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Lalitpur News: त्वरित आर्थिक विकास व बुंदेलखंड राज्यांश निधि का जनपद में दो वर्ष से नहीं आया एक भी धेला
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। त्वरित आर्थिक विकास व बुंदेलखंड राज्यांश निधि का दो वर्ष से एक रुपये भी जनपद को नहीं मिला है। जिससे जनपद के कई विकास प्रस्ताव रुके हुए हैं। ऐसे में जनपद का विकास थम गया है।
इन मदों से बड़ी व आवश्यक योजनाओं का धन मिलता है। लेकिन शासन ने दो वर्ष से इस योजना के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी है।
शासन की ओर से त्वरित आर्थिक विकास निधि व बुंदेलखंड राज्यांश निधि के तहत जनपदों में धनराशि भेजी जाती है। इस धनराशि के प्रस्ताव पूर्व में विभागवार तैयार होकर जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाता था। लेकिन वर्तमान सरकार अब सीधे विभाग से प्रस्ताव नहीं लेती है। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव लिए जाते हैं, इसके बाद मुख्यमंत्री जब इसकी स्वीकृति देते हैं। तो इसके नियोजन विभाग से जिलाधिकारी से जनपदस्तर से स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजे जाते हैं। लेकिन पिछले दो वर्ष से एक भी जनप्रतिनिधि के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। जिससे शहर के विकास योजनाएं प्रभावित हुई हैं। त्वरित विकास योजनाओं में कई सड़क मार्ग के प्रस्ताव हैं, जो ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इसके अलावा बुंदेलखंड राज्यांश निधि के भी कई प्रस्ताव शासनस्तर से लंबित हैं।
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त्वरित आर्थिक विकास के कई प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं, साथ ही बुंदेलखंड निधि राज्यांश का धनराशि न मिलने के कारण मलिन बस्ती में सड़कों का प्रस्ताव रुका हुआ है। हालांकि शासनस्तर पर पत्राचार किया है, जल्द ही धनराशि मिलने के बाद विकास कराए जाएंगे।
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रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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त्वरित आर्थिक विकास व बुंदेलखंड निधि राज्यांश से दो वर्षों से अधिक समय से धनराशि न आने से कई प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं। इस संबंध में शासनस्तर पर वार्ता की जाएगी। जल्द ही विकास योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए इन योजनाओं की धनराशि लाई जाएगी।
मनोहर लाल पंथ, राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग
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ललितपुर। त्वरित आर्थिक विकास व बुंदेलखंड राज्यांश निधि का दो वर्ष से एक रुपये भी जनपद को नहीं मिला है। जिससे जनपद के कई विकास प्रस्ताव रुके हुए हैं। ऐसे में जनपद का विकास थम गया है।
इन मदों से बड़ी व आवश्यक योजनाओं का धन मिलता है। लेकिन शासन ने दो वर्ष से इस योजना के किसी भी प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं दी है।
शासन की ओर से त्वरित आर्थिक विकास निधि व बुंदेलखंड राज्यांश निधि के तहत जनपदों में धनराशि भेजी जाती है। इस धनराशि के प्रस्ताव पूर्व में विभागवार तैयार होकर जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाता था। लेकिन वर्तमान सरकार अब सीधे विभाग से प्रस्ताव नहीं लेती है। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव लिए जाते हैं, इसके बाद मुख्यमंत्री जब इसकी स्वीकृति देते हैं। तो इसके नियोजन विभाग से जिलाधिकारी से जनपदस्तर से स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजे जाते हैं। लेकिन पिछले दो वर्ष से एक भी जनप्रतिनिधि के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। जिससे शहर के विकास योजनाएं प्रभावित हुई हैं। त्वरित विकास योजनाओं में कई सड़क मार्ग के प्रस्ताव हैं, जो ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इसके अलावा बुंदेलखंड राज्यांश निधि के भी कई प्रस्ताव शासनस्तर से लंबित हैं।
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त्वरित आर्थिक विकास के कई प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं, साथ ही बुंदेलखंड निधि राज्यांश का धनराशि न मिलने के कारण मलिन बस्ती में सड़कों का प्रस्ताव रुका हुआ है। हालांकि शासनस्तर पर पत्राचार किया है, जल्द ही धनराशि मिलने के बाद विकास कराए जाएंगे।
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रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
त्वरित आर्थिक विकास व बुंदेलखंड निधि राज्यांश से दो वर्षों से अधिक समय से धनराशि न आने से कई प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं। इस संबंध में शासनस्तर पर वार्ता की जाएगी। जल्द ही विकास योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए इन योजनाओं की धनराशि लाई जाएगी।
मनोहर लाल पंथ, राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग