फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Mixure active for near festival bad sweat prepare

त्योहार आते ही मिलावटखोर हुए सक्रिय, प्रशासन मौन

Sat, 10 Oct 2020 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 01:33 AM IST
विज्ञापन
Mixure active for near festival bad sweat prepare
ललितपुर। त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों का बाजार गुलजार हो गया है। इसके साथ ही हर वर्ष की तरह इस बार भी मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने अभी इनके खिलाफ कोई विशेष अभियान शुरू नहीं किया है।
विज्ञापन

नवरात्र, दशहरा और दीपावली का त्योहार आने वाला है। नवरात्र और दिवाली पर मिठाई की खूब बिक्री होती है। मिलावटखोरों के लिए भी यह त्योहारी सीजन काले कारोबार से कमाई करने के लिए एकदम मुफीद होता है। मिलावट करने वाले इतनी सफाई से मिलावट करते हैं कि आम आदमी को इनकी पहचान करना मुश्किल होता है। त्योहार आते ही ये मिलावटखोर और ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि खाने की चीजों में मिलावट अस्पताल तक भी पहुंचा सकती है। लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिम्मेदार भी अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा नहीं दिखा रहे हैं। इन मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर मात्र रस्मअदायगी की जाती है, जिससे मिलावटखोरों के हौंसले बुलंद हैं।
विज्ञापन

त्योहार शुरु होने वाले हैं और अब मिलावटी मिठाइयों को खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता परखने की आवश्यकता है। अगर गुणवत्ता खराब है तो बिलकुल नहीं खरीदनी चाहिए। क्योंकि, मिलावटी मिठाई खाने से स्वास्थ्य खराब हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- आशीष चौधरी
त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग बहुत होती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर, मावे और मिठाइयों में मिलावट करके उसकी मात्रा तो बढ़ा देते हैं, लेकिन उसकी गुणवत्ता पूरी तरह से खत्म हो जाती है। इसका नतीजा यह होता है कि कई बार लोग बीमार हो जाते हैं। - शुभम सिंघई
त्योहारों में मिठाइयां खरीदते समय उसकी गुणवत्ता देखनी बहुत जरुरी है, नहीं तो मिठाई के चक्कर में स्वास्थ्य भी दांव पर लग सकता है। खाद्य सामग्री से लेकर किराना स्टोर तक हर जगह मिलावट का खेल खेला जा रहा है और जिम्मेदार भी आराम से सबकुछ होता देख रहे है। - अर्पित बासु जैन
कई दुकानदार मिलावटखोरी करके लोगों के स्वास्थ्य के साथ मजाक कर रहे हैं। मिलावटखोरों की जांच कर इन पर कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे लोगों को बाजार में शुुद्ध मिठाइयां मिल सकें। बाजार में तरह- तरह के पदार्थ मिलाकर मिठाई बेची जाती है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। - मासूस समैया
मिठाई या दूध, दही, घी, खोवा खरीदने से पहले सावधान न होने पर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि, ये मिलावटी चीजें जान लेवा हो सकतीं हैं। दीपावली और अन्य त्योहारों के समय मिठाइयों की मांग बहुत होती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर, मावे और मिठाइयों में मिलावट करके उसकी मात्रा तो बढ़ा देते हैं। - अर्पित पंसारी
ऐसे करें असली नकली की पहचान
थोड़ा सा खोवा अपने अंगूठे के नाखून पर रगड़कर देंखे। अगर असली होगा तो उसमें घी की महक आएगी, थोड़ा सा मावा हथेली में लेकर उसकी गोली बनाएं। अगर गोली फटने लगे तो मावा नकली है, दो ग्राम मावा लेकर पांच मिलीलीटर गर्म पानी में घोल लें और इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसमें आयोडीन डालें। अगर मावा नकली होगा तो इसका रंग नीला हो जाएगा, असली मावे की पहचान का सबसे आसान तरीका यह भी है कि वह चिपचिपा नहीं होता, चखकर भी असली मावे की पहचान की जा सकती है। मावा मिलावटी होने पर इसका स्वाद कसैला होगा। मिलावटी खोवे से बनी मिठाई के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां होने का खतरा रहता है। मिलावटी मिठाई खाने से फूड पॉइजन हो सकती है। इससे उल्टी, दस्त, घबराहट, जी मचलाना, पेट में दर्द, बुुुखार और कमजोरी महसूस होने लगती है। - डॉ अमित चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

त्योहार शुरु होते ही छापामार अभियान चलाया जाएगा, मिलावटखोरी नहीं होने दी जाएगी। अगर कोई मिलावट करेगा तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार, अभिहीत अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed