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Lalitpur News: अब पोस्टमार्टम के लिए नहीं करना होगा दिन होने का इंतजार
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शासन ने रात में भी संचालित करने की दी अनुमति, अभी दिन के उजाले में ही होते थे पोस्टमार्टम
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अब पोस्टमार्टम के लिए सुबह का इंतजार नहीं करना होगा। प्रदेश सरकार ने पोस्टमार्टम हाउस को रात में संचालित करने की अनुमति दे दी है। वर्तमान में सिर्फ दिन के समय ही पोस्टमार्टम होते थे। केवल विशेष परिस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट के अनुमति के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाता रहा है।
शासन ने अब प्रदेश भर के पोस्टमार्टम हाउस में रात के समय भी पोस्टमार्टम करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला मुख्य रूप से उन शोकाकुल परिवारों के दर्द को देखते हुए लिया गया है, जिन्हें अपने प्रियजन का पार्थिव शरीर पाने के लिए पूरी रात और अगला दिन तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ता था। इस नए शासनादेश के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि जिन पोस्टमार्टम हाउस के पास पर्याप्त रोशनी और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, वे सूर्यास्त के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
हालांकि इस व्यवस्था के साथ कुछ विशेष सावधानियां भी रखी गई हैं ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। उदाहरण के तौर पर हत्या, आत्महत्या, बलात्कार जैसे संदिग्ध मामलों में पूरी तरह से खराब हो चुके शवों का पोस्टमार्टम रात में नहीं किया जाएगा, जब तक कि कानून-व्यवस्था की कोई बहुत बड़ी मजबूरी न हो। इन संवेदनशील मामलों को दिन की रोशनी में ही पूरा किया जाएगा, ताकि जांच में कोई सूक्ष्म चूक न रह जाए।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इम्तियाज अहमद बताया कि जिले में अब रात्रि में पोस्टमार्टम हो सकेंगे। सामान्य तौर के केसों में जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति नहीं होगी, लेकिन अगर विशेष कोई प्रकरण है, तो उसमें रात्रि पोस्टमार्टम के लिए जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अब पोस्टमार्टम के लिए सुबह का इंतजार नहीं करना होगा। प्रदेश सरकार ने पोस्टमार्टम हाउस को रात में संचालित करने की अनुमति दे दी है। वर्तमान में सिर्फ दिन के समय ही पोस्टमार्टम होते थे। केवल विशेष परिस्थिति में जिला मजिस्ट्रेट के अनुमति के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाता रहा है।
शासन ने अब प्रदेश भर के पोस्टमार्टम हाउस में रात के समय भी पोस्टमार्टम करने की अनुमति दे दी है। यह फैसला मुख्य रूप से उन शोकाकुल परिवारों के दर्द को देखते हुए लिया गया है, जिन्हें अपने प्रियजन का पार्थिव शरीर पाने के लिए पूरी रात और अगला दिन तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ता था। इस नए शासनादेश के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि जिन पोस्टमार्टम हाउस के पास पर्याप्त रोशनी और आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, वे सूर्यास्त के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
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हालांकि इस व्यवस्था के साथ कुछ विशेष सावधानियां भी रखी गई हैं ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। उदाहरण के तौर पर हत्या, आत्महत्या, बलात्कार जैसे संदिग्ध मामलों में पूरी तरह से खराब हो चुके शवों का पोस्टमार्टम रात में नहीं किया जाएगा, जब तक कि कानून-व्यवस्था की कोई बहुत बड़ी मजबूरी न हो। इन संवेदनशील मामलों को दिन की रोशनी में ही पूरा किया जाएगा, ताकि जांच में कोई सूक्ष्म चूक न रह जाए।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इम्तियाज अहमद बताया कि जिले में अब रात्रि में पोस्टमार्टम हो सकेंगे। सामान्य तौर के केसों में जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति नहीं होगी, लेकिन अगर विशेष कोई प्रकरण है, तो उसमें रात्रि पोस्टमार्टम के लिए जिला मजिस्ट्रेट से अनुमति के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।