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जिले में सूदखोरों के जाल में फंसकर आत्महत्या कर रहे लोग, कौन कसेगा शिकंजा

Sun, 26 Jun 2022 01:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 01:21 AM IST
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People committing suicide by getting trapped in the trap of moneylenders in the district, who will tighten the screws
ललितपुर। जनपद में अगर कोई सूदखोर के जाल में फंस गया तो उसका जिंदा रहना मुश्किल है। सूदखोरों का ब्याज इतनी तेजी से बढ़ता है कि पीड़ित चुका नहीं पाता। इस पर सूदखोर पीड़ित का उत्पीड़न करना शुरू कर देते हैं। बैंक से रुपये निकालने के बाद कर्ज न चुका पाने पर जमीन और जेवरात तक बेचने का दबाव बनाते हैं। इस परेशानी से ऊबकर पीड़ित आत्महत्या को मजबूर हो जाता है। मौत के बाद भी उसे कर्ज से छुटकारा मिल पाता है।
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जनपद में लाइसेंस धारक 82 साहूकारों को छोड़कर सैकड़ों सूदखोरों का जाल फैला है। सूदखोर लोगों से 20 रुपये से 30 रुपये प्रति सैकड़ा का ब्याज वसूल रहे हैं। इनसे रकम लेने के बाद ब्याज राकेट की रफ्तार से बढ़ जाता है। जितनी रकम ब्याज पर ली गई उससे दस गुना अदा करने के बाद भी पीड़ित को छुटकारा नहीं मिलता है। इससे परेशान होकर पीड़ित आत्महत्या कर रहे हैं। एक माह में तीन मामले ऐसे सामने आए जिसमें दो लोगों ने जान दे दी और तीसरा व्यक्ति अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहा है।
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जानकारी के बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे जिससे सूदखोरों का धंधा तेजी से फल फूल रहा है। सूदखोर बिना लाइसेंस के सूद पर रुपये देते है। गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे अवैध रूप से तब तक ब्याज वसूल करते हैं जब तक मूलधन पूरा अदा नहीं होता। जानकारी के अभाव में अक्सर लोग इन सूदखोरों के चक्कर में पड़कर जमीन अथवा जेवरात आदि गिरवीं रखकर रकम तो ले लेते हैं लेकिन ली गई रकम से अधिक ब्याज चुकाने के बाद भी मूलधन बकाया रह जाता है। कुछ तो अपना सब कुछ बेचकर पैसा अदा करते है तो कुछ सूदखोर से परेशान होकर जान दे देते हैं। विगत दिनों हुई घटनाओं में फांसी लगाकर जाने देने वालों की जेब से बरामद कागज पर साफ लिखा था कि ब्याज पर दी रकम न देने पर सूदखोर से परेशान होकर जान दे रहे हैं। पुलिस इसी आधार पर रिपोर्ट तो दर्ज कर लेती लेकिन अवैध रूप से फलफूल रहे इस कारोबार से जुड़े लोगों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। यह स्थित तब है जबकि जनपद में 82 साहूकार लाइसेंस धारक हैं। इन्हें 1.15 रुपये प्रति सैकड़ा पर रुपया देना होता है लेकिन ये साहूकार भी केवल कागजों पर ही चल रहे हैं।
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तहसील स्तर पर लाइसेंसधारी साहूकारों पर एक नजर
तहसील सदर में 63, तालबेहट में पांच, महरौनी में 11, मड़ावरा में दो व पाली में एक ही साहूकार सरकारी अभिलेखों में पंजीकृत हैं। इन साहूकारों को 1.15 रुपये प्रतिमाह की ब्याजदर तय की गई है।
जिले में नहीं है सूदखोरों की लिस्ट
शासन द्वारा अपंजीकृत सूदखोरों से श्रमिकों और किसानों को मुक्ति दिलाने के प्रशासन को सख्त आदेश हैं लेकिन अब तक सूदखोरों को चिह्नित कर न तो लिस्ट बनाई गई और न ही किसी प्रकार की कोई कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस व प्रशासन का सूदखोरी को लेकर यह ढुलमुल रवैया शासन के आदेश के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।
सूदखोर रुपये देने से पहले चेक पर करा लेते हैं हस्ताक्षर
रुपया देने से पहले अक्सर सूदखोर ब्लैंक चेक पर साइन करवा लेते हैं। कई बार वो जमीन भी लिखवा लेते हैं। समय पर रुपये न आने पर सूदखोर सामाजिक बेइज्जती करते हैं। साथ में चेक बाउंस होने पर जेल भिजवाने की धमकी देते है। ऐसे में कर्ज लेने वाले व्यक्ति को आत्महत्या ही एक रास्ता नजर आता हे। सूदखोरों के चंगुल में फंस चुके लोग बताते हैं कि सूदखोर मनमर्जी का ब्याज वसूलते है।
सूदखोरों के चंगुल में फंसकर गंवाई जान
- 30 मई की रात्रि थाना बार अंतर्गत ग्राम गदयाना निवासी दयाराम पुत्र चुक्खू कुशवाहा ने सूदखोरों से तंग आकर खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसका शव परिजनों को 31 मई को फांसी पर लटका मिला था।
- 23 जून को थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम देवरी निवासी खेमचंद पुत्र नारायनदास कुर्मी ने सूदखोरी से तंग आकर अपने खेत पर स्थित मुर्गी फार्म हाउस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
- थाना बानपुर अंतर्गत ग्राम बूटी निवासी जवाहर नाथ ने पुत्रियों की शादी के लिए दो एकड़ तीस डिस्मिल जमीन को एक लाख रुपये में गिरवीं रखा था जिसका ब्याज समेत 35 क्विंटल गेहूं, 30 क्विंटल मटर व 45 हजार रुपये नकद और डेढ़ किलो चांदी के जेवरात गांव वालों के सामने दिए लेकिन अब सूदखोर उसकी संपत्ति को हड़पना चाहते हैं। जमीन वापस मांगने पर फर्जी मुकदमा में फंसवाने की धमकी दे रहा है। इससे परेशान जवाहर नाथ अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।
प्रशासन ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर
ललितपुर। अपर जिलाधिकारी गुलशन कुमार के निर्देश पर जिला साहूकार रजिस्ट्रार ने पत्र जारी करते हुए कहा कि विभिन्न तहसीलों में कार्यरत कतिपय पंजीकृत साहूकारों द्वारा निर्धारित दर से अधिक पर पैसा ब्याज पर दिया जा रहा और मनमाना ब्याज वसूल कर रहे हैं। इसके साथ ही कुछ अन्य अपंजीकृत लोगों द्वारा साहूकारी का कार्य किया जा रहा है। किसी पंजीकृत साहूकार द्वारा अवैध रूप से निर्धारित दर से अधिक दर पर रुपया ब्याज पर दिया जाता है और मनमानी वसूली की जाती है। इसके साथ अपंजीकृत लोगों द्वारा सूदखोरी की जाती है तो इसकी सूचना जिला साहूकारी रजिस्ट्रार या अपर जिलाधिकारी के मोबाइल नंबर 9454417620 पर दी जा सकती है। अथवा इस नंबर पर व्हाट्सएप करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

कर्ज को लेकर बैंकों में कई योजनाएं चल रहीं हैं। जरूरतमंद सूदखोर की जगह बैंक के शाखा प्रबंधकों से संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे उन्हें अधिक ब्याज नहीं देना होगा और आसान किश्तों में कर्ज की अदायगी भी कर सकेंगे।- गुलशन कुमार,एडीएम
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