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रात भर इंतजार करती रही मां, दूसरे दिन बेटे का शव घर पहुंचा तो हो गई बेसुध

Mon, 19 Oct 2020 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 01:33 AM IST
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moped driver killed in accident
accident - फोटो : accident
ललितपुर। थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम बांसी से जखौरा मार्ग पर भैंस के सामने आ जाने से मोपेड सवार 55 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। ग्रामीण अपनी अस्सी वर्षीय वृद्ध मां का इकलौता सहारा था। बेसहारा मां रात भर उसका इंतजार करती रही, दूसरे दिन बेटे की अर्थी घर पहुंची तो मां बेसुध होकर गिर गई।
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ग्राम खिरिया निवासी निर्भन पाल (55) पुत्र चिंटू पाल के घर में वह और उसकी अस्सी वर्ष की वृद्ध मां फूलन थी। उसकी मां अक्सर बीमार रहती है। निर्भन की पत्नी काफी समय पहले घर छोड़कर चली गई थी, उसके कोई संतान भी नहीं है। उसका कोई भाई भी नहीं है। ऐसे में निर्भन ही अपनी मां की देखभाल करता था और रोजाना दोनों समय उसे खाना बनाकर खिलाता था। मां ज्यादा चल फिर भी नहीं सकती थी, तो निर्भन ही उसे सहारा देता था। शनिवार को बांसी का बाजार लगा था, निर्भन शाम को चार बजे मां को खाना खिलाकर बाजार जाने की कहकर घर से निकला था। वह शाम को करीब छह बजे मोपेड से घर लौट रहा था। अभी वह बांसी से जखौरा मार्ग पर करीब एक किलोमीटर आगे ही पहुंचा था कि उसकी मोपेड के सामने अचानक एक भैंस आ गई, जिससे उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और वह चलती गाड़ी से गिर पड़ा। उसे सिर व हाथ-पैरों में चोटें आईं थीं। आसपास के ग्रामीणों की जानकारी पर गांव के अन्य लोग पहुंच गए और उसे उपचार के लिए पहले निजी चिकित्सालय में बांसी ले गए, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक ने उसे जिला चिकित्सालय ललितपुर ले जाने की सलाह दी। लोग उसे टैक्सी से तत्काल जिला चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाली पुलिस ने चिकित्सालय में मेमो मिलने पर उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के चचेरे भतीजे धरम पाल ने बताया कि घर में उसकी वृद्ध मां अपने एकलौते बेटे का इंतजार कर रही है, लेकिन उसे अभी घटना की जानकारी नहीं थी। परिवार के अन्य सदस्यों ने उसकी मां से निर्भन के दूसरे गांव में काम से जाने की बात कह दी थी। उधर, रविवार शाम को जैसे ही बेटे का शव घर पहुंचा तो मां बिलखकर रोने लगी और अचेत होकर गिर पड़ी। फिलहाल गांव व परिवार के दूर के सदस्यों ने निर्भन के शव का अंतिम संस्कार किया।
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अब कौन खिलाएगा निर्भन की मां को, कौन करेगा देखभाल
खिरिया निवासी निर्भन पाल की मौत से सारा गांव गमगीन है। ग्रामीणों के अनुसार निर्भन के पिता की मृत्यु भी काफी पहले हो चुकी है। वृद्ध मां का वह इकलौता सहारा था। पहले उसके पास कुछ जमीन थी जिसे बेचकर वह मां की दवाई करता था तथा खाने पीने की व्यवस्था करता था। जमीन के नाम पर उसके पास मकान के सिवा कुछ भी नहीं बचा था। बचा भी था तो केवल मकान के आगे का सहन, जिसमें खेती भी नहीं की जा सकती थी। मौत के बाद सभी कहते नजर आ रहे थे कि अब निर्भन की मां को खिलाएगा कौन और कौन देखभाल करेगा।
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