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Lalitpur News: सिर विहीन नवजात का शव मिलने के मामले में मेडिकल स्टाफ से पूछताछ
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला महिला अस्पताल परिसर में स्थित प्रसवोत्तर केंद्र के समीप मिले सिर विहीन नवजात के शव मिलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को जांच-पड़ताल की। जांच के लिए गठित टीम ने महिला अस्पताल के मेडिकल स्टाफ से पूछताछ की।
11 फरवरी को जिला महिला अस्पताल परिसर में स्थित प्रसवोत्तर केंद्र के समीप एक सिर विहीन नवजात शिशु शव मिला था। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। आननफानन परिसर में शव फेंके जाने की जांच कराई गई। इसमें शिशु के पेट पर लगी क्लिप (बैंड) के आधार पर पाया गया था कि ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत एक महिला का 9 फरवरी की शाम को प्रसव हुआ था। शिशु विकृत था। भर्ती प्रपत्र के अनुसार शिशु जन्म से विकृत था और उसके मस्तिष्क और खोपड़ी का विकास नहीं हुआ था। विकृत शिशु को एसएनसीयू यूनिट में भर्ती कराया था, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई थी। मृत नवजात के शव को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। लेकिन नवजात का शव अस्पताल परिसर में पड़ा मिला।
वहीं अस्पताल परिसर में शिशु का शव लावारिस अवस्था में मिलने की घटना को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया था। डीएम ने पूरे मामले की जांच करने के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश प्रधानाचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय डाॅ. डीनाथ को दिए थे। प्रधानाचार्य ने डॉ. डीवी सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की। इसमें डॉ. विशाल जैन, डाॅ. प्रांशी आसाटी, डॉ. आलोक तिवारी सदस्य के तौर पर शामिल थे। बुधवार को जांच कमेटी ने पूरी घटना की जांच-पड़ताल शुरू की। इसमें महिला चिकित्सालय पहुंचकर यहां तैनात स्टाफ नर्स, सफाई कर्मचारी सहित अन्य मेडिकल स्टाफ से अलग-अलग जानकारी हासिल की।
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ललितपुर। जिला महिला अस्पताल परिसर में स्थित प्रसवोत्तर केंद्र के समीप मिले सिर विहीन नवजात के शव मिलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को जांच-पड़ताल की। जांच के लिए गठित टीम ने महिला अस्पताल के मेडिकल स्टाफ से पूछताछ की।
11 फरवरी को जिला महिला अस्पताल परिसर में स्थित प्रसवोत्तर केंद्र के समीप एक सिर विहीन नवजात शिशु शव मिला था। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। आननफानन परिसर में शव फेंके जाने की जांच कराई गई। इसमें शिशु के पेट पर लगी क्लिप (बैंड) के आधार पर पाया गया था कि ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत एक महिला का 9 फरवरी की शाम को प्रसव हुआ था। शिशु विकृत था। भर्ती प्रपत्र के अनुसार शिशु जन्म से विकृत था और उसके मस्तिष्क और खोपड़ी का विकास नहीं हुआ था। विकृत शिशु को एसएनसीयू यूनिट में भर्ती कराया था, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई थी। मृत नवजात के शव को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। लेकिन नवजात का शव अस्पताल परिसर में पड़ा मिला।
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वहीं अस्पताल परिसर में शिशु का शव लावारिस अवस्था में मिलने की घटना को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया था। डीएम ने पूरे मामले की जांच करने के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश प्रधानाचार्य स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय डाॅ. डीनाथ को दिए थे। प्रधानाचार्य ने डॉ. डीवी सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की। इसमें डॉ. विशाल जैन, डाॅ. प्रांशी आसाटी, डॉ. आलोक तिवारी सदस्य के तौर पर शामिल थे। बुधवार को जांच कमेटी ने पूरी घटना की जांच-पड़ताल शुरू की। इसमें महिला चिकित्सालय पहुंचकर यहां तैनात स्टाफ नर्स, सफाई कर्मचारी सहित अन्य मेडिकल स्टाफ से अलग-अलग जानकारी हासिल की।
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