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अब तक मिले 30 डेंगू के मरीज
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now a day total dengu paisent in 30
ललितपुर। संचारी रोग नियंत्रण अभियान भी डेंगू पर अंकुश नहीं लगा पाया। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सितंबर में डेंगू के मरीजों की संख्या दो थी लेकिन अक्तूबर आते-आते डेंगू के मरीजों की संख्या 25 हो गई है। यही नहीं, अब मरीजों की संख्या 30 हो गई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में जांच कराने आए दो मरीजों में भी डेंगू के संभावित लक्षण पाए गए। मरीजों की बढ़ रही संख्या से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है।
आमतौर पर मानसून सीजन में तेजी से मच्छरजनित बीमारियां पनपने लगती हैं। इसे ध्यान में रखकर शासन ने इसे काबू करने के लिए तीन चरणों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया, साथ ही संक्रामक बीमारी नियंत्रण का भी अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न विभागों को संचारी रोग नियंत्रण अभियान में शामिल कर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। इसके बाद भी डेंगू बीमारी को फैलने से रोका नहीं जा सका। वहीं, संक्रामक रोगों की रोकथाम करने के लिए विभिन्न तैयारियां की गईं जिसमें कूपों में क्लोरीन, साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया। आशा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर जीवन रक्षक दवाइयां रखवा दी गईं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बीते एक माह में जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। जहां आठ सितंबर को डेंगू के मरीजों की संख्या मात्र दो थी। इसके बाद इसके मरीज कम नहीं हुए। दिनोंदिन डेंगू के मरीज बढ़ते गए। इससे लोगों में डेंगू बीमारी के प्रति भय व्याप्त हो गया है। बीते माह विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम नदनवारा में दो मरीज पाए गए हैं। इसके बाद एक मरीज ग्राम रजवारा में पाया गया है। 11 अक्टूबर तक डेंगू के मरीजों की संख्या 25 हो गई है। यही नहीं, जिला अस्पताल में अब तक डेंगू के संभावित मरीजों की संख्या 30 तक पहुंच गई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में उपचार कराने आए मरीजों में जांच के दौरान दो में और डेंगू के संभावित लक्षण पाए गए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई निरोधात्मक कार्रवाई व रोग नियंत्रण अभियान व अन्य अभियानों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि पाई गई है, उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चिह्नित मरीजों के घर से आस पास के पचास घरों में दवा का छिड़काव कराया गया है। साथ ही सफाई कराने के निर्देश जारी कर सफाई कराई गई। डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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आमतौर पर मानसून सीजन में तेजी से मच्छरजनित बीमारियां पनपने लगती हैं। इसे ध्यान में रखकर शासन ने इसे काबू करने के लिए तीन चरणों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया, साथ ही संक्रामक बीमारी नियंत्रण का भी अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न विभागों को संचारी रोग नियंत्रण अभियान में शामिल कर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। इसके बाद भी डेंगू बीमारी को फैलने से रोका नहीं जा सका। वहीं, संक्रामक रोगों की रोकथाम करने के लिए विभिन्न तैयारियां की गईं जिसमें कूपों में क्लोरीन, साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया गया। आशा, आंगनबाड़ी केंद्रों पर जीवन रक्षक दवाइयां रखवा दी गईं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बीते एक माह में जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। जहां आठ सितंबर को डेंगू के मरीजों की संख्या मात्र दो थी। इसके बाद इसके मरीज कम नहीं हुए। दिनोंदिन डेंगू के मरीज बढ़ते गए। इससे लोगों में डेंगू बीमारी के प्रति भय व्याप्त हो गया है। बीते माह विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम नदनवारा में दो मरीज पाए गए हैं। इसके बाद एक मरीज ग्राम रजवारा में पाया गया है। 11 अक्टूबर तक डेंगू के मरीजों की संख्या 25 हो गई है। यही नहीं, जिला अस्पताल में अब तक डेंगू के संभावित मरीजों की संख्या 30 तक पहुंच गई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में उपचार कराने आए मरीजों में जांच के दौरान दो में और डेंगू के संभावित लक्षण पाए गए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई निरोधात्मक कार्रवाई व रोग नियंत्रण अभियान व अन्य अभियानों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि पाई गई है, उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चिह्नित मरीजों के घर से आस पास के पचास घरों में दवा का छिड़काव कराया गया है। साथ ही सफाई कराने के निर्देश जारी कर सफाई कराई गई। डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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