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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही मनरेगा, 19 ग्राम पंचायतों में हुए कामों की जांच शुरू
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ललितपुर। जनपद में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से योजना में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ऐसे ही ब्लॉक मड़ावरा की 19 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्यों की जांच उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद के निर्देेश पर कराई जा रही है।
ब्लॉक मड़ावरा की 19 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2020-21 व 2021-22 के तहत ब्लॉक मड़ावरा के गांव बड़वार, बनगुंवा, भौंती मड़ावरा, छपरौनी, दिगवार, गिदवाहा, गोराकछिया, गोराकलां, हंसेरा, जलंधर, झांकर, कुर्रट, नाराहट, पहाड़ीकलां, रखवारा, सौंरई, सीरोन, तरावली, उल्दनाकलां में मनरेगा के कार्य कराए गए थे। इन मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से की गई। कामों का सत्यापन लखनऊ की किसी जांच टीम से कराने की मांग की गई थी। 25 अप्रैल को अपर आयुक्त ने जांच करवाने के लिए एक पत्र जिलाधिकारी को भेजा। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया। 13 मई को सीडीओ ने इन ग्राम पंचायतों में हुए मनरेगा कार्यों की जांच हेतु एक जांच टीम का गठन कर दिया। टीम में एमआई में तैनात एक एई व आरइडी अधिशासी अभियंता शामिल हैं। जांच टीम को 19 ग्राम पंचायतों में हुए मनरेगा कामों का स्थलीय परीक्षण करते हुए रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए।
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इन ग्राम पंचायतों में हुए मनरेगा कार्यों की हुई शिकायतें
गांव बड़वार में श्रमांश 38.86 लाख, सामग्री 17.48 लाख रुपये।
गांव बनगुवां में श्रमांश 41.71 लाख, सामग्री 22.54 लाख रुपये।
गांव भौंती में श्रमांश 30.41 लाख, सामग्री 22.20 लाख रुपये।
गांव छपरौनी में 46.41 लाख, सामग्री 28.70 लाख रुपये की।
गांव दिगवार में श्रमांश 33.95 लाख, सामग्री 15.68 लाख रुपये।
गांव गिदवाहा श्रमांश 33.48 लाख, सामग्री 19.96 लाख रुपये।
गांव गोराकछया 34.25 लाख, सामग्री 20.81 लाख रुपये।
गांव गोराकलां श्रमांश 30.92 लाख, सामग्री 17 लाख रुपये।
गांव हंसेरा श्रमांश 62.74 लाख, सामग्री 48 लाख रुपये।
गांव जलंधर श्रमांश 59.9 लाख, सामग्री 39 लाख रुपये।
गांव झांकर श्रमांश 40.79 लाख, सामग्री 21.78 लाख रुपये।
गांव कुर्रट श्रमांश 29.88 लाख, सामग्री 15.31 लाख रुपये।
गांव नाराहट श्रमांश 64.55 लाख, सामग्री 44.52 लाख रुपये।
गांव पहाड़ी कलां श्रमांश 45.98 लाख, सामग्री 27.24 लाख रुपये।
गांव रखवारा श्रमांश 36.58 लाख, सामग्री 25.30 लाख रुपये।
गांव सोंरई श्रमांश 67.97 लाख, सामग्री 48.11 लाख रुपये।
गांव सीरोंन श्रमांश 36.43 लाख, सामग्री 15.22 लाख रुपये।
गांव तरावली श्रमांश 43.67 लाख, सामग्री 24.10 लाख रुपये।
गांव उल्दनाखुर्द श्रमांश 40.98 लाख, सामग्री 15.45 लाख रुपये।
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बीडीओ पर लगे भ्रष्टाचार और अवैध धन उगाही के आरोप
एक ग्रामीण शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों को भेजा। जिसमें उसने एक ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा से मेटेरियल पेमेंट के नाम पर 15 फीसदी एडवांस, मनरेगा की फाइल पास कराने के नाम पर दो फीसदी, एमबी करने पर पांच फीसदी धन मांगने का आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं यह भी आरोप है कि पंचायतों से 15 से 20 हजार रुपये निरीक्षण के नाम पर लिए जाते हैं। मांग पूरी न करने पर श्रमदान घोषित करने की बात करने की बात पत्र में कही गई है। पत्र में आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
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ब्लॉक मड़ावरा की 19 ग्राम पंचायतों में कराए गए मनरेगा कार्यों की जांच सीडीओ द्वारा गठित की गई जांच टीम के द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा
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ब्लॉक मड़ावरा की 19 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2020-21 व 2021-22 के तहत ब्लॉक मड़ावरा के गांव बड़वार, बनगुंवा, भौंती मड़ावरा, छपरौनी, दिगवार, गिदवाहा, गोराकछिया, गोराकलां, हंसेरा, जलंधर, झांकर, कुर्रट, नाराहट, पहाड़ीकलां, रखवारा, सौंरई, सीरोन, तरावली, उल्दनाकलां में मनरेगा के कार्य कराए गए थे। इन मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से की गई। कामों का सत्यापन लखनऊ की किसी जांच टीम से कराने की मांग की गई थी। 25 अप्रैल को अपर आयुक्त ने जांच करवाने के लिए एक पत्र जिलाधिकारी को भेजा। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया। 13 मई को सीडीओ ने इन ग्राम पंचायतों में हुए मनरेगा कार्यों की जांच हेतु एक जांच टीम का गठन कर दिया। टीम में एमआई में तैनात एक एई व आरइडी अधिशासी अभियंता शामिल हैं। जांच टीम को 19 ग्राम पंचायतों में हुए मनरेगा कामों का स्थलीय परीक्षण करते हुए रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए।
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इन ग्राम पंचायतों में हुए मनरेगा कार्यों की हुई शिकायतें
गांव बड़वार में श्रमांश 38.86 लाख, सामग्री 17.48 लाख रुपये।
गांव बनगुवां में श्रमांश 41.71 लाख, सामग्री 22.54 लाख रुपये।
गांव भौंती में श्रमांश 30.41 लाख, सामग्री 22.20 लाख रुपये।
गांव छपरौनी में 46.41 लाख, सामग्री 28.70 लाख रुपये की।
गांव दिगवार में श्रमांश 33.95 लाख, सामग्री 15.68 लाख रुपये।
गांव गिदवाहा श्रमांश 33.48 लाख, सामग्री 19.96 लाख रुपये।
गांव गोराकछया 34.25 लाख, सामग्री 20.81 लाख रुपये।
गांव गोराकलां श्रमांश 30.92 लाख, सामग्री 17 लाख रुपये।
गांव हंसेरा श्रमांश 62.74 लाख, सामग्री 48 लाख रुपये।
गांव जलंधर श्रमांश 59.9 लाख, सामग्री 39 लाख रुपये।
गांव झांकर श्रमांश 40.79 लाख, सामग्री 21.78 लाख रुपये।
गांव कुर्रट श्रमांश 29.88 लाख, सामग्री 15.31 लाख रुपये।
गांव नाराहट श्रमांश 64.55 लाख, सामग्री 44.52 लाख रुपये।
गांव पहाड़ी कलां श्रमांश 45.98 लाख, सामग्री 27.24 लाख रुपये।
गांव रखवारा श्रमांश 36.58 लाख, सामग्री 25.30 लाख रुपये।
गांव सोंरई श्रमांश 67.97 लाख, सामग्री 48.11 लाख रुपये।
गांव सीरोंन श्रमांश 36.43 लाख, सामग्री 15.22 लाख रुपये।
गांव तरावली श्रमांश 43.67 लाख, सामग्री 24.10 लाख रुपये।
गांव उल्दनाखुर्द श्रमांश 40.98 लाख, सामग्री 15.45 लाख रुपये।
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बीडीओ पर लगे भ्रष्टाचार और अवैध धन उगाही के आरोप
एक ग्रामीण शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र जिलाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अफसरों को भेजा। जिसमें उसने एक ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा से मेटेरियल पेमेंट के नाम पर 15 फीसदी एडवांस, मनरेगा की फाइल पास कराने के नाम पर दो फीसदी, एमबी करने पर पांच फीसदी धन मांगने का आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं यह भी आरोप है कि पंचायतों से 15 से 20 हजार रुपये निरीक्षण के नाम पर लिए जाते हैं। मांग पूरी न करने पर श्रमदान घोषित करने की बात करने की बात पत्र में कही गई है। पत्र में आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
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ब्लॉक मड़ावरा की 19 ग्राम पंचायतों में कराए गए मनरेगा कार्यों की जांच सीडीओ द्वारा गठित की गई जांच टीम के द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। - रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा