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आस्था का संगम: रणछोड़ धाम पर बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
Tue, 17 Jan 2023 12:29 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Tue, 17 Jan 2023 12:29 AM IST
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मेले में सजी दुकानें।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धौर्रा(ललितपुर)। रणछोड़ धाम पर चल रहे मेले में क्षेत्र के अलावा मध्यप्रदेश के कई जनपदों से आ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। श्रद्धालु बेगवंती नदी में स्नान के साथ ही नौ कुंडीय यज्ञ का परिक्रमा कर धर्म लाभ ले रहे हैं। मेला क्षेत्र में गत वर्षो के सापेक्ष दुकानों की संख्या भी इस बार बढ़ी हुई है। सर्वाधिक बिक्री घरेलू सामान की महिलाए कर रहीं हैं। वहीं बच्चे झूले का लुत्फ उठाते हुए खिलौना खरीद रहे हैं। मेले की भव्यता को लेकर यहां आए लोगों से अपनी अपनी बात कह रहे हैं।
रणछोड़ धाम मानव कल्याण समिति क्षेत्र व मध्यप्रदेश में मकर संक्रांति से एक माह पहले भ्रमण करके श्रद्धालुओं को यज्ञ और मेले की तिथि बताकर आमंत्रित करने का कार्य करती है। इस परंपरा को आज भी कायम रखे हैं। - सनमान यादव, कोषाध्यक्ष मानव कल्याण समिति
पहले लोग मेले में आते थे तो अपने साथ खाने की व्यवस्था रखते थे लेकिन कुछ सालों से यज्ञ व मेले में आए सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए भंडारा कराया जा रहा है।-कृष्णा नंद महाराज मेला व्यवस्थापक
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पिछले 20 साल से मकर संक्रांति पर लगने वाले मेले में आ रहा हूं। पहले यहां श्रद्धालु पैदल आते थे। कोई साधन नहीं रहता था रुकने का भी कोई स्थान नहीं था। अब तो हजारों श्रद्धालुओं के रुकने और भोजन का इंतजाम है। - चुन्नीलाल, श्रद्धालु
15 वर्ष की उम्र से पिता के साथ रणछोड़ धाम मेले में आ रहे हैं। आज भी उसी परंपरा को निभाते आ रहे हैं। पहले से रणछोड़ धाम में काफी परिवर्तन हो गया है। श्रद्धालुओं को सभी तरह की सुविधाए हैं। ये अच्छा प्रयास है।-राजा, श्रद्धालु, मध्य प्रदेश
रणछोड़ धाम पर हो रहे धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र का वातावरण धर्ममय हो गया है। यहां आने वालों को कोई असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - धीरज यादव, प्रबंधक मानव कल्याण समिति रणछोड़ धाम
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रणछोड़ धाम मानव कल्याण समिति क्षेत्र व मध्यप्रदेश में मकर संक्रांति से एक माह पहले भ्रमण करके श्रद्धालुओं को यज्ञ और मेले की तिथि बताकर आमंत्रित करने का कार्य करती है। इस परंपरा को आज भी कायम रखे हैं। - सनमान यादव, कोषाध्यक्ष मानव कल्याण समिति
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पहले लोग मेले में आते थे तो अपने साथ खाने की व्यवस्था रखते थे लेकिन कुछ सालों से यज्ञ व मेले में आए सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए भंडारा कराया जा रहा है।-कृष्णा नंद महाराज मेला व्यवस्थापक
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पिछले 20 साल से मकर संक्रांति पर लगने वाले मेले में आ रहा हूं। पहले यहां श्रद्धालु पैदल आते थे। कोई साधन नहीं रहता था रुकने का भी कोई स्थान नहीं था। अब तो हजारों श्रद्धालुओं के रुकने और भोजन का इंतजाम है। - चुन्नीलाल, श्रद्धालु
15 वर्ष की उम्र से पिता के साथ रणछोड़ धाम मेले में आ रहे हैं। आज भी उसी परंपरा को निभाते आ रहे हैं। पहले से रणछोड़ धाम में काफी परिवर्तन हो गया है। श्रद्धालुओं को सभी तरह की सुविधाए हैं। ये अच्छा प्रयास है।-राजा, श्रद्धालु, मध्य प्रदेश
रणछोड़ धाम पर हो रहे धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र का वातावरण धर्ममय हो गया है। यहां आने वालों को कोई असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - धीरज यादव, प्रबंधक मानव कल्याण समिति रणछोड़ धाम