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धीमी नेट कनेक्टिविटी ने रुलाया

Mon, 14 Nov 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 14 Nov 2016 01:10 AM IST
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Net connectivity slow cry
bank bhed, lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
रविवार का दिन बैंक में लेन-देन व रुपए एक्सचेंज करने वालों के लिए अच्छा नहीं रहा। पूरे दिन बैंकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या बनी रही। इससे काम की रफ्तार धीमी रही। बैंक ऑफ बड़ौदा में तो शाम चार बजे तक काम ठप रहा। लाइन में लगे व्यापारियों व अन्य लोगों के हंगामे के कारण कुछ बैंकों के बाहर अफरातफरी रही। उन पर पुलिस कर्मियों की डपट भी काम नहीं आई। 
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रविवार को बैंकों व डाकघरों को छोड़कर समस्त सरकारी दफ्तर व बाजार बंद रहे। इससे बैंकों के बाहर अधिक संख्या में लोग और व्यापारी पहुंचे। सुबह से ही बैंकों में बीएसएनएल का सर्वर डाउन हो गया। इससे काम की रफ्तार धीमी हो गई। एसबीआई, डाकघर व कुछ अन्य बैंकों की शाखाओं में इंटरनेट की रफ्तार बीच-बीच में कम-ज्यादा होती रही। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में इंटरनेट की रफ्तार सामान्य रही। शनिवार की तरह रविवार को भी शाम चार बजे के बाद अधिकतर बैंकों में काम बंद कर दिया गया। पंजाब नेशनल बैंक व एसबीआई बैंक की सिटी शाखाओं में करीब छह बजे तक रुपए एक्सचेंज किए गए। 
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सुबह से बैंकों में रुपए जमा करने के लिए लाइन में लगे व्यापारियों और शहरियों को जब पता चला कि नेट कनेक्टिविटी न मिलने से सर्वर डाउन है, तो उनका धैर्य टूटने लगा। इससे धक्कामुक्की शुरू हो गई और अफरातफरी मच गई। ग्रामीण व मजदूर वर्ग पर तो पुलिस कर्मियों ने कंट्रोल कर लिया। लेकिन बैंकों के बाहर खड़े पढ़े-लिखे लोगों पर पुलिस की डपट काम नहीं आ सकी। शाम तक लोग एक-दूसरे पर गिरते-संभलते रहे। पीएनबी की घंटाघर शाखा में तो भीड़ का आलम यह रहा कि महिलाओं व वृद्धों को तो लाइन लगाने के लिए भी जगह नहीं मिली। कड़ी मशक्कत के बाद महिलाएं किसी तरह बैंक के अंदर जा सकीं।
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चूल्हा-चौका छोड़कर लाइन में लगी महिलाएं 
पुरुषों की अपेक्षा बैंकों में रुपए जमा करने, निकालने व एक्सचेंज करने के लिए महिलाओं को बैंक के अंदर जाने में कम संघर्ष करना पड़ता है। इसी बात का फायदा उठाते हुए रविवार को कई शहरी लोग अपने घरों की महिलाओं को लेकर बैंकों में लेन-देन करने के पहुंच गए। विगत तीन दिनों की तुलना में रविवार को बैंकों व डाकघरों में महिलाओं की संख्या अधिक नजर आई है। महिलाएं घर का चूल्हा-चौका छोड़कर सुबह से ही बैंक के बाहर कतार लगाकर खड़ी हो गईं।

बैंक ऑफ बड़ौदा में ठप रहा काम, एक ही काउंटर बनाया
सिविल लाइन क्षेत्र में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा में इंटरनेट सुबह से ठप रहा। लोगों को बैंक के बाहर सुबह से शाम चार बजे तक लाइन में ही खड़ा रहना पड़ा। इससे कई लोग मायूस होकर लौट गए। चार बजे के बाद नेटवर्क आया तो करीब एक घंटे तक लेन-देन का काम हुआ। बैंक ऑफ बड़ौदा में रुपए एक्सचेंज करने व खातों से रुपए निकालने के लिए एक ही काउंटर की व्यवस्था है, जबकि भारतीय रिजर्ब बैंक के सख्त नियम हैं कि रुपए एक्सचेंज करने के लिए सभी बैंकों में अतिरिक्त काउंटर लगाए जाएं। लेकिन बैंक प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया है।

पूरा दिन लाइन में इंतजार करते ही बीता
बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लाइन में लगे गुलाब सिंह निवासी ग्राम पटना ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से ही लाइन में लगे हैं। इंटरनेट नहीं आने से पांच बजे तक लाइन में ही खड़े रहे, इसके बाद भी बैंक से लेन-देन नहीं हो सका। भूख व प्यास से बुरा हाल हो गया है।


सुबह से लगी लाइन में, शाम को बना काम
ग्राम रोड़ा निवासी रामकुंवर अपने बच्चे के साथ सुबह 11 बजे से बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर लाइन में लगी हुई थीं, दिन भर लाइन में खड़े होने के बाद पांच बजे वह अपने खाते में रुपए जमा कर सकीं। उन्होंने बताया कि वह घर में अपने एक और बच्चे को छोड़कर आई थीं, पता नहीं उसका क्या हाल होगा। 
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