक जखौरा में चार, मड़ावरा में 14, महरौनी में 10 और तालबेहट ब्लाक में चार आवास आवंटित किए गए हैं।
प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख बीस हजार रुपये आवास निर्माण के लिए दिए जा रहे हैं। यह पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है। पहली किस्त चालीस हजार रुपये, दूसरी किस्त सत्तर हजार रुपये और तीसरी किस्त दस हजार रुपये की आवंटित की जाती है। यदि आवास में पहले से शौचालय नहीं बना है तो शौचालय निर्माण के लिए बारह हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं। कुष्ठ रोगियों को आवास आवंटित करना अपने आप में पहली बार हो रहा है। दरअसल, कुष्ठ रोगियों के प्रति उपेक्षा का व्यवहार न किया जाए, इसलिए यह आवास आवंटित किए गए हैं। इसके लिए जिला कुष्ठ अधिकारी से रोगियों की सूची मांगी गई थी। आवासविहीन रोगियों की सूची को खंड विकास अधिकारी से सत्यापन कराया गया और सूची फाइनल की गई।
आवास विहीन कुष्ठ रोगियों का सत्यापन कराया गया, इसके बाद उनके नाम फाइनल किए गए। अब तक 58 पात्रों का चयन कर आवास आवंटित किए गए हैं।
- बलिराम वर्मा, परियोजना निदेशक
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प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख बीस हजार रुपये आवास निर्माण के लिए दिए जा रहे हैं। यह पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है। पहली किस्त चालीस हजार रुपये, दूसरी किस्त सत्तर हजार रुपये और तीसरी किस्त दस हजार रुपये की आवंटित की जाती है। यदि आवास में पहले से शौचालय नहीं बना है तो शौचालय निर्माण के लिए बारह हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं। कुष्ठ रोगियों को आवास आवंटित करना अपने आप में पहली बार हो रहा है। दरअसल, कुष्ठ रोगियों के प्रति उपेक्षा का व्यवहार न किया जाए, इसलिए यह आवास आवंटित किए गए हैं। इसके लिए जिला कुष्ठ अधिकारी से रोगियों की सूची मांगी गई थी। आवासविहीन रोगियों की सूची को खंड विकास अधिकारी से सत्यापन कराया गया और सूची फाइनल की गई।
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आवास विहीन कुष्ठ रोगियों का सत्यापन कराया गया, इसके बाद उनके नाम फाइनल किए गए। अब तक 58 पात्रों का चयन कर आवास आवंटित किए गए हैं।
- बलिराम वर्मा, परियोजना निदेशक