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कारनामा: पालिका ने एडवांस में दे दिए तिरेसठ लाख रुपये
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजनांतर्गत कार्यदायी संस्था को काम करने के लिए पहले ही 63 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। इसका खुलासा तब हुआ, जब ईओ ने पूर्व में कराए गए कार्यों की फाइल का अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने इस मामले में नौ बिंदुओं से नगर पालिका से जानकारी मांगी है। माना जा रहा है कि इसमें जांच बैठना तय है।
नगर निकायों को सौर ऊर्जा पावर प्लांटस के माध्यम से ऊर्जीकृत किया जाना है। प्रदेश में बढ़ रही विद्युत की मांग को ध्यान में रखकर सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते वर्षों में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना के तहत सोलर लाइट विभिन्न चौराहों, मंदिरों में लगवाई गई। इस कार्य का जिम्मा जिस संस्था को दिया गया, उस पर नगर पालिका खूब मेहरबान रही। इस योजना में 4 करोड़ खर्च किए जाने थे, इसमें 63 लाख रुपये कार्यदायी संस्था को अग्रिम निर्गत कर दिए गए। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने मनमाने तरीके से कार्य किया। जो लाइटें लगाई गई, वे ज्यादा दिन तक शहर को रोशन नहीं कर पाई। उस दौरान सभासदों द्वारा इन लाइटों को लगवाने की होड़ मची थी। सभासद चाहते थे कि उनके वार्ड में ज्यादा से ज्यादा लाइट लगाई जाएं। जब इनका रोशन होना बंद हो गया तो वे छला सा महसूस करने लगे। अब आला अधिकारियों की नजर में पूरा मामला आ गया है। आने वाले दिनों में जांच बैठना तय माना जा रहा है। कार्यदायी संस्था के लोगों को इसकी भनक लग गई है तो वे अधिकारियों के इर्दगिर्द मंडराने लगे हैं।
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कंपनी बाग में शोपीस बन गई लाइटें
कंपनी बाग में विभिन्न कोनों पर सोलर लाइट लगाई गई थी, इनमें से लगभग सभी खराब हो गई हैं। किसी की बैटरी गायब है तो किसी की लाइट ही काम नहीं कर रही है। अन्य जगहों पर कुछ ऐसा ही हाल है। कुछ स्थानों पर अकेले पोल ही खड़े हैं।
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पूर्व के वर्षों में जो शहर में सोलर लाइट लगाई गई हैं, उनमें से अधिकांश जल नहीं रही हैं। जिलाधिकारी ने नौ बिंदुओं पर सूचना मांगी है।
निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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नगर निकायों को सौर ऊर्जा पावर प्लांटस के माध्यम से ऊर्जीकृत किया जाना है। प्रदेश में बढ़ रही विद्युत की मांग को ध्यान में रखकर सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते वर्षों में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना के तहत सोलर लाइट विभिन्न चौराहों, मंदिरों में लगवाई गई। इस कार्य का जिम्मा जिस संस्था को दिया गया, उस पर नगर पालिका खूब मेहरबान रही। इस योजना में 4 करोड़ खर्च किए जाने थे, इसमें 63 लाख रुपये कार्यदायी संस्था को अग्रिम निर्गत कर दिए गए। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने मनमाने तरीके से कार्य किया। जो लाइटें लगाई गई, वे ज्यादा दिन तक शहर को रोशन नहीं कर पाई। उस दौरान सभासदों द्वारा इन लाइटों को लगवाने की होड़ मची थी। सभासद चाहते थे कि उनके वार्ड में ज्यादा से ज्यादा लाइट लगाई जाएं। जब इनका रोशन होना बंद हो गया तो वे छला सा महसूस करने लगे। अब आला अधिकारियों की नजर में पूरा मामला आ गया है। आने वाले दिनों में जांच बैठना तय माना जा रहा है। कार्यदायी संस्था के लोगों को इसकी भनक लग गई है तो वे अधिकारियों के इर्दगिर्द मंडराने लगे हैं।
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कंपनी बाग में शोपीस बन गई लाइटें
कंपनी बाग में विभिन्न कोनों पर सोलर लाइट लगाई गई थी, इनमें से लगभग सभी खराब हो गई हैं। किसी की बैटरी गायब है तो किसी की लाइट ही काम नहीं कर रही है। अन्य जगहों पर कुछ ऐसा ही हाल है। कुछ स्थानों पर अकेले पोल ही खड़े हैं।
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पूर्व के वर्षों में जो शहर में सोलर लाइट लगाई गई हैं, उनमें से अधिकांश जल नहीं रही हैं। जिलाधिकारी ने नौ बिंदुओं पर सूचना मांगी है।
निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद