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Lalitpur News: पत्नी की हत्या के शक में पति पर मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश

Wed, 01 Apr 2026 11:57 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:57 PM IST
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Order to file a case against the husband on suspicion of murdering his wife
नौ साल पुराने केस में नया मोड़, जिला जज ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के दिए आदेश
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पति ने वर्ष 2017 में चचेरी बहन व चाची पर दर्ज करवाया था पत्नी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का केस
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला सत्र एवं जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने नौ वर्ष पुराने एक मामले में अहम निर्णय देते हुए मृतका के पति के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पति ने पहले अपनी चचेरी बहन और चाची पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन सुनवाई के दौरान उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला।
थाना गिरार क्षेत्र के ग्राम इमलिया निवासी सुखराम ने 14 जनवरी 2017 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी पत्नी प्रार्थना, चचेरी बहन रचना के साथ चारा काटने गई थी। लौटने के बाद रचना और उसकी चाची कुसुम ने कथित रूप से उसके साथ मारपीट की, जिससे आहत होकर पत्नी ने डीजल डालकर आग लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। तब पुलिस ने रचना और कुसुम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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हालांकि विवेचना और न्यायालय में सुनवाई के दौरान दोनों महिलाओं के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया। केस की पत्रावली का अवलोकन करते समय न्यायाधीश की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गई, जिसमें चिकित्सक ने हत्या की आशंका जताई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतका का मुंह आधा खुला था और जीभ बाहर निकली हुई थी, जो गला दबाने के संकेत हैं। शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए, जो आत्महत्या के मामलों में सामान्यतः नहीं होते। इसके अलावा मृतका के तलवे जले हुए थे, जबकि स्वयं आग लगाने की स्थिति में ऐसा होना संभव नहीं माना गया।
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रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पति ने डीजल से जलाने की बात कही थी, जबकि पोस्टमार्टम में मिट्टी के तेल (केरोसिन) का उल्लेख था। मौके से न तो कोई तेल का बर्तन बरामद हुआ और न ही माचिस मिली। कमरे में अन्य कोई सामान भी जला हुआ नहीं पाया गया, जिससे यह आशंका और मजबूत हुई कि मृतका को कहीं और जलाकर कमरे में लाया गया। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिला जज ने रचना और कुसुम को बरी कर दिया। साथ ही मृतका के पति सुखराम और उसके परिजनों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराने के आदेश जारी किए हैं।
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