{"_id":"620d5a53e68e7953ed7962fe","slug":"maternity-gave-birth-to-deformed-child-eyes-have-come-out-lalitpur-news-jhs215118548","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसूता ने जन्मा विकृत बच्चा, बाहर निकली हैं आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसूता ने जन्मा विकृत बच्चा, बाहर निकली हैं आंखें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम बिरारी निवासी एक महिला ने नसबंदी ऑपरेशन के छह साल बाद एक विकृत बच्चे को जन्म दिया। परिजन बच्चे को देखकर होश उड़ गए। अस्पताल में दो दिन भर्ती रहने के बाद तीसरे दिन बुधवार को परिजन बच्चे को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए।
प्रसूता रानी (35) पत्नी राजेश को 14 फरवरी को प्रसव पीड़ा हुई। जिस पर परिजनों ने 102 एंबुलेंस को बुलाया। वह एंबुलेंस से अस्पताल जा रही थी, इसी दौरान रास्ते में एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव के बाद बच्चे को देखा तो विकृत था। जिस पर प्रसूता को जिला महिला अस्पताल में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती कराया। जब परिजनों ने नवजात को देखा तो होश उड़ गए। नवजात बच्चे की आंखें बाहर निकलीं हैं। बच्चे के सिर की हड्डी नहीं है। दो दिन भर्ती के बाद बच्चे को परिजन अस्पताल से छुट्टी कराकर जच्चा बच्चा दोनों को घर ले गए हैं। महिला ने बताया कि तीन पुत्र और एक पुत्री होने के बाद नसबंदी ऑपरेशन कराया था। इसके छह वर्ष बाद उसने बच्चे केे जन्म दिया है।
14 फरवरी को ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम बिरारी निवासी एक प्रसूता को एंबुलेंस में प्रसव हो गया था। जिससे एक विकृत बच्चा जन्मा था। इसे एनेमकेफिली कहते हैं। इसमें सिर की हड्डी नहीं होती है। सिर का विकास नहीं होता है। परिजनों ने के कहने पर छुट्टी कर दी गई है।
विज्ञापन
- डॉ. मीनाक्षी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल
विज्ञापन
प्रसूता रानी (35) पत्नी राजेश को 14 फरवरी को प्रसव पीड़ा हुई। जिस पर परिजनों ने 102 एंबुलेंस को बुलाया। वह एंबुलेंस से अस्पताल जा रही थी, इसी दौरान रास्ते में एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव के बाद बच्चे को देखा तो विकृत था। जिस पर प्रसूता को जिला महिला अस्पताल में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती कराया। जब परिजनों ने नवजात को देखा तो होश उड़ गए। नवजात बच्चे की आंखें बाहर निकलीं हैं। बच्चे के सिर की हड्डी नहीं है। दो दिन भर्ती के बाद बच्चे को परिजन अस्पताल से छुट्टी कराकर जच्चा बच्चा दोनों को घर ले गए हैं। महिला ने बताया कि तीन पुत्र और एक पुत्री होने के बाद नसबंदी ऑपरेशन कराया था। इसके छह वर्ष बाद उसने बच्चे केे जन्म दिया है।
विज्ञापन
14 फरवरी को ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम बिरारी निवासी एक प्रसूता को एंबुलेंस में प्रसव हो गया था। जिससे एक विकृत बच्चा जन्मा था। इसे एनेमकेफिली कहते हैं। इसमें सिर की हड्डी नहीं होती है। सिर का विकास नहीं होता है। परिजनों ने के कहने पर छुट्टी कर दी गई है।
विज्ञापन
- डॉ. मीनाक्षी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल