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ठिठुर रहे हाड़, फिर भी नहीं जले अलाव
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पुलवारा। कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र के मैदानी इलाकों में कोहरे व ठंड का प्रकोप चरम पर है। गलन भरी सर्दी से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन, अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव नहीं जल सके हैं।
प्रशासन द्वारा गांव एवं शहरों के चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती है, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिल सके। लेकिन, इस बार ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक अलाव नहीं जलवाए गए, जिससे लोगों को मजबूरी में सुबह एवं शाम के समय घरों में दुबक कर रहना पड़ रहा है। एक सप्ताह से अधिक समय से कोहरे के कहर का असर दिख रहा है। ठंड से लोग परेशान हैं सभी की दिनचर्या प्रभावित है।
सर्दी के सितम को देखते हुए स्कूलों में अवकाश कर दिया गया है। दिन का तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस तक रह रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में शाम ढलते ही सड़कें सूनी हो जाती हैं। चौराहों पर इक्का - दुक्का लोग ही दिखाई पड़ रहे हैं। सर्द भरी हवाओं में जहां एक ओर सक्षम लोग तो सिर से पैर तक गर्म कपड़ों में लिपट जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र के गरीब तबके के लोग ठंड से राहत के लिए हर वर्ष की तरह प्रशासन की तरफ टकटकी लगाकर देख रहे हैं, लेकिन यह जिम्मेदार अफसरों को नहीं दिख रहा है। शासन द्वारा लोगों को ठंड से बचाव के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन अबकी बार अलाव जलाने के लिए मुहूर्त नहीं बन पाया है। लोगों की परेशानी से अधिकारी मुंह मोड़े हुए हैं।
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---- बार एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव नहीं जलने की जानकारी नहीं है। अगर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं तो जानकारी कर जल्द ही अलाव जलवाए जाएंगे। ताकि, लोगों को सर्दी से राहत मिल सके।
- श्रीकृष्ण, तहसीलदार, तालबेहट
दिसंबर का पूरा महीना बीत जाने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को ठंड से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा कोई उपाय नहीं किए गए। इससे आम जनमानस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से आग्रह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था की जाए।
- पवन रिछारिया, ग्रामीण
ठंड से बचाव के लिए अभी तक प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव नहीं जलवाए हैं। इससे लोग सर्द हवाओं में घरों से नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में हम दुकानदारों की दुकानदारी कम हो गई है।
- पुरुषोत्तम नामदेव, दुकानदार
करीब दस दिन से ठंड बढ़ जाने से घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। पहले तो प्रत्येक वर्ष सर्दी शुरू होते ही कस्बे के चौराहों पर प्रशासन द्वारा अलाव जलवा दिए जाते थे, लेकिन इस बार एक भी जगह अलाव नहीं जलवाए गए। इससे दुकानदारों एवं गांवों से कस्बे में आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
- अरविंद मिश्र,ग्रामीण
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प्रशासन द्वारा गांव एवं शहरों के चौराहों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की जाती है, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिल सके। लेकिन, इस बार ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक अलाव नहीं जलवाए गए, जिससे लोगों को मजबूरी में सुबह एवं शाम के समय घरों में दुबक कर रहना पड़ रहा है। एक सप्ताह से अधिक समय से कोहरे के कहर का असर दिख रहा है। ठंड से लोग परेशान हैं सभी की दिनचर्या प्रभावित है।
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सर्दी के सितम को देखते हुए स्कूलों में अवकाश कर दिया गया है। दिन का तापमान छह से सात डिग्री सेल्सियस तक रह रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में शाम ढलते ही सड़कें सूनी हो जाती हैं। चौराहों पर इक्का - दुक्का लोग ही दिखाई पड़ रहे हैं। सर्द भरी हवाओं में जहां एक ओर सक्षम लोग तो सिर से पैर तक गर्म कपड़ों में लिपट जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्र के गरीब तबके के लोग ठंड से राहत के लिए हर वर्ष की तरह प्रशासन की तरफ टकटकी लगाकर देख रहे हैं, लेकिन यह जिम्मेदार अफसरों को नहीं दिख रहा है। शासन द्वारा लोगों को ठंड से बचाव के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन अबकी बार अलाव जलाने के लिए मुहूर्त नहीं बन पाया है। लोगों की परेशानी से अधिकारी मुंह मोड़े हुए हैं।
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---- बार एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव नहीं जलने की जानकारी नहीं है। अगर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं तो जानकारी कर जल्द ही अलाव जलवाए जाएंगे। ताकि, लोगों को सर्दी से राहत मिल सके।
- श्रीकृष्ण, तहसीलदार, तालबेहट
दिसंबर का पूरा महीना बीत जाने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को ठंड से बचाव के लिए प्रशासन द्वारा कोई उपाय नहीं किए गए। इससे आम जनमानस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से आग्रह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था की जाए।
- पवन रिछारिया, ग्रामीण
ठंड से बचाव के लिए अभी तक प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव नहीं जलवाए हैं। इससे लोग सर्द हवाओं में घरों से नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में हम दुकानदारों की दुकानदारी कम हो गई है।
- पुरुषोत्तम नामदेव, दुकानदार
करीब दस दिन से ठंड बढ़ जाने से घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। पहले तो प्रत्येक वर्ष सर्दी शुरू होते ही कस्बे के चौराहों पर प्रशासन द्वारा अलाव जलवा दिए जाते थे, लेकिन इस बार एक भी जगह अलाव नहीं जलवाए गए। इससे दुकानदारों एवं गांवों से कस्बे में आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
- अरविंद मिश्र,ग्रामीण