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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   OPD proposed CCTV cameras in abeyance

ओपीडी में सीसीटीवी कैमरों का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में

Sun, 16 Aug 2015 11:45 PM IST
ललितपुर ब्यूरो
ललितपुर ब्यूरो Updated Sun, 16 Aug 2015 11:45 PM IST
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ललितपुर। जिला चिकित्सालय में दलालों की घुसपैठ पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ओपीडी में बैठकर दलाल मरीजों का शोषण कर रहे हैं। दलालों की रोकथाम के लिए ओपीडी में सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, वहीं चिकित्सालय बजट न होने का राग अलाप कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
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जिला चिकित्सालय में कुछ डाक्टरों व मेडिकल रिप्रेंटेटिव की साठगांठ सेे बाहर की दवाइयां लिखकर इलाज को आने वाले मरीजों को आर्थिक चपत लगाने का खेल लंबे समय से चल रहा है, जबकि शासन के सख्त निर्देश हैं कि सरकारी अस्पतालों में इलाज को आने वाले मरीजों को सभी सेवाएं मुफ्त मुहैया कराई जाएं, जिला अस्पताल के कुछ डाक्टर शासन के निर्देशों को ताक पर रखकर दलाली प्रथा को बढ़ावा दे रहे हैं। इस खेल की भनक लगने पर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने पिछले वर्ष चिकित्सकों एवं फार्मासिस्टों की टीमें गठित करके ओपीडी की निगरानी व आकस्मिक छापामार कार्रवाई करके ड्यूटी टाइम में ओपीडी में घुसपैठ करने वाले रिप्रिजेंटेटिव को चिह्नित करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे, पर सूत्रों का कहना है कि टीमों में शामिल कुछ डाक्टरों ने इस दिशा में कार्रवाई करने में कोई रुचि नहीं दिखाई, नतीजतन मरीजों के साथ हो रही लूटखसोट पर अंकुश नहीं लग सका, फिर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने नया फार्मूला तैयार किया, जिसके तहत हर ओपीडी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का निर्णय लिया गया था, जिसमें प्रत्येक कार्यदिवस के दौरान सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक की रिकार्डिंग का प्रावधान किया गया था।
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 रिकार्डिंग में एमआर व डाक्टरों की साठगांठ उजागर होने पर दोषियों के खिलाफ सुबूत के साथ कार्रवाई का मसौदा तैयार किया गया था, लेकिन ओपीडी में सीसीटीवी कैमरों की योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई। सुरक्षा के नाम पर महज मुख्य द्वार और हॉल में ही कैमरे लगाकर इतिश्री कर ली गई। ओपीडी कक्षों में कैमरे नहीं लगाए गए। वर्तमान सीएमएस एस के वासवानी का कहना है कि ओपीडी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के अनाधिकृत प्रवेश पर अंकुश लगाने के प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, लेकिन बजट के अभाव में ओपीडी में सीसीटीवी लगाने का कार्य फिलहाल नहीं किया जा सकता है।
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परचा बनवाकर ओपीडी में बैठते एमआर
जिला अस्पताल में पदस्थ कुछ डाक्टरों की ओपीडी में अधिकांश एमआर एक रुपये का पर्चा बनवाकर बैठते हैं, विभागीय अफसरों के निरीक्षण के दौरान वे परचा दिखाकर इलाज को आने की बात कहकर बच निकलते हैं। इतना ही नहीं, कुछ एमआर पत्रकार बनकर अस्पताल में घुसपैठ बढ़ा रहे हैं।


रुकेगा डाक्टरों का वेतन व प्रमोशन
शासन की मंशा है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों को सभी सेवाएं मुफ्त दी जाएं। मरीजों को पंद्रह दिन की दवा वितरण की व्यवस्था भी की गई है। बाहर की दवाइयां लिखने पर सख्त मनाही की गई है। इसका उल्लंघन करने वाले डाक्टरों के वेतन व प्रमोशन रोकने का प्रावधान है।
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