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Lalitpur News: नीलगाय रौंद रहे फसल, किसान कर रहे रतजगा

Thu, 12 Dec 2024 12:36 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2024 12:36 PM IST
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Nilgai is trampling crops, farmers are keeping alert
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिलावन (ललितपुर)। महरौनी तहसील के किसानों के लिए नीलगाय की समस्या विकराल होती जा रही है। रात होते ही नीलगाय झुंड में गेहूं, चना, मटर व अन्य फसलों में टूट पड़ती हैं। किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए ठंड में परेशान होना पड़ रहा है।
नीलगायों से फसल बचाने के लिए किसान कड़ाके की ठंड में परिवार सहित रातभर जागने को मजबूर हैं। नीलगायों को रोकने के लिए कोई ठोस उपाय न किए जाने से किसानों में जबरदस्त आक्रोश है। किसानों ने जानवरों द्वारा नष्ट फसल का मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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इन क्षेत्रों में बढ़ा नीलगायों का आतंक :
महरौनी तहसील के ग्राम भदौरा, छापछौल, गुढ़ा, छपरट, गगनियां, चौकी, दिगवार, गुंदरापुर, पठा, मिदरवाहा, किसरदा, पचौडा, चक, समोगर, कुरौरा, भौरट, भैरा, सतलींगा, गुमची, बम्हौरी बहादुर सिंह, पड़वा, पाह, बूटी, अजनौरा, बिल्ला, गंगचारी, बनौनी, जरया, कलौथरा, बैरबारा, बजर्रा, सिलावन, टेंनगा आदि गांव वन प्रभाग क्षेत्र छपरट से सटे हैं। जंगली इलाका होने के कारण यहां नीलगायों का आतंक चरम पर है। इस कारण किसानों की चना, मटर व गेहूं आदि की फसल बर्बाद हो रही है।
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हमलावर भी हो रही नीलगाय : किसान बताते हैं कि अब तो नीलगाय हमलावर भी हो जाती हैं। कई बार खेतों से भगाने पर वह उल्टा उन पर ही हमलावर हो जाती हैं, जिससे कई किसान चोटिल भी हो चुके हैं। किसान कई सालों से अधिकारियों से वन क्षेत्र में तार बाउंड्री करने की मांग करते चले आ रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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रात के अंधेरे में नीलगायों के झुंड के झुंड खेतों में घुस जाते हैं जो फसल को खाकर और रौंद कर नष्ट कर देते हैं। यदि वन क्षेत्र की सीमा पर 12 फीट ऊंची जालीदार तार बाउंड्री लग जाए तो काफी हद तक इस समस्या से निजात मिल सकती है।-हाकिम सिंह, प्रधान किसरदा।
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किसानों के लिए नीलगायों की समस्या नासूर बनती जा रही है। इनके आतंक से फसल को बचाने के लिए मय परिवार के डेरा खेतों पर ही जमा हुआ है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो किसानों को खेती किसानी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।-घनश्याम, भदौरा।
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क्षेत्र में आवारा जानवर और नीलगाय की समस्या विकराल होती जा रही है। जानवर फसल को काफी क्षति पहुंचा रहे हैं। खेतों की सुरक्षा करना मुश्किल हो रहा है। जनप्रतिनिधियों को भी इससे कोई सरोकार नहीं है।-कालीचरन चौबे, किसरदा
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वन क्षेत्र में नीलगायों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में इनके आतंक से किसानों को गांव भी खाली करना पड़ सकता है।-राघवेंद्र, समोगर
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