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गोशाला में बिना जिलाधिकारी की अनुमति के नहीं मिलेगा प्रवेश

Wed, 23 Dec 2020 01:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2020 01:20 AM IST
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no entry in cow shelter, magistrate permission needed
ललितपुर /महरौनी। सौजना गोशाला मे गोवंशों की मौत का मामला तूल पकड़ते देख जिलाधिकारी ने गोशालाओं में जनप्रतिनिधियों समेत सभी के प्रवेश पर रोक लगा दी है। अब बिना जिलाधिकारी की अनुमति के कोई भी व्यक्ति गोशालाओें में प्रवेश नहीं कर पाएगा। जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार का कहना है कि जांच में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है।
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अन्ना पशुओं की रक्षा के लिए खोली गई गोशालाओं में लगातार गड़बड़ियों की शिकायत मिल रही है। विगत दिनों सौजना गोशाला में गड़बड़ियों की वजह से हुई गोवंश की मौत के मामले को समाचार पत्रों ने प्रमुखता से उठाया। इसका परिणाम रहा कि कांग्रेसियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को लखनऊ तक उछाला। इस पर जिलाधिकारी ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल और स्थानीय पशु चिकित्साधिकारी को निलंबित कर दिया था। बीते सोमवार को कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष मोंटी शुक्ला और यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अंकित यादव समेत 11 लोगों ने घंटाघर पर मुंडन कराकर नगर भ्रमण किया था और मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
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स्थानीय लोगों की मानें तो जिलाधिकारी ने यह आदेश मामले को दबाने के उद्देश्य से दिया है, ताकि अब और अधिक गड़बड़ियों का पता न चल सके। वहीं, उपजिलाधिकारी महरौनी मो. कमर ने कहा कि गोशाला में प्रवेश के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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क्या है स्थिति
सौजना गोशाला में गोवंशों को केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है। गोवंशों को कभी भी हरा चारा नही डाला जाता है और न ही भूसा में चोकर आटा मिला कर दिया जाता है। पौष्टिक आहार नहीं मिलने से गोवंश कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। गोवंशों को अपनी प्यास बुझाने के लिए कीचड़युक्त पानी पीना पड़ रहा है। यहां गोवंशों को पानी पीने के लिए पक्की हौदी भी नहीं बनाई गई है। भूसा भी नीचे डाल कर खाने के लिए छोड़ दिया जाता है। गोशाला में कोई प्रवेश न कर सके, इसके लिए पुलिस तैनात कर दी गई है।
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जिलाधिकारी द्वारा सभी के लिए प्रवेश निषेध किया जाना गलत है। गोसेवकों और मीडिया के लिए प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए। राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों पर प्रतिबंध लगाना उचित है।

- दीपक तिवारी, प्रखंड अध्यक्ष विश्व हिन्दू परिषद, तहसील अध्यक्ष गोसेवा मंडल महरौनी।
चारागाह उत्पादक स्थल पर खेती
ललितपुर। जिला के ग्राम कल्यानपुरा में पूर्व जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा बनाए गए मॉडल गोआश्रय स्थल में पांच हजार गोवंशों के ठहरने के इंतजाम है। कर्मचारी द्वारा 2677 गोवंश ठहरने की जानकारी दी गई। देखरेख करने के लिए मनरेगा योजनांतर्गत 35 लोगों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा इसका शुभारंभ किया गया था। जिलाधिकारी के आदेश पर किसी के भी अंदर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। गोशाला के पशुओं के लिए छोड़े गए हरे चारे के स्थान पर किसानों ने गेहूं की फसल उगाई है। इससे पशुओं को हरे चारे की जगह सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। गेट पर पीआरडी जवान तैनात कर दिए गए हैं, ताकि कोई प्रवेश न कर सके। गोशाला के पशुओं के लिए छोड़े गए हरे चारे के स्थान पर किसानों ने गेहूं की फसल उगाई है। इससे पशुओं को हरे चारे की जगह सूखा भूसा डाला जा रहा है। गेट पर पीआरडी के जवान तैनात कर दिए गए हैं ताकि कोई प्रवेश न कर सके।
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