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Lalitpur: अराजकतत्वों ने लगाई पान के बरेजों में आग, 35 पारी जलकर राख, कड़ी मशक्कत से पाया गया काबू
Thu, 07 May 2026 02:31 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 May 2026 02:31 AM IST
सार
करीब तीन साल पहले भी आग से 17 किसानों के बरेजे जल गए थे जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ लेकिन आज तक उसका मुआवजा पीड़ित किसानों को नहीं मिला।
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पान के बैराज में लगी आग पर पाया काबू।
- फोटो : संवाद
विस्तार
अराजक तत्वों ने मंगलवार रात पान के बरेजों में आग लगा दी। आग की लपटों ने आसपास के 35 बरेजों को चपेट में ले लिया। जानकारी लगते ही किसान मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। इस घटना में किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात अराजकतत्वों ने पान के बरेजों (फसल) में आग लगा दी। आग से खेमचंद चौरसिया, पुरुषोत्तम चौरसिया व मनोहर चौरसिया की करीब 35 पारी जलकर पूरी तरह राख हो गईं। गनीमत रही कि बीते रोज तेज बारिश हो गई गई थी जिससे गीला होने के कारण आग अन्य बरेजों में नहीं लग पाई। बताया जा रहा है कि आग अचानक भड़क उठी और तेज गर्मी व हवा के कारण फैलती चली गई। देखते ही देखते कई बरेजे इसकी चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
किसानों में आक्रोश
किसानों ने आशंका जताई है कि यह घटना किसी शरारती तत्व ने की है। घटना से पीड़ित किसानों में आक्रोश है। पान कृषकों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने कहा कि तहसील मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की सुविधा न होने के कारण आग पर काबू पाने में देरी होती है, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गर्मियों के मौसम को देखते हुए पाली में स्थायी रूप से फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की जाए, ताकि आगजनी की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके और किसानों की मेहनत को बचाया जा सके। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि अभी तक किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है, तहरीर मिलने पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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तीन साल पहले भी लगी थी, नहीं हुआ खुलासा
करीब तीन साल पहले एक मई की रात आग से 17 किसानों के बरेजे जल गए थे जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ लेकिन आज तक उसका मुआवजा पीड़ित किसानों को नहीं मिला।
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जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात अराजकतत्वों ने पान के बरेजों (फसल) में आग लगा दी। आग से खेमचंद चौरसिया, पुरुषोत्तम चौरसिया व मनोहर चौरसिया की करीब 35 पारी जलकर पूरी तरह राख हो गईं। गनीमत रही कि बीते रोज तेज बारिश हो गई गई थी जिससे गीला होने के कारण आग अन्य बरेजों में नहीं लग पाई। बताया जा रहा है कि आग अचानक भड़क उठी और तेज गर्मी व हवा के कारण फैलती चली गई। देखते ही देखते कई बरेजे इसकी चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
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किसानों में आक्रोश
किसानों ने आशंका जताई है कि यह घटना किसी शरारती तत्व ने की है। घटना से पीड़ित किसानों में आक्रोश है। पान कृषकों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने कहा कि तहसील मुख्यालय पर फायर ब्रिगेड की सुविधा न होने के कारण आग पर काबू पाने में देरी होती है, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गर्मियों के मौसम को देखते हुए पाली में स्थायी रूप से फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की जाए, ताकि आगजनी की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके और किसानों की मेहनत को बचाया जा सके। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि अभी तक किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है, तहरीर मिलने पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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तीन साल पहले भी लगी थी, नहीं हुआ खुलासा
करीब तीन साल पहले एक मई की रात आग से 17 किसानों के बरेजे जल गए थे जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ लेकिन आज तक उसका मुआवजा पीड़ित किसानों को नहीं मिला।