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लापरवाही : छह वर्ष से गोदाम में रखे 27.30 लाख के सिंचाई पाइप
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ललितपुर। एक ओर सरकार किसानों को तमाम योजनाओं के जरिए सुविधाएं दे रही हैं। दूसरी तरफ, विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से योजनाएं दम तोड़ रही हैं। यही हाल लघु सिंचाई विभाग में बुंदेलखंड पैकेज द्वितीय के तहत आए पाइप का है। पिछले छह साल से ये पाइप गोदाम में रखे हुए हैं।
वर्ष 2017-18 में बुंदेलखंड पैकेज द्वितीय के तहत सिंचाई की सुविधा के लिए 2517 किसानों के लिए पाइप वितरण की योजना आई थी। हर किसान को लगभग सात हजार रुपये के पाइप दिए जाने थे। किसानों ने पाइप के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही पाइप मिल जाएंगे। शासन ने पहली किस्त में लक्ष्य सापेक्ष 390 किसानों को पाइप विभाग को भेज दिए।
लेकिन, छह वर्ष बीतने के बाद भी अब तक इन पाइपों का वितरण नहीं किया जा सका है। जबकि, लगभग 27.30 लाख रुपये के पाइप विभाग के गोदाम में पड़े हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आवेदन के सापेक्ष कम पाइप आने से समस्या हुई है। ऐसे में पात्रों का चयन नहीं किया जा सका था। इससे पाइप वितरण नहीं किए जा सके।
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लक्ष्य के सापेक्ष आपूर्ति हुई थी कम
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017-18 में लगभग 2517 किसानों को पाइप वितरण का लक्ष्य आया था, जिसके सापेक्ष महज 390 किसानों को ही पाइप प्राप्त हुए थे। लक्ष्य के सापेक्ष कम मिलने से वितरण करने के लिए किसानों का चयन नहीं किया जा सका था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब चयन किया जा चुका है। जल्द ही वितरण किए जाएंगे।
जिम्मेदार देते ध्यान तो लाभान्वित होते किसान
लघु सिंचाई विभाग को बुंदेलखंड पैकेज द्वितीय के अंतर्गत पाइप वर्ष 2017-18 में मिल गए थे, लेकिन जिम्मेदारों ने पाइप वितरण में रुचि नहीं दिखाई। यही कारण है कि छह वर्ष बाद भी वितरण नहीं किया जा सका। इससे समय पर किसानों को पाइप नहीं मिल सके। इससे कई किसानों ने तो उम्मीद तक छोड़ दी है।
बुंदेलखंड पैकेज द्वितीय के अंतर्गत विभाग को वर्ष 2017-18 में पाइप मिल गए थे। इनके वितरण के लिए किसानों का चयन हो चुका है। जल्द ही वितरित किए जाएंगे। - नायर आलम, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग।
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वर्ष 2017-18 में बुंदेलखंड पैकेज द्वितीय के तहत सिंचाई की सुविधा के लिए 2517 किसानों के लिए पाइप वितरण की योजना आई थी। हर किसान को लगभग सात हजार रुपये के पाइप दिए जाने थे। किसानों ने पाइप के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही पाइप मिल जाएंगे। शासन ने पहली किस्त में लक्ष्य सापेक्ष 390 किसानों को पाइप विभाग को भेज दिए।
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लेकिन, छह वर्ष बीतने के बाद भी अब तक इन पाइपों का वितरण नहीं किया जा सका है। जबकि, लगभग 27.30 लाख रुपये के पाइप विभाग के गोदाम में पड़े हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आवेदन के सापेक्ष कम पाइप आने से समस्या हुई है। ऐसे में पात्रों का चयन नहीं किया जा सका था। इससे पाइप वितरण नहीं किए जा सके।
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लक्ष्य के सापेक्ष आपूर्ति हुई थी कम
विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017-18 में लगभग 2517 किसानों को पाइप वितरण का लक्ष्य आया था, जिसके सापेक्ष महज 390 किसानों को ही पाइप प्राप्त हुए थे। लक्ष्य के सापेक्ष कम मिलने से वितरण करने के लिए किसानों का चयन नहीं किया जा सका था। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब चयन किया जा चुका है। जल्द ही वितरण किए जाएंगे।
जिम्मेदार देते ध्यान तो लाभान्वित होते किसान
लघु सिंचाई विभाग को बुंदेलखंड पैकेज द्वितीय के अंतर्गत पाइप वर्ष 2017-18 में मिल गए थे, लेकिन जिम्मेदारों ने पाइप वितरण में रुचि नहीं दिखाई। यही कारण है कि छह वर्ष बाद भी वितरण नहीं किया जा सका। इससे समय पर किसानों को पाइप नहीं मिल सके। इससे कई किसानों ने तो उम्मीद तक छोड़ दी है।
बुंदेलखंड पैकेज द्वितीय के अंतर्गत विभाग को वर्ष 2017-18 में पाइप मिल गए थे। इनके वितरण के लिए किसानों का चयन हो चुका है। जल्द ही वितरित किए जाएंगे। - नायर आलम, अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग।