फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Patients increased in the hospital, medicines became empty

Lalitpur News: अस्पताल में बढ़े मरीज, खाली हो गईं दवाइयां

Sat, 07 Sep 2024 12:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2024 12:44 AM IST
विज्ञापन
Patients increased in the hospital, medicines became empty
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

महरौनी/ललितपुर। मेडिकल कॉलेज से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की कतार दिखी। डॉक्टर से सलाह के लिए ओपीडी के बाहर उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। चिकित्सकों के अनुसार सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, मलेरिया व डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा हैं।
महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरीजों को दवाइयां देने में हाफ रहा है। शुक्रवार को 300 मरीज यहां आए। इनमें 180 मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम व बुखार के रहे। इनमें अधिकांश मरीजों को परामर्श मात्र ही मिल सका। मरीज जब दवा कक्ष के पास पहुंचे तो दवाइयां नहीं मिल पाईं। कुछ मरीज मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीद लाए, लेकिन निर्धन तबके के मरीजों को समस्या हुई। वह बिना दवाइयों के वापस हो गए। यहां दवाइयों के अलावा कई छोटी-छोटी सामग्री तक नहीं है। ब्लेड, विभिन्न नंबर की निडिल, आईवी सेट, टांके लगाने वाला धागा तक नहीं मिल पा रहा है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विशाल जैन ने बताया कि सीएचसी पर दवाइयां तो आई हैं। फार्मासिस्ट जिला मुख्यालय पर लेने गया है। जल्द ही दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।
विज्ञापन

बिरधा।
सीएचसी बिरधा में प्रतिदिन 200-250 मरीज आ रहे हैं। इनमें वायरल बुखार, खांसी, जुकाम और पेट दर्द के मरीज अधिक हैं। चिकित्सा अधीक्षक छत्रपाल सिंह ने बताया कि मरीजों को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्टॉक भी पर्याप्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
पुलवारा।
शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 150 मरीज आए। इनमें 120 मरीज जुकाम, खांसी व बुखार से ग्रसित थे। कुछ मरीज उल्टी-दस्त व चर्म रोग के थे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि दवा की कोई कमी नहीं है।

---
मेडिकल कॉलेज में बढ़ी रक्त की खपत
मेडिकल कॉलेज में मरीजों के बढ़ने के साथ खून की खपत भी बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जहां 10 से 12 यूनिट रक्त लगता था, अब 18 से 20 यूनिट तक लग रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि प्रसव, ऑपरेशन व प्लेटलेट्स कम होने व एनीमिया के मरीज बढ़ने से यह स्थिति आई है। प्राचार्य डॉ. डीनाथ ने बताया कि मरीजों को सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed