{"_id":"61005c0d8ebc3e093137f810","slug":"mother-child-death-rates-mitigete-are-target-lalitpur-news-jhs2005526164","type":"story","status":"publish","title_hn":"मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना मुख्य उद्देश्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाना मुख्य उद्देश्य
विज्ञापन
कार्यशाला में मौजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। मंगलवार को एक होटल में परिवार नियोजन व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद शुक्ला ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या दर के बीच संतुलन बनाने के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण समय की सबसे बड़ी जरूरत है। परिवार में दो बच्चे होने पर सीमित साधनों का उपयोग बेहतर जीवन प्रदान किया जा सकता है। इसलिए ‘बच्चे दो ही अच्छे’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन का मुख्य उद्देश्य मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर पर कहा कि यह अभी सुनिश्चित नहीं है कि तीसरी लहर आएगी ही, लेकिन जिन परिवारों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं, वह लोग टीकाकरण कराएं।
परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अजय भाले ने कहा परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी इस वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी की अपेक्षा बहुत ही सरल और आसान है। इसका कोई दुष्प्रभाव भी शरीर पर नहीं पड़ता है, इसलिए किसी भी भ्रम में पड़े बगैर पुरुष वर्ग आगे आए। महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. देशराज ने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा संभावित तीसरी लहर का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ने की बात कही जा रही है, उसको देखते हुए स्टाफ के प्रशिक्षण के साथ ही अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। कोरोना अभी ख़त्म नहीं हुआ है, इसलिए हमें कोविड प्रोटोकाल को भूलना नहीं है।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रजिया फिरोज ने कहा कि गर्भवती के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए हर माह की नौ तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है। जहां पर उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को चिह्नित किया जाता है और उनके सुरक्षित प्रसव को लेकर खास सतर्कता बरती जाती है।
डीसीपीएम गणेश ने स्वास्थ्य सेवाओं में फ्रंटलाइन वर्कर की भूमिका की सराहना की और कहा कि योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में उनका योगदान सराहनीय है। सीफार के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर शशिधर द्विवेदी ने संस्था के बारे में जानकारी दी और क्रियाकलापों पर प्रकाश डालकर सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन शालिनी ने किया। इस दौरान झांसी व चित्रकूट मंडल की समन्वयक सोनम राठौर, जिला कार्यक्रम समन्वयक आरफा, डॉ. डीसी दोहरे, डॉ. तारिक, राहुल आर्या आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविंद प्रसाद शुक्ला ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या दर के बीच संतुलन बनाने के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण समय की सबसे बड़ी जरूरत है। परिवार में दो बच्चे होने पर सीमित साधनों का उपयोग बेहतर जीवन प्रदान किया जा सकता है। इसलिए ‘बच्चे दो ही अच्छे’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन का मुख्य उद्देश्य मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर पर कहा कि यह अभी सुनिश्चित नहीं है कि तीसरी लहर आएगी ही, लेकिन जिन परिवारों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं, वह लोग टीकाकरण कराएं।
विज्ञापन
परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अजय भाले ने कहा परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी इस वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि पुरुष नसबंदी, महिला नसबंदी की अपेक्षा बहुत ही सरल और आसान है। इसका कोई दुष्प्रभाव भी शरीर पर नहीं पड़ता है, इसलिए किसी भी भ्रम में पड़े बगैर पुरुष वर्ग आगे आए। महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. देशराज ने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा संभावित तीसरी लहर का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ने की बात कही जा रही है, उसको देखते हुए स्टाफ के प्रशिक्षण के साथ ही अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। कोरोना अभी ख़त्म नहीं हुआ है, इसलिए हमें कोविड प्रोटोकाल को भूलना नहीं है।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रजिया फिरोज ने कहा कि गर्भवती के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए हर माह की नौ तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जाता है। जहां पर उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को चिह्नित किया जाता है और उनके सुरक्षित प्रसव को लेकर खास सतर्कता बरती जाती है।
डीसीपीएम गणेश ने स्वास्थ्य सेवाओं में फ्रंटलाइन वर्कर की भूमिका की सराहना की और कहा कि योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में उनका योगदान सराहनीय है। सीफार के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर शशिधर द्विवेदी ने संस्था के बारे में जानकारी दी और क्रियाकलापों पर प्रकाश डालकर सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन शालिनी ने किया। इस दौरान झांसी व चित्रकूट मंडल की समन्वयक सोनम राठौर, जिला कार्यक्रम समन्वयक आरफा, डॉ. डीसी दोहरे, डॉ. तारिक, राहुल आर्या आदि मौजूद रहे।