फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Only 40 quintal urad seeds came in government godowns

Lalitpur News: सरकारी गोदामों में आया सिर्फ 40 क्विंटल उड़द का बीज

Wed, 19 Jul 2023 01:17 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Wed, 19 Jul 2023 01:17 AM IST
विज्ञापन
Only 40 quintal urad seeds came in government godowns
खरीफ सीजन में किसानों को बीज के लिए बाजार पर होना पड़ रहा निर्भर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में इस बार दो लाख 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर उड़द बुआई का लक्ष्य रखा गया था। जिसके चलते विभाग सरकारी गोदामों को किसानों को बीज ही उपलब्ध नहीं करा पाया है। किसानों को मजबूरी में बाजार से बीज क्रय करना पड़ा। गोदामों में सिर्फ 40 क्विंटल उड़द का बीज आया है।
जनपद इस वर्ष खरीफ की सीजन में कृषि विभाग किसानों को उड़द के बीज की उपलब्धता नहीं करा पाया है। इस वर्ष उड़द की बुआई का लक्ष्य शासन ने जनपद के लिए 2 लाख 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर निर्धारण किया गया था। एक हेक्टेयर में लगभग 15 किलो गेहूं के बीज की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन

इस प्रकार खरीफ की सीजन में किसानों को लगभग 34 हजार 350 क्विंटल उड़द के बीज की आवश्यकता थी, लेकिन सरकारी गोदामों पर सिर्फ 40 क्विंटल बीज की उपलब्ध हो सका। जिससे किसानों को उड़द के बीज के लिए बाजार पर आश्रित होना पड़ा। बताते चलें कि जनपद में खरीफ की फसल में अधिकांश क्षेत्रों में बुआई हो चुकी है। वर्तमान में जो लापरवाही कृषि विभाग द्वारा की गई है। उससे तो ऐसा ही लग रहा है कहीं पूर्व भांति किसानों का खाद के लिए भी परेशान न होना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन
इस वर्ष किसानों को सरकारी गोदामों पर 40 क्विंटल उड़द का बीज उपलब्ध कराया गया है। खरीफ की फसल में किसान अधिकांश अपने घर का बीज का उपयोग में लाते हैं। इससे ज्यादा मांग वैसे भी नहीं होती है।
-राजीव भारतीय, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed