फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Mauranipur municipality seat snatched from Arya family after 20 years

Lalitpur News: 20 साल बाद आर्य परिवार से छिनी मऊरानीपुर नगर पालिका सीट

Mon, 15 May 2023 12:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 May 2023 12:09 AM IST
विज्ञापन
Mauranipur municipality seat snatched from Arya family after 20 years
झांसी। निकाय चुनाव में मऊरानीपुर नगर पालिका में बड़ा उलटफेर सामने आया। 20 साल बाद नगर पालिका अध्यक्ष पद पर आर्य परिवार को शिकस्त का सामना करना पड़ा है। विपक्ष की गोलबंदी से हरिश्चंद्र आर्य का मजबूत किला ढह गया। हालांकि, इसमें सत्ता पक्ष ने भी अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन

मऊरानीपुर विधानसभा से अपनादल-भाजपा गठबंधन से विधायक डाॅ. रश्मि आर्य के देवर हरिश्चंद्र आर्य ने नगर पालिका अध्यक्ष का पहला चुनाव साल 2002 में जीता था। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक तीन और चुनाव जीते। इस दरम्यान महिला सीट होने पर 2012 से 2017 तक उनकी पत्नी मीरा नगर पालिका अध्यक्ष रहीं। जबकि, सामान्य सीट होने के बावजूद 2017 में सपा के टिकट पर हरिश्चंद्र आर्य अध्यक्ष पद पर काबिज होने में कामयाब हो गए थे।
विज्ञापन

इस बार का चुनाव उन्होंने अपनादल के टिकट पर लड़ा, लेकिन वे जीतने में कामयाब नहीं हो पाए। निर्दलीय प्रत्याशी शशि ने उन्हें 336 वोटों के अंतर से हरा दिया। शशि को 15,020 वोट मिले और हरश्चिंद्र के खाते में 14,684 मत आए। जबकि, इस सीट से किस्मत आजमा रहे सपा, बसपा, कांग्रेस समेत पांच प्रत्याशियों के पक्ष में 2510 वोट ही गिरे। ऐसे में माना जा रहा है कि ज्यादातर विपक्षी दलों की गोलबंदी हरिश्चंद्र की हार का बड़ा कारण बनी। चूंकि, गठबंधन के नाते यहां से भाजपा ने सीधे तौर पर तो चुनाव नहीं लड़ा। लेकिन, यहां से चुनाव जीतने वाली निर्दलीय प्रत्याशी शशि को भाजपा समर्थित प्रत्याशी माना जाता रहा और भाजपा का बड़ा धड़ा उनके साथ चुनाव में सक्रिय रहा। चुनाव के दौरान बने यह समीकरण हरिश्चंद्र के लिए नुकसानदायक साबित हुए और 20 साल बाद उन्हें मऊरानीपुर नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी छोड़नी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोट...
जनता के फैसले का पूरा सम्मान करते हैं। जो कमियां रह गईं हैं, उन्हें दूर करने का पूरा प्रयास करेंगे। बाकी, चुनाव में तो हार-जीत लगी ही रहती है।
- हरिश्चंद्र आर्य, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष



रियासत के दायरे से बाहर आई समथर की सियासत
झांसी। समथर नगर पालिका की सियासत शुरुआत से ही राजा रणजीत सिंह जूदेव के इर्दगिर्द घूमती रही। अधिकांश चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर राजा के प्रत्याशी ही यहां से जीत दर्ज करते रहे। साल 2017 के चुनाव में समथर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र सिंह भाईजी ने जीत हासिल की थी। उन्हें राजा का आशीर्वाद प्राप्त था। लेकिन, राजा के निधन के बाद हुए इस चुनाव में भाजपा समथर में कमल खिलाने में कामयाब हो गई। यहां से भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र ने जीत दर्ज की और कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह तीसरे नंबर पर रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed