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पान की खेती खराब होने से परेशान किसान ने फांसी लगाकर दी जान
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पाली (ललितपुर)। बृहस्पतिवार को आंधी, बारिश से पान की खेती खराब होने से दुखी पाली में रहने वाले एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी।
गांधी चौक निवासी बालमुकुंद चौरसिया (40) पान की खेती करता था। इस बार भी उसने अपनी और मां के नाम जमीन पर पान की खेती की थी। तीन दिन पहले आई आंधी व बारिश के कारण अन्य किसानों के साथ उसकी भी फसल खराब हो गई थी। इस वजह से वह काफी परेशान था। बृहस्पतिवार की सुबह वह पान की फसल के ऊपर गिरे पड़े बरेजा उठाने के लिए मोहल्ले वालों को बुलाने गया। इसके बाद खेत पर पहुंचा। वहां उसने आम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी।
कुछ देर बाद मोहल्ले वालों ने उसके मोबाइल पर नंबर लगाया, तो फोन नहीं उठा। मोहल्ले वाले एकत्रित होकर पान के गिरे पड़े बरेजा उठवाने के लिए उसके खेत पर पहुंचे। वहां बालमुकुंद का शव एक आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे पर लटक रहा था। सूचना पर पुलिस एवं नायब तहसीलदार विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। परिजनों के अनुसार बालमुकुंद ने पान की खेती में भारी नुकसान होने की वजह से सदमे में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या की है। परिवार में उसकी पत्नी व एक विधवा मां है। उसके कोई संतान नहीं है। नायब तहसीलदार का कहना है कि फसल के नुकसान के लिए लेखपालों की टीम से जांच कराई जाएगी।
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गांधी चौक निवासी बालमुकुंद चौरसिया (40) पान की खेती करता था। इस बार भी उसने अपनी और मां के नाम जमीन पर पान की खेती की थी। तीन दिन पहले आई आंधी व बारिश के कारण अन्य किसानों के साथ उसकी भी फसल खराब हो गई थी। इस वजह से वह काफी परेशान था। बृहस्पतिवार की सुबह वह पान की फसल के ऊपर गिरे पड़े बरेजा उठाने के लिए मोहल्ले वालों को बुलाने गया। इसके बाद खेत पर पहुंचा। वहां उसने आम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी।
कुछ देर बाद मोहल्ले वालों ने उसके मोबाइल पर नंबर लगाया, तो फोन नहीं उठा। मोहल्ले वाले एकत्रित होकर पान के गिरे पड़े बरेजा उठवाने के लिए उसके खेत पर पहुंचे। वहां बालमुकुंद का शव एक आम के पेड़ पर रस्सी के फंदे पर लटक रहा था। सूचना पर पुलिस एवं नायब तहसीलदार विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। परिजनों के अनुसार बालमुकुंद ने पान की खेती में भारी नुकसान होने की वजह से सदमे में आकर फांसी लगाकर आत्महत्या की है। परिवार में उसकी पत्नी व एक विधवा मां है। उसके कोई संतान नहीं है। नायब तहसीलदार का कहना है कि फसल के नुकसान के लिए लेखपालों की टीम से जांच कराई जाएगी।
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