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नालियों के गंदे पानी से निकलने को मजबूर वार्ड छह के लोग
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ललितपुर। नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता का खामियाजा वार्ड नंबर छह के लोग भुगत रहे हैं। आलम यह है कि मोहल्ले की गलियों और गल्ला मंडी के सामने मुख्य सड़क किनारे नालियों के अभाव में गंदा पानी दुर्गंध दे रहा है। लोग नाली के गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। कई लोग घर छोड़कर चले गए हैं, ईंटें गल गईं, दीवारें भी धसने लगी हैं।
क्षेत्र की स्थिति ऐसी है कि अधिकांश वाहन चालक सड़क से वाहनों को नीचे उतारने में कतराते हैं। कई बाइक चालक गिरकर चुुटहिल हो रहे हैं। सड़क किनारे बाइक की निकासी में वाहनों के फंसने व पैर रखने पर कपड़े खराब होने का खतरा बना हुआ है। पैदल निकलने वाले राहगीरों को भी समस्या हो रही है।
वार्ड में गल्ला मंडी के सामने स्थित मोहल्ला विवेकनगर में ओमप्रकाश के मकान के पास रास्ते में लगभग पचास मीटर की दूरी तक दूषित पानी जमा हुआ है। यहां पर चार पहिया वाहन ही नहीं दो पहिया वाहनों की निकासी भी ठप बनी हुई है। रास्ते में सीसी मार्ग हैं, पर दूषित पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किया गया है। यहां पर लोग गंदे पानी से उठ रही दुर्गंध से ठहरना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में यहां के लगभग 50 घरों के लोग गंदे पानी से निकलने को मजबूर हैं। कई घरों के लोग तो अपना घर छोड़ कर चले गए हैं। दीवारें तक खराब होने लगीं है। गुुम्मे गल गए हैं तो दीवारें भी धसने लगीं हैं। इतना ही नहीं दूषित पानी के जमा होने से उठ रही दुर्गंध से ठहरना तक मुश्किल हो रहा है।
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वार्ड वासियों को पेयजल की सुविधा के लिए पाइप लाइन के साथ ही 32 हैंडपंप भी लगे हुए हैं। लेकिन वर्तमान में करीब 17 हैंडपंप खराब हैं। इनमें अधिकांश हैंडपंपों का सामान खराब हो गया है। कई के पाइप गल गए हैं। इससे पेयजल की समस्या बनी हुई है। पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। कई हैंडपंप तो सड़क किनारे होने के बाद भी खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में राहगीरों को भी पानी की परेशानी हो रही है।
तीन वर्ष से प्रशासन से कर रहे मांग, अब तक नहीं हुई सुनवाई
गल्ला मंडी के सामने स्थित विवेक नगर के लोगों ने बताया कि मोहल्ला में दूषित जलभराव होने की समस्या गंभीर बनी हुई है। पानी की निकासी की मांग को लेकर कई बार अधिशासी अधिकारी और जिला प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं। तीन वर्ष से संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की, लेकिन आश्वासन मात्र ही मिला है। अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
घर के बाहर बच्चे अकेले नहीं निकल पा रहे हैं। विद्यालय जाते समय अभिभावकों को साथ में जाना पड़ता है। कई बार बच्चे गंदे पानी में गिर चुके हैं।
ओमप्रकाश
मकान ऊंचा बना हुआ है। सीढ़ियां लगी हैं लेकिन रास्ते में ज्यादा पानी भर गया है। ऐसे में रात में निकलने में दिक्कत होती है। दिन में भी कई बार गिर चुके हैं।
महेश कुमार
मोहल्ला में गली में दूषित पानी अधिक मात्रा में जमा हो गया है। दुर्गंध से ठहरना तक मुश्किल हो रहा है। कई बार मांग की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
रानी मिश्रा
गंदगी से बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। बीमारियों से बचाव को तमाम अभियान चलाए गए, लेकिन अब तक गंदे पानी निकासी तक नहीं कराई गई है।
कीर्ति जैन
घर में बगल में लगा हैंडपंप दूषित पानी से खराब हो गया है, घर में पहुंचना मुश्किल हो गया है। पड़ोसी गंदे पानी जमा से घर में नहीं पहुंच सका। घर छोड़कर चला गया।
लक्ष्मीबाई
वार्ड में पेयजल की समस्या जटिल है। 32 में 17 हैंडपंप सामान के अभाव में खराब पड़े हुए हैं। विवेक नगर में नाली की समस्या अधिक है। लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। नाली निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
रोहित राठौर, वार्ड पार्षद
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क्षेत्र की स्थिति ऐसी है कि अधिकांश वाहन चालक सड़क से वाहनों को नीचे उतारने में कतराते हैं। कई बाइक चालक गिरकर चुुटहिल हो रहे हैं। सड़क किनारे बाइक की निकासी में वाहनों के फंसने व पैर रखने पर कपड़े खराब होने का खतरा बना हुआ है। पैदल निकलने वाले राहगीरों को भी समस्या हो रही है।
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वार्ड में गल्ला मंडी के सामने स्थित मोहल्ला विवेकनगर में ओमप्रकाश के मकान के पास रास्ते में लगभग पचास मीटर की दूरी तक दूषित पानी जमा हुआ है। यहां पर चार पहिया वाहन ही नहीं दो पहिया वाहनों की निकासी भी ठप बनी हुई है। रास्ते में सीसी मार्ग हैं, पर दूषित पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किया गया है। यहां पर लोग गंदे पानी से उठ रही दुर्गंध से ठहरना तक मुश्किल हो रहा है। ऐसे में यहां के लगभग 50 घरों के लोग गंदे पानी से निकलने को मजबूर हैं। कई घरों के लोग तो अपना घर छोड़ कर चले गए हैं। दीवारें तक खराब होने लगीं है। गुुम्मे गल गए हैं तो दीवारें भी धसने लगीं हैं। इतना ही नहीं दूषित पानी के जमा होने से उठ रही दुर्गंध से ठहरना तक मुश्किल हो रहा है।
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वार्ड वासियों को पेयजल की सुविधा के लिए पाइप लाइन के साथ ही 32 हैंडपंप भी लगे हुए हैं। लेकिन वर्तमान में करीब 17 हैंडपंप खराब हैं। इनमें अधिकांश हैंडपंपों का सामान खराब हो गया है। कई के पाइप गल गए हैं। इससे पेयजल की समस्या बनी हुई है। पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। कई हैंडपंप तो सड़क किनारे होने के बाद भी खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में राहगीरों को भी पानी की परेशानी हो रही है।
तीन वर्ष से प्रशासन से कर रहे मांग, अब तक नहीं हुई सुनवाई
गल्ला मंडी के सामने स्थित विवेक नगर के लोगों ने बताया कि मोहल्ला में दूषित जलभराव होने की समस्या गंभीर बनी हुई है। पानी की निकासी की मांग को लेकर कई बार अधिशासी अधिकारी और जिला प्रशासन को ज्ञापन दे चुके हैं। तीन वर्ष से संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की, लेकिन आश्वासन मात्र ही मिला है। अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
घर के बाहर बच्चे अकेले नहीं निकल पा रहे हैं। विद्यालय जाते समय अभिभावकों को साथ में जाना पड़ता है। कई बार बच्चे गंदे पानी में गिर चुके हैं।
ओमप्रकाश
मकान ऊंचा बना हुआ है। सीढ़ियां लगी हैं लेकिन रास्ते में ज्यादा पानी भर गया है। ऐसे में रात में निकलने में दिक्कत होती है। दिन में भी कई बार गिर चुके हैं।
महेश कुमार
मोहल्ला में गली में दूषित पानी अधिक मात्रा में जमा हो गया है। दुर्गंध से ठहरना तक मुश्किल हो रहा है। कई बार मांग की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
रानी मिश्रा
गंदगी से बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। बीमारियों से बचाव को तमाम अभियान चलाए गए, लेकिन अब तक गंदे पानी निकासी तक नहीं कराई गई है।
कीर्ति जैन
घर में बगल में लगा हैंडपंप दूषित पानी से खराब हो गया है, घर में पहुंचना मुश्किल हो गया है। पड़ोसी गंदे पानी जमा से घर में नहीं पहुंच सका। घर छोड़कर चला गया।
लक्ष्मीबाई
वार्ड में पेयजल की समस्या जटिल है। 32 में 17 हैंडपंप सामान के अभाव में खराब पड़े हुए हैं। विवेक नगर में नाली की समस्या अधिक है। लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। नाली निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
रोहित राठौर, वार्ड पार्षद