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अफसरों की नहीं, अब चलेगी हमारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2016 01:03 AM IST
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school, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में अफसरों व शिक्षकों की आपसी जुगलबंदी से रोक के बाद भी संबद्घीकरण का खेल फलीभूत हो रहा है। जिससे परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था बाधित होने लगी है। वहीं, अभिभावकों ने भी शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करना शुरू कर दिया है।
परिषदीय शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत हर साल लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षा में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। जिलास्तरीय अफसरों के निरीक्षण में यह तथ्य उजागर हो रहे हैं। शैक्षिक सत्र की शुरूआत में शासन शिक्षकों के संबद्घीकरण को काफी गंभीरता से ले रहा है। बीते महीनाें में बेसिक शिक्षा सचिव ने ग्रीष्मावकाश होने के पहले बीएसए को संबद्घ शिक्षकों को मूल विद्यालय में भेजने के निर्देश दिए थे, जिससे विभाग में खलबली मच गई थी।
खंड शिक्षा अधिकारियों ने आनन फानन में कार्रवाई करते हुए अधिकांश संबद्घ शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय जाने के लिए पत्र निर्गत कर दिए थे। लेकिन, जुलाई माह समाप्त होते-होते संबद्घीकरण में जुगाड़ का खेल फिर से फलीभूत होने लगा है। कई खंड शिक्षा अधिकारी बिना किसी भय के शिक्षकों को मनमाफिक स्थानों पर संबद्घ कर रहे हैं।
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ब्लॉक जखौरा में तो कुछ शिक्षक, शिक्षिकाओं को अभी तक नहीं हटाया गया है और उनका संबद्घीकरण कई सालों से अनवरत चल रहा है। ब्लॉक महरौनी में संबद्घीकरण ने पुन: गति पकड़ ली है। जिस वजह से अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा का स्तर खराब हो जाने से अभिभावकों ने जिला प्रशासन से शिकायतों करना शुरू कर दिया है। ब्लॉक मड़ावरा में भी शिक्षकों की बड़े पैमाने पर अस्थाई ड्यूटी लगी हुई हैं। ब्लॉक तालबेहट के प्राथमिक विद्यालय हिंगौरा के अनिल गुप्ता का अस्थाई संबद्घीकरण पकड़ा गया। उनकी ड्यूटी प्राथमिक विद्यालय खिपटिया में बताई गई।
सीडीओ को दिया शिकायती पत्र
ग्राम कुम्हैड़ी के मुन्ना तिवारी ने सीडीओ को शिकायती पत्र देकर अस्थाई ड्यूटी समाप्त कर शिक्षक को मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है। शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुम्हैड़ी में कार्यरत प्रधानाध्यापक को नियम विपरीत संकुल सिलावन का प्रभारी बना दिया है, जिससे उनका विद्यालय में जाना बंद हो गया है और अब वह बीआरसी पर ज्यादा समय दे रहे हैं। इसके अलावा पूर्व माध्यमिक विद्यालय भैरा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय उल्दनाकलां, धुरवारा, पथराई, रुकवाहा आदि स्कूलों से अनुदेशकों की अस्थाई ड्यूटी यहां से वहां लगा दी गई हैं।
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परिषदीय शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत हर साल लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके बाद भी शिक्षा में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है। जिलास्तरीय अफसरों के निरीक्षण में यह तथ्य उजागर हो रहे हैं। शैक्षिक सत्र की शुरूआत में शासन शिक्षकों के संबद्घीकरण को काफी गंभीरता से ले रहा है। बीते महीनाें में बेसिक शिक्षा सचिव ने ग्रीष्मावकाश होने के पहले बीएसए को संबद्घ शिक्षकों को मूल विद्यालय में भेजने के निर्देश दिए थे, जिससे विभाग में खलबली मच गई थी।
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खंड शिक्षा अधिकारियों ने आनन फानन में कार्रवाई करते हुए अधिकांश संबद्घ शिक्षकों को उनके मूल विद्यालय जाने के लिए पत्र निर्गत कर दिए थे। लेकिन, जुलाई माह समाप्त होते-होते संबद्घीकरण में जुगाड़ का खेल फिर से फलीभूत होने लगा है। कई खंड शिक्षा अधिकारी बिना किसी भय के शिक्षकों को मनमाफिक स्थानों पर संबद्घ कर रहे हैं।
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ब्लॉक जखौरा में तो कुछ शिक्षक, शिक्षिकाओं को अभी तक नहीं हटाया गया है और उनका संबद्घीकरण कई सालों से अनवरत चल रहा है। ब्लॉक महरौनी में संबद्घीकरण ने पुन: गति पकड़ ली है। जिस वजह से अधिकांश विद्यालयों में शिक्षा का स्तर खराब हो जाने से अभिभावकों ने जिला प्रशासन से शिकायतों करना शुरू कर दिया है। ब्लॉक मड़ावरा में भी शिक्षकों की बड़े पैमाने पर अस्थाई ड्यूटी लगी हुई हैं। ब्लॉक तालबेहट के प्राथमिक विद्यालय हिंगौरा के अनिल गुप्ता का अस्थाई संबद्घीकरण पकड़ा गया। उनकी ड्यूटी प्राथमिक विद्यालय खिपटिया में बताई गई।
सीडीओ को दिया शिकायती पत्र
ग्राम कुम्हैड़ी के मुन्ना तिवारी ने सीडीओ को शिकायती पत्र देकर अस्थाई ड्यूटी समाप्त कर शिक्षक को मूल विद्यालय में भेजने की मांग की है। शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुम्हैड़ी में कार्यरत प्रधानाध्यापक को नियम विपरीत संकुल सिलावन का प्रभारी बना दिया है, जिससे उनका विद्यालय में जाना बंद हो गया है और अब वह बीआरसी पर ज्यादा समय दे रहे हैं। इसके अलावा पूर्व माध्यमिक विद्यालय भैरा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय उल्दनाकलां, धुरवारा, पथराई, रुकवाहा आदि स्कूलों से अनुदेशकों की अस्थाई ड्यूटी यहां से वहां लगा दी गई हैं।