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सामुदायिक भवन पर लाखों खर्च, पहुंचने के लिए नहीं पक्का रास्ता
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नेहरू नगर में बना सामुदायिक भवन के सामने भरा पानी
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। वार्ड नंबर एक सिद्दनपुरा की अनुसूचित बस्ती की लगातार उपेक्षा हो रही है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां दस लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन बना दिया गया है लेकिन आने-जाने का रास्ता कीचड़ तब्दील है। जिससे वह अनुपयोगी साबित हो रहा है। इसके अलावा स्थानीय लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है।
वार्ड नंबर एक सिद्दनपुरा में सड़क, नाली की समस्या किसी से छिपी नहीं है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति अनुसूचित बस्ती है। यहां के लोगों को बैठक सहित विभिन्न कार्यक्रम करने के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण करा दिया गया है। तत्कालीन सांसद उमा भारती ने अपनी निधि से दस लाख रुपये अवमुक्त किए थे। इससे सामुदायिक भवन का निर्माण हो गया है लेकिन आने-जाने की असुविधा से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। इस बस्ती में कई रास्ते व नाली कच्ची हैं, जिससे उनका गंदा पानी सामुदायिक भवन के पास जमा हो जाता है। इस वजह से यहां के लोगों को नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है।
बारिश के दिनों में और भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। यहां पहले से कच्ची नाली व रास्ता है। जब बारिश का पानी इकट्ठा होता है तो सामुदायिक भवन के आसपास तालाब जैसा नजारा बनता है। वर्तमान में भी समस्या देखी जा सकती है।
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राखी
बीते महीनों में नाली का गंदा पानी जमा होने की शिकायत की गई थी तो सफाई कर्मियों ने नाली का रास्ता ठीक कर पानी निकाल दिया था लेकिन वह फिर से जमा होने लगा है। संचारी रोग नियंत्रण के दौरान भी यहां के हालात सुधर नहीं रहे हैं। महेश
किसी बस्ती में जब सड़क, नाली पक्की नहीं है, तब तक उसे स्वच्छ और सुंदर नहीं बनाया जा सकता है। इसके बाद भी बस्ती में सड़क, नाली पक्की नहीं की जा रही हैं। रश्मि
नगर पालिका परिषद वास्तविक स्थानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती है। यही वजह है कि उन्हें आज भी सड़क, नाली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सभासद भी आश्वासन देकर चले जाते हैं। इन परिस्थतियों में अनुसूचित बस्ती में समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। प्रेमबाई
पूर्व में शिकायत प्राप्त हुई थी, तब यहां भरे पानी की निकासी करा दी गई थी। वर्तमान में दोबारा गंदा पानी भरने की जानकारी नहीं है। सफाई निरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वह स्वास्थ्य नायक को मौके पर भेजकर गंदे पानी की निकासी कराएं। डा. संजय कुमार मिश्र अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद
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वार्ड नंबर एक सिद्दनपुरा में सड़क, नाली की समस्या किसी से छिपी नहीं है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति अनुसूचित बस्ती है। यहां के लोगों को बैठक सहित विभिन्न कार्यक्रम करने के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण करा दिया गया है। तत्कालीन सांसद उमा भारती ने अपनी निधि से दस लाख रुपये अवमुक्त किए थे। इससे सामुदायिक भवन का निर्माण हो गया है लेकिन आने-जाने की असुविधा से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। इस बस्ती में कई रास्ते व नाली कच्ची हैं, जिससे उनका गंदा पानी सामुदायिक भवन के पास जमा हो जाता है। इस वजह से यहां के लोगों को नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है।
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बारिश के दिनों में और भी समस्या उत्पन्न हो जाती है। यहां पहले से कच्ची नाली व रास्ता है। जब बारिश का पानी इकट्ठा होता है तो सामुदायिक भवन के आसपास तालाब जैसा नजारा बनता है। वर्तमान में भी समस्या देखी जा सकती है।
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राखी
बीते महीनों में नाली का गंदा पानी जमा होने की शिकायत की गई थी तो सफाई कर्मियों ने नाली का रास्ता ठीक कर पानी निकाल दिया था लेकिन वह फिर से जमा होने लगा है। संचारी रोग नियंत्रण के दौरान भी यहां के हालात सुधर नहीं रहे हैं। महेश
किसी बस्ती में जब सड़क, नाली पक्की नहीं है, तब तक उसे स्वच्छ और सुंदर नहीं बनाया जा सकता है। इसके बाद भी बस्ती में सड़क, नाली पक्की नहीं की जा रही हैं। रश्मि
नगर पालिका परिषद वास्तविक स्थानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती है। यही वजह है कि उन्हें आज भी सड़क, नाली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सभासद भी आश्वासन देकर चले जाते हैं। इन परिस्थतियों में अनुसूचित बस्ती में समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। प्रेमबाई
पूर्व में शिकायत प्राप्त हुई थी, तब यहां भरे पानी की निकासी करा दी गई थी। वर्तमान में दोबारा गंदा पानी भरने की जानकारी नहीं है। सफाई निरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वह स्वास्थ्य नायक को मौके पर भेजकर गंदे पानी की निकासी कराएं। डा. संजय कुमार मिश्र अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद