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बस दस मिनट ही हुई पानी आपूर्ति

Sat, 11 Jan 2020 02:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jan 2020 02:33 AM IST
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Only ten minut water supply in lalitpur
ललितपुर। गोविंद सागर बांध के साइफन की मरम्मत कराने के बाद भी शहर के लोअर जोन की जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। शुक्रवार की सुबह जब जलापूर्ति की गई तो दस मिनट के बाद ही नलों से पानी आना बंद हो गया। इससे नागरिकों को मायूसी हाथ लगी। स्थानीय लोग दिन भर आपूर्ति बहाली के संबंध में जानकारी लेते रहे।
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शहर के लोअर जोन में मोहल्ला चौबयाना, रावरपुरा, महावीरपुरा, सरदारपुरा, मऊठाना, रैदासपुरा, नारायणपुरा, श्रद्घानंदपुरा में कई दिनों से जलापूर्ति बाधित बनी हुई है। कहीं एक सप्ताह तो कहीं पंद्रह दिन से आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। इससे लोगों का सब्र जवाब देने लगा है। उधर, विभागीय अफसरों की कोशिश बेकार साबित हो गई, जब साइफन की मरम्मत के बाद भी कुछ क्षेत्रों में दस मिनट की आपूर्ति हो सकी तो कहीं उतना ही पानी नसीब नहीं हुआ। विभागीय अफसर अब तक पेयजल की समस्या का समाधान करने में नाकाम रहे हैं। इससे लोगों में विभाग के गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
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मोहल्ला रैदासपुरा में कई घरों को करीब एक साल से पानी नहीं मिला। यहां की पाइप लाइन चोक बनी हुई है, जिसे कोई भी अधिकारी देखने के लिए नहीं आता है। कई मोहल्लेवासी दस मिनट पानी ले सके और दोबारा से सप्लाई बंद हो गई है। इस कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
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संजू
दिनों में जलापूर्ति बेहतर रही। जैसे ही बारिश का सीजन समाप्त हुआ, वैसे ही आपूर्ति लड़खड़ाने लगी। करीब पंद्रह दिनों से जलापूर्ति की जगह हवा निकल रही है। कोई भी समस्या के समाधान के लिए आगे नहीं आ रहा है।
अनिकेत
हैंडपंप लोगों के लिए सहारा बने हैं। यदि हैंडपंप खराब हो जाते हैं तो बूंद-बूंद पानी का संकट उत्पन्न हो जाता है। कई लोग आधे किलोमीटर की दूरी से पानी भर रहे हैं। कुछ मोहल्लों में एक दिन की आपूर्ति ही सामान्य रही कि आज फिर से आपूर्ति गड़बड़ा गई। राजा
सुबह जब लोग रजाई ओढ़कर ठंड बचाते हैं, तब मोहल्ले के लोग ठिठुरते हुए हैंडपंप से पानी भरते हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति बीमार हो सकता है लेकिन पानी के आगे सब नजरअंदाज कर देते हैं। सुरेंद्र
जल संस्थान के अधिकारी, कर्मचारियों में टीम वर्क का अभाव दिख रहा है। जिस वजह से सर्दियों के दिनों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसा लगता है कि आला अधिकारियों को पेयजल की समस्या से कोई मतलब नहीं रहा, तभी अब तक किसी भी आला अधिकारी ने पेयजल समस्या की सुध नहीं ली है। मनीष

शहर में पेयजल की समस्या गर्मियों में होती रही है लेकिन इस बार सर्दी के मौसम में ऐसा हो रहा है। जो भी रिश्तेदार बाहर से आ रहे हैं, वह पेयजल की समस्या देखकर भौचक्के रह जाते हैं। मकर संक्रांति का पर्व करीब है, यदि ऐसा ही रहा तो कैसे पर्व मनेगा? यह चिंता का सबब बना हुआ है। अनिमेष
साइफन की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। इसके बाद भी आपूर्ति बाधित है तो इसे नए सिरे से दिखवाते हैं। आपूर्ति बहाल करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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