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भीषण अग्निकांडों से सबक नहीं ले रहे कोचिंग सेंटर
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सुभाषपुरा की कोचिंग सेंटर पर लगा अग्नि यंत्र
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। गुजरात के सूरत और दिल्ली में भीषण अग्निकांड की घटनाओं से भी शहर के कुछ कोचिंग संचालक व निजी मान्यता प्राप्त विद्यालय सबक नहीं ले रहे हैं। कई स्कूल व कोचिंग सेंटर निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इसकी पड़ताल की तो पाया कि मोहल्ला तालाबपुरा स्थित एक कोचिंग सेंटर के पास न तो वाहन पार्किंग की सुविधा है और न ही सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। जबकि, सुभाषपुरा स्थित सेंटर सुविधाओं से लैस मिला।
विद्यालय और कोचिंग सेंटरों में होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए तमाम नियम कायदे बनाए गए हैं, लेकिन इनका पालन करने में कोताही बरती जा रही है। इस कारण अग्निकांड जैसी घटनाएं होती हैं। बीते मई के महीने में गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर में अग्निकांड हुआ था, उसके बाद दिल्ली के फिल्मिस्तान की घटना ताजा है। इसमें कई लोगों की मौत हुई थी, जिस समय सूरत में घटना हुई थी, उस समय राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए कहा था। इसके अनुपालन में जिले के विभिन्न अधिकारियों द्वारा कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया था। शहर के पांच कोचिंग सेंटर कमियों के कारण अर्थदंड भी झेल चुके हैं।
इनमें एक कोचिंग सेंटर से दस हजार रुपये, एक से पच्चीस हजार रुपये, गणित के कोचिंग सेंटर को दस हजार रुपये, कॉमर्स के कोचिंग इंटीट्यूट को दस हजार रुपये और एक अन्य कोचिंग को पच्चीस हजार रुपये जुर्माना राजकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में 256 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, इन सभी को मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, कई संचालक अभी भी मानकों की कसौटी पर खरे उतरने के प्रति बेपरवाह हैं। शहर में ही कई कोचिंग सेंटरों में विभिन्न कमियां बनी हुई हैं।
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मंगलवार को इसकी हकीकत जानने के लिए कोचिंग सेंटरों का जायजा लिया गया। मोहल्ला सुभाषपुरा स्थित कोचिंग सेंटर पर सीसीटीवी कैमरा, अग्निशमन यंत्र और बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा पाई गई। मोहल्ला तालाबपुरा स्थित एक कोचिंग सेंटर में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगे पाए गए। सड़क पर छात्र-छात्राओं के वाहन रखे थे। राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में जर्जर भवन खड़ा है। इसके बगल से ही हर दिन सैकड़ों छात्र अपनी कक्षाओं में आते-जाते हैं, ऐसे में कोई भी हादसा हो सकता है। समाजसेवी राजाराम गोस्वामी ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए नगर पालिका में शिकायती पत्र दे चुके हैं।
कोचिंग सेंटर में अग्निशमक प्रमाण पत्र, सीसीटीवी, फीस अभिलेख और अलग- अलग शौचालय जैसी कमियां पाई गई थीं।
31 मई को प्रदेश के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने 24 मई को गुजरात के सूरत शहर स्थित कोचिंग सेंटर में लगी आग में 18 छात्रों की मृत्यु होने की ओर ध्यान दिलाते हुए लखनऊ व प्रदेश के अन्य जिलों में संचालित प्राइवेट कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए अग्निशमन व अन्य मानकों को निर्धारित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किए जाने के लिए कहा था। इसके अनुपालन में 12 जून को कोचिंग निरीक्षण कमेटी का गठन किया था।
देश में आए दिन कोई न कोई अग्निकांड हो जाता है। इसमें कई घटनाएं बिजली के शार्ट सर्किट से होती हैं। यदि अग्निशमन यंत्र होगा तो दिल्ली जैसे अग्निकांड की घटनाओं को रोका जा सकता है। इस ओर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
- सत्यम सिंह
सीसीटीवी कैमरा प्रत्येक कोचिंग सेंटर पर होना चाहिए। इससे छात्राओं की सुरक्षा पुख्ता हो जाती है। इसके अलावा शरारती तत्व भी कोचिंग के इर्दगिर्द नहीं आते हैं। इसलिए कैमरे आवश्यक रूप से लगाए जाने चाहिए।
- अंशु चौरसिया
कोचिंग सेंटर पर व्यवस्था ठीक है और पढ़ाई का भी माहौल है। सेंटर पर उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
- अंकिता तिवारी
वाहन रखने के लिए बेसमेंट में वाहन सुविधा दी जा रही है। अन्य सेंटरों पर ऐसा देखने के लिए नहीं मिलता है। सभी सेंटरों पर सुविधा होनी चाहिए।
- शैलेंद्र सिंह
विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं, जिन्हें रीफिल भी कराया जा चुका है। सरकारी स्कूलों के भवन भूकंपरोधी बनाए जाते हैं। बहुत सारे विद्यालयों में बिजली कनेक्शन भी हैं। जब चुनाव में मतदान की बारी आती है, उससे पहले लगभग सभी बूथों को बिजली से लैस कर दिया जाता है।
- विनोद कुमार पटैरिया, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर
पुराने भवन को ध्वस्त कराने के लिए फाइल बनाई गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने भवन के इतिहास का ब्योरा मांगा है।
- राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज
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विद्यालय और कोचिंग सेंटरों में होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए तमाम नियम कायदे बनाए गए हैं, लेकिन इनका पालन करने में कोताही बरती जा रही है। इस कारण अग्निकांड जैसी घटनाएं होती हैं। बीते मई के महीने में गुजरात के सूरत में कोचिंग सेंटर में अग्निकांड हुआ था, उसके बाद दिल्ली के फिल्मिस्तान की घटना ताजा है। इसमें कई लोगों की मौत हुई थी, जिस समय सूरत में घटना हुई थी, उस समय राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के लिए कहा था। इसके अनुपालन में जिले के विभिन्न अधिकारियों द्वारा कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया गया था। शहर के पांच कोचिंग सेंटर कमियों के कारण अर्थदंड भी झेल चुके हैं।
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इनमें एक कोचिंग सेंटर से दस हजार रुपये, एक से पच्चीस हजार रुपये, गणित के कोचिंग सेंटर को दस हजार रुपये, कॉमर्स के कोचिंग इंटीट्यूट को दस हजार रुपये और एक अन्य कोचिंग को पच्चीस हजार रुपये जुर्माना राजकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में 256 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, इन सभी को मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, कई संचालक अभी भी मानकों की कसौटी पर खरे उतरने के प्रति बेपरवाह हैं। शहर में ही कई कोचिंग सेंटरों में विभिन्न कमियां बनी हुई हैं।
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मंगलवार को इसकी हकीकत जानने के लिए कोचिंग सेंटरों का जायजा लिया गया। मोहल्ला सुभाषपुरा स्थित कोचिंग सेंटर पर सीसीटीवी कैमरा, अग्निशमन यंत्र और बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा पाई गई। मोहल्ला तालाबपुरा स्थित एक कोचिंग सेंटर में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगे पाए गए। सड़क पर छात्र-छात्राओं के वाहन रखे थे। राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में जर्जर भवन खड़ा है। इसके बगल से ही हर दिन सैकड़ों छात्र अपनी कक्षाओं में आते-जाते हैं, ऐसे में कोई भी हादसा हो सकता है। समाजसेवी राजाराम गोस्वामी ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए नगर पालिका में शिकायती पत्र दे चुके हैं।
कोचिंग सेंटर में अग्निशमक प्रमाण पत्र, सीसीटीवी, फीस अभिलेख और अलग- अलग शौचालय जैसी कमियां पाई गई थीं।
31 मई को प्रदेश के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने 24 मई को गुजरात के सूरत शहर स्थित कोचिंग सेंटर में लगी आग में 18 छात्रों की मृत्यु होने की ओर ध्यान दिलाते हुए लखनऊ व प्रदेश के अन्य जिलों में संचालित प्राइवेट कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए अग्निशमन व अन्य मानकों को निर्धारित करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किए जाने के लिए कहा था। इसके अनुपालन में 12 जून को कोचिंग निरीक्षण कमेटी का गठन किया था।
देश में आए दिन कोई न कोई अग्निकांड हो जाता है। इसमें कई घटनाएं बिजली के शार्ट सर्किट से होती हैं। यदि अग्निशमन यंत्र होगा तो दिल्ली जैसे अग्निकांड की घटनाओं को रोका जा सकता है। इस ओर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
- सत्यम सिंह
सीसीटीवी कैमरा प्रत्येक कोचिंग सेंटर पर होना चाहिए। इससे छात्राओं की सुरक्षा पुख्ता हो जाती है। इसके अलावा शरारती तत्व भी कोचिंग के इर्दगिर्द नहीं आते हैं। इसलिए कैमरे आवश्यक रूप से लगाए जाने चाहिए।
- अंशु चौरसिया
कोचिंग सेंटर पर व्यवस्था ठीक है और पढ़ाई का भी माहौल है। सेंटर पर उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
- अंकिता तिवारी
वाहन रखने के लिए बेसमेंट में वाहन सुविधा दी जा रही है। अन्य सेंटरों पर ऐसा देखने के लिए नहीं मिलता है। सभी सेंटरों पर सुविधा होनी चाहिए।
- शैलेंद्र सिंह
विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र लगे हुए हैं, जिन्हें रीफिल भी कराया जा चुका है। सरकारी स्कूलों के भवन भूकंपरोधी बनाए जाते हैं। बहुत सारे विद्यालयों में बिजली कनेक्शन भी हैं। जब चुनाव में मतदान की बारी आती है, उससे पहले लगभग सभी बूथों को बिजली से लैस कर दिया जाता है।
- विनोद कुमार पटैरिया, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर
पुराने भवन को ध्वस्त कराने के लिए फाइल बनाई गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने भवन के इतिहास का ब्योरा मांगा है।
- राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज

सुभाषपुरा की कोचिंग सेंटर के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा- फोटो : LALITPUR