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कुम्हेड़ी जाने वाली बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों को हो रही परेशानी
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महरौनी। महरौनी तहसील के ग्राम कुम्हेड़ी जाने वाली बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को महरौनी पहुंचकर ललितपुर के लिए बस पकड़नी पड़ती है।
ग्राम कुम्हेडी से सुबह आठ बजे खुरई के लिए बस जाती थी, जिससे यात्री मध्यप्रदेश के ग्राम अटा, मालथौन, खिमलासा, बीना, और खुरई की यात्रा कर लेते थे। इसके बाद सुबह नौ बजे रोडवेज बस कुम्हेड़ी से झांसी के लिए जाती थी। बस से यात्रियों को ललितपुर, तालबेहट, झांसी की ओर आने जाने में सुविधा हो जाती थी। लेकिन कुछ समय बाद बस का संचालन बंद हो जाने क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं 11 बजे कुम्हेड़ी-कारीटोरन के लिए बस चलती थी, जिसका संचालन भी बंद हो चुका है। बसों का संचालन बंद हो जाने से गांव कुम्हेड़ी, भूषरा, बारौन, खिरिया भारनजू के लोगों को बसों की जगह ऑटो में बैठकर तहसील मुख्यालय आना पड़ता है। जिससे एक ओर सवारियों को अधिक किराया देना पड़ रहा है, दूसरी ओर यात्रा भी जोखिम भरी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि ऑटो वाले यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए निर्धारित सवारियों से अधिक सवारियों को बैठाकर चलते हैं। ग्रामीणों ने गांव कुम्हेड़ी से बस चलाने की मांग की है।
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लंबे समय से बसें नहीं चलने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। शासन प्रशासन को ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन कराना चाहिए।
-डॉ. आदित्य नारायण बिरथरे
हमारे गांव से खुरई ,डोंगरा, कारीटोरन के लिए बसें चलती थी। जो अब बंद हो जाने से सुबह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बसों का संचालन बंद होने से ऑटो वाले यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऑटो में अधिक सवारियां भरकर ले जाते हैं।
-प्रकाश नारायण ग्राम प्रधान कुम्हेड़ी।
बसों की अपेक्षा ऑटो वाले छात्र-छात्राओं व सवारियों से अधिक किराया लेकर डग्गामारी कर रहे हैं और निर्धारित सवारियों से अधिक सवारियों को भरकर ले जाते हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-दिनेश विदुआ।।
कुम्हेड़ी और क्षेत्र के लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने में टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। जिससे उनका समय और रुपया दोनों अधिक खर्च होता है । बंद पड़ी बसों को शासन प्रशासन को शीघ्र चलवाना चाहिए।
-श्रीराम निरंजन।
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ग्राम कुम्हेडी से सुबह आठ बजे खुरई के लिए बस जाती थी, जिससे यात्री मध्यप्रदेश के ग्राम अटा, मालथौन, खिमलासा, बीना, और खुरई की यात्रा कर लेते थे। इसके बाद सुबह नौ बजे रोडवेज बस कुम्हेड़ी से झांसी के लिए जाती थी। बस से यात्रियों को ललितपुर, तालबेहट, झांसी की ओर आने जाने में सुविधा हो जाती थी। लेकिन कुछ समय बाद बस का संचालन बंद हो जाने क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं 11 बजे कुम्हेड़ी-कारीटोरन के लिए बस चलती थी, जिसका संचालन भी बंद हो चुका है। बसों का संचालन बंद हो जाने से गांव कुम्हेड़ी, भूषरा, बारौन, खिरिया भारनजू के लोगों को बसों की जगह ऑटो में बैठकर तहसील मुख्यालय आना पड़ता है। जिससे एक ओर सवारियों को अधिक किराया देना पड़ रहा है, दूसरी ओर यात्रा भी जोखिम भरी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि ऑटो वाले यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए निर्धारित सवारियों से अधिक सवारियों को बैठाकर चलते हैं। ग्रामीणों ने गांव कुम्हेड़ी से बस चलाने की मांग की है।
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लंबे समय से बसें नहीं चलने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। शासन प्रशासन को ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन कराना चाहिए।
-डॉ. आदित्य नारायण बिरथरे
हमारे गांव से खुरई ,डोंगरा, कारीटोरन के लिए बसें चलती थी। जो अब बंद हो जाने से सुबह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बसों का संचालन बंद होने से ऑटो वाले यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर ऑटो में अधिक सवारियां भरकर ले जाते हैं।
-प्रकाश नारायण ग्राम प्रधान कुम्हेड़ी।
बसों की अपेक्षा ऑटो वाले छात्र-छात्राओं व सवारियों से अधिक किराया लेकर डग्गामारी कर रहे हैं और निर्धारित सवारियों से अधिक सवारियों को भरकर ले जाते हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
-दिनेश विदुआ।।
कुम्हेड़ी और क्षेत्र के लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने में टैक्सी का सहारा लेना पड़ता है। जिससे उनका समय और रुपया दोनों अधिक खर्च होता है । बंद पड़ी बसों को शासन प्रशासन को शीघ्र चलवाना चाहिए।
-श्रीराम निरंजन।