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ग्रामीण क्षेत्रों में बिलिंग होगी ऑन लाइन
lalitpur
Updated Tue, 07 Feb 2017 12:14 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में बिलिंग होगी ऑन लाइन
- फोटो : demo
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ललितपुर।
बिजली विभाग शहरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाइटेक विद्युत प्रणाली का उपयोग करने जा रही है। जल्द ही आईपीडीएस योजना (इंफ्रास्ट्रक्चर पावर डेवलपमेंट स्कीम) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाइटेक प्रणाली से लैस हैंड बिलिंग और ऑन-लाइन कंप्यूटर बिलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। उपभोक्ता कंप्यूटर से ऑन लाइन बिल निकाल सकेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद विभाग द्वारा योजना शुरु कर दी जाएगी।
जनपद में 34 करोड़ रुपए की लागत से विद्युत व्यवस्था को विकसित किया जाना है। अब विद्युत निगम द्वारा जनपद में आईपीडीएस योजना में चयनित टाउन तालबेहट, पाली व महरौनी में हैंडबिलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके लिए प्रबंध निदेशक कार्यालय आगरा से टेंडर प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। शीघ्र ही यह कार्य शुरु होगा।
इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र की तरह अब उपभोक्ताओं को मीटर रीडर रीडिंग के अनुसार विद्युत बिल निकालकर तत्काल उपलब्ध कराएंगे। इसमें उपभोक्ता खुद बिल की रीडिंग देखकर बिल में होने वाली गड़बड़ी को आसानी से पकड़ सकते हैं। यदि रीडर द्वारा गलत रीडिंग डालकर बिल मुहैया कराया जाता है, तो उपभोक्ता खुद इसकी जांच मौके पर ही कर सकेगा। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं को केंद्रित करते हुए ऑन-लाइन बिलिंग प्रक्रिया भी शुरु की जा रही है। जिसके तहत उपभोक्ताओं द्वारा ऑन-लाइन बिल का भुगतान किया जा सकेगा। इसका कंट्रोल उस क्षेत्र के उपखंड अधिकारी के पास रहेगा, जो ऑन-लाइन ही उपभोक्ताओं के बिलों के संशोधन व भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विद्युत निगम द्वारा आगरा प्रबंध कार्यालय से बिलिंग होने के बाद ही बिलों को उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन अब यह योजना शुरु होने से उपभोक्ताओं को बिलों के भुगतान व सही रीडिंग से बिल की समस्या का समाधान हो सकेगा। वहीं विभाग को भी राजस्व वसूली दोगुनी होने की संभावना है।
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-इनका कहना है-
आइपीडीएस योजना में बिजली चोरी रोकने की दिशा में विभाग द्वारा यह कार्य शुरु किया जा रहा है। दो महीने बाद इस योजना पर कार्य शुरु हो जाएगा। अब तक शहरी क्षेत्र में ही हैंडबिलिंग का कार्य हो रहा था, लेकिन आईपीडीएस योजना में चयनित टाउन क्षेत्रों में हैंडबिलिंग व ऑन-लाइन व्यवस्था शुरु हो जाएगी जिससे बिजली चोरी रोकने के साथ ही राजस्व भी दोगुना होने की उम्मीद है।
-गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत।
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बिजली विभाग शहरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाइटेक विद्युत प्रणाली का उपयोग करने जा रही है। जल्द ही आईपीडीएस योजना (इंफ्रास्ट्रक्चर पावर डेवलपमेंट स्कीम) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाइटेक प्रणाली से लैस हैंड बिलिंग और ऑन-लाइन कंप्यूटर बिलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। उपभोक्ता कंप्यूटर से ऑन लाइन बिल निकाल सकेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद विभाग द्वारा योजना शुरु कर दी जाएगी।
जनपद में 34 करोड़ रुपए की लागत से विद्युत व्यवस्था को विकसित किया जाना है। अब विद्युत निगम द्वारा जनपद में आईपीडीएस योजना में चयनित टाउन तालबेहट, पाली व महरौनी में हैंडबिलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके लिए प्रबंध निदेशक कार्यालय आगरा से टेंडर प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। शीघ्र ही यह कार्य शुरु होगा।
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इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र की तरह अब उपभोक्ताओं को मीटर रीडर रीडिंग के अनुसार विद्युत बिल निकालकर तत्काल उपलब्ध कराएंगे। इसमें उपभोक्ता खुद बिल की रीडिंग देखकर बिल में होने वाली गड़बड़ी को आसानी से पकड़ सकते हैं। यदि रीडर द्वारा गलत रीडिंग डालकर बिल मुहैया कराया जाता है, तो उपभोक्ता खुद इसकी जांच मौके पर ही कर सकेगा। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं को केंद्रित करते हुए ऑन-लाइन बिलिंग प्रक्रिया भी शुरु की जा रही है। जिसके तहत उपभोक्ताओं द्वारा ऑन-लाइन बिल का भुगतान किया जा सकेगा। इसका कंट्रोल उस क्षेत्र के उपखंड अधिकारी के पास रहेगा, जो ऑन-लाइन ही उपभोक्ताओं के बिलों के संशोधन व भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विद्युत निगम द्वारा आगरा प्रबंध कार्यालय से बिलिंग होने के बाद ही बिलों को उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन अब यह योजना शुरु होने से उपभोक्ताओं को बिलों के भुगतान व सही रीडिंग से बिल की समस्या का समाधान हो सकेगा। वहीं विभाग को भी राजस्व वसूली दोगुनी होने की संभावना है।
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-इनका कहना है-
आइपीडीएस योजना में बिजली चोरी रोकने की दिशा में विभाग द्वारा यह कार्य शुरु किया जा रहा है। दो महीने बाद इस योजना पर कार्य शुरु हो जाएगा। अब तक शहरी क्षेत्र में ही हैंडबिलिंग का कार्य हो रहा था, लेकिन आईपीडीएस योजना में चयनित टाउन क्षेत्रों में हैंडबिलिंग व ऑन-लाइन व्यवस्था शुरु हो जाएगी जिससे बिजली चोरी रोकने के साथ ही राजस्व भी दोगुना होने की उम्मीद है।
-गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत।