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जागरूक होकर ही बच सकते हैं मानसिक रोगों से : प्राचार्य
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ललितपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर नेहरू महाविद्यालय में जागरुकता अभियान के तहत संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य ओम प्रकाश शास्त्री ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को उन्नत बनाने के लिए मन की पवित्रता, संतोष, साधना, स्वाध्याय, ईश्वर के प्रति आस्था आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता पैदा कर मानसिक रोगों से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम संयोजक एवं मनोविज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि व्यक्ति खुद से और समाज से जुड़े रहें। परिजनों की मदद करते रहें और जरूरत पड़ने पर मदद लेते भी रहें। अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ नियमित दिनचर्या का पालन करते रहें। भरपूर नींद, संतुलित आहार लेते रहें। नियमित व्यायाम व ध्यान करते रहें। अपने कर्तव्य का पालन करते रहें और आत्मविश्वास बनाए रखें। अपने लिए समय निकालें और खुद को खुशी प्रदान करने वाले कार्य भी करते रहें।
मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि सामाजिक रूप से खुद को जुड़ा हुआ और योग्य महसूस करें। मनोविज्ञान की छात्रा नैंसी रजक ने कहा कि मानसिक समस्याओं का इलाज नीम हकीम, ओझा, तांत्रिक से कराना खतरनाक हो सकता है। छात्र निशि साहू ने कहा कि सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से दूर रहें, वास्तविक जीवन जीएं। छात्र शिवांश झा ने कहा कि मानसिक रोगों को छिपाएं नहीं, बल्कि इलाज कराएं। इस दौरान बबली, अमीषा सोनी, शिफा, हर्षित पाठक, नेहा कुशवाहा, राधा, बृजेंद्र, यश सोनी, रजनीश, देव, संगीता, मुस्कान साहू, कल्पना साहू आदि छात्र एवं छात्राएं मौजूद रहे।
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कार्यक्रम संयोजक एवं मनोविज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि व्यक्ति खुद से और समाज से जुड़े रहें। परिजनों की मदद करते रहें और जरूरत पड़ने पर मदद लेते भी रहें। अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ नियमित दिनचर्या का पालन करते रहें। भरपूर नींद, संतुलित आहार लेते रहें। नियमित व्यायाम व ध्यान करते रहें। अपने कर्तव्य का पालन करते रहें और आत्मविश्वास बनाए रखें। अपने लिए समय निकालें और खुद को खुशी प्रदान करने वाले कार्य भी करते रहें।
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मनोविज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि सामाजिक रूप से खुद को जुड़ा हुआ और योग्य महसूस करें। मनोविज्ञान की छात्रा नैंसी रजक ने कहा कि मानसिक समस्याओं का इलाज नीम हकीम, ओझा, तांत्रिक से कराना खतरनाक हो सकता है। छात्र निशि साहू ने कहा कि सोशल मीडिया की आभासी दुनिया से दूर रहें, वास्तविक जीवन जीएं। छात्र शिवांश झा ने कहा कि मानसिक रोगों को छिपाएं नहीं, बल्कि इलाज कराएं। इस दौरान बबली, अमीषा सोनी, शिफा, हर्षित पाठक, नेहा कुशवाहा, राधा, बृजेंद्र, यश सोनी, रजनीश, देव, संगीता, मुस्कान साहू, कल्पना साहू आदि छात्र एवं छात्राएं मौजूद रहे।
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