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पांडवन धाम : दलदल से कठिन हुई डगर, श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी

Thu, 21 Jul 2022 12:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 12:33 AM IST
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Pandavan Dham: The road became difficult due to the swamp, devotees are facing trouble
पांडवन नदी का नजारा - फोटो : LALITPUR
ललितपुर/डोंगरा खुर्द। विंध्याचल पर्वत की शृंखला और जामनी नदी के किनारे स्थित सिद्ध क्षेत्र पांडवन धाम में पर्यटकों का आवागमन रहता है। मगर बारिश के चलते रास्ता दलदल होने से इन दिनों यहां पहुंचना कठिन हो गया है। इससे श्रद्धालुओं को जहां मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पर्यटकों की संख्या भी कम हो गई है। जबकि बारिश के मौसम में यहां का नजारा और खूबसूरत हो जाता है। इस सड़क को बनवाने के लिए अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधि तक उदासीन हैं।
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पारौल गांव से पांडवन तक पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर रास्ता जंगल से होकर गुजरता है। पूरा रास्ता कच्चा और ऊबड़-खाबड़ है। पर्यटकों को यहां तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश में रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है। जिससे यहां वाहन ले जाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है।
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वहीं बारिश में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण हरे भरे जंगल के बीच से निकली जामनी नदी, गुफाएं, प्राचीन हनुमान मंदिर और पांडवों द्वारा शिवलिंग के आकार में बनाई गई पांच पिंडिंया इस जगह को धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाती है।
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ये है मान्यता
मान्यता है कि पांडवों को जब एक वर्ष का अज्ञातवास दिया गया था। तब पांचों पांडव यहां आकर रुके और अपना वनवास काल में इन्हीं विंध्याचल पर्वत और घने जंगल के बीच बिताया था। पांडवन धाम के पास जामनी नदी की गहराई करीब 200 फीट है। जिसमें पांडवों का स्थान बीचों-बीच पत्थर की बड़ी चट्टानों और आम के पेड़ के पास है। पिडिंयों के पास जलकुंड स्थित है। इस कुंड में पहाड़ों से निकलकर जल वर्ष भर आता रहता है। नदी के ऊपर प्राचीन हनुमानजी का मंदिर स्थित है। बुजुर्गों ने बताया कि यहां हनुमान जी अहिरावण को अपने चरणों रखे हुए हैं। कहा यह भी जाता है कि यहां पर पांडवों ने नदी किनारे सेरा नृत्य किया था। जिसके निशान पत्थरों पर आज भी मौजूद हैं।
पांडवन धाम पर मकर संक्रांति लगने वाले सात दिवसीय विशाल मेले में यूपी व एमपी के हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले के समय ग्राम प्रधान पारौल एवं ग्रामीणों द्वारा हर साल मिट्टी ङलवाई जाती है लेकिन बारिश में पूरा रास्ता खराब हो जाता है। जनप्रतिनिधियों को यहां तक पक्की सड़क डलवाने के लिए गंभीरता से पहल करनी चाहिए। - दीपेंद्र सिंह
पांडवन सिद्धक्षेत्र काफी प्रसिद्ध एवं प्राचीन काल का है लेकिन सुविधाओं का अभाव है। खासतौर पर बरसात के समय पर्यटकों को पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। पैदल या फिर ट्रैक्टर से जाना पड़ता है। इस ओर पर्यटन विभाग को ध्यान देना चाहिए।- लालू टोटे
पांडवन धाम को जाने वाली सड़क बनवाने के लिए शासन को पत्र भेजा है। इस संबंध में वनमंत्री को भी अवगत कराया है। सड़क निर्माण की स्वीकृत मिलते ही तत्काल काम शुरू कराया जाएगा। - मनोहर लाल पंथ, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री

पर्यटन विभाग पांच सौ मीटर तक संपर्क मार्ग बनवा सकता है। पांडवन धाम सड़क की लंबाई करीब पांच किलोमीटर है। इसलिए अधिक लागत आएगी। किसी अन्य विभाग से सड़क निर्माण कार्य हो सकता है। - कीर्ति, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी झांसी
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