{"_id":"67e996005c3b207c9405b7fc","slug":"navratri-ghat-establishment-done-in-temples-and-houses-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-132483-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र : मंदिरों और घरों पर की गई घट स्थापना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र : मंदिरों और घरों पर की गई घट स्थापना
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन देवी मंदिरों व घरों में विधि विधान के साथ घट स्थापना कर हवन पूजन किया गया। सभी देवी मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से पूजन अर्चन शुरू किया गया।
रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर लोगों ने दुर्गाजी की आराधना की और सात बजे से विधि विधान के साथ मंत्रोच्चार करते हुए घट स्थापना के साथ दुर्गा पाठ किया। शहर के मुख्य मंदिर ललितेश्वरी देवी माता मंदिर, तालाबपुरा स्थित छोटी देवी माता मंदिर, चौबयाना स्थित काली बऊआ मंदिर, चंडी माता मंदिर, जुगपुरा स्थित जागेश्वरी देवी मंदिर, नेहरूनगर स्थित देवी मंदिर, तुवन मंदिर स्थित देवी मंदिर, बड़ा मंदिर स्थित सिद्धेश्वरी देवी मंदिर, रावरपुरा स्थित देवी मंदिर, महावीरपुरा स्थित देवी मंदिर में सुबह से लोग जल अर्पण के लिए गए और देवी आराधना की।
यहां श्रद्धालुओं ने रोली, चावल, फूल अर्पित किए और देवी के सामने माथा टेका। नवरात्र के शुरू होने पर श्रद्धालुओं ने पहले ही दिन से व्रत शुरू किया, जो नौ दिनों तक चलेगा। बहुत से लोग जो व्रतधारी नहीं हैं, उन्होंने भी सादा खानपान के साथ कई प्रकार का त्याग करने का निर्णय लिया, जैसे कुछ लोगों ने नौ दिनों तक जूता चप्पल पहनना छोड़ दिया। कुछ लोग घरों में खप्परों में जवारे भी बोते हैं, जो देवी प्रतीक माने जाते हैं। शहर में कई जगह विधि विधान के साथ 11, 21, 51 तक खप्परों में जवारे बोए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन देवी मंदिरों व घरों में विधि विधान के साथ घट स्थापना कर हवन पूजन किया गया। सभी देवी मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से पूजन अर्चन शुरू किया गया।
रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर लोगों ने दुर्गाजी की आराधना की और सात बजे से विधि विधान के साथ मंत्रोच्चार करते हुए घट स्थापना के साथ दुर्गा पाठ किया। शहर के मुख्य मंदिर ललितेश्वरी देवी माता मंदिर, तालाबपुरा स्थित छोटी देवी माता मंदिर, चौबयाना स्थित काली बऊआ मंदिर, चंडी माता मंदिर, जुगपुरा स्थित जागेश्वरी देवी मंदिर, नेहरूनगर स्थित देवी मंदिर, तुवन मंदिर स्थित देवी मंदिर, बड़ा मंदिर स्थित सिद्धेश्वरी देवी मंदिर, रावरपुरा स्थित देवी मंदिर, महावीरपुरा स्थित देवी मंदिर में सुबह से लोग जल अर्पण के लिए गए और देवी आराधना की।
विज्ञापन
यहां श्रद्धालुओं ने रोली, चावल, फूल अर्पित किए और देवी के सामने माथा टेका। नवरात्र के शुरू होने पर श्रद्धालुओं ने पहले ही दिन से व्रत शुरू किया, जो नौ दिनों तक चलेगा। बहुत से लोग जो व्रतधारी नहीं हैं, उन्होंने भी सादा खानपान के साथ कई प्रकार का त्याग करने का निर्णय लिया, जैसे कुछ लोगों ने नौ दिनों तक जूता चप्पल पहनना छोड़ दिया। कुछ लोग घरों में खप्परों में जवारे भी बोते हैं, जो देवी प्रतीक माने जाते हैं। शहर में कई जगह विधि विधान के साथ 11, 21, 51 तक खप्परों में जवारे बोए।
विज्ञापन