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Lalitpur News: मातृ मृत्युदर में 20 तो शिशु मृत्युदर में आई 15 फीसदी कमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार तीन वर्ष में मातृ मृत्यु दर में 20 प्रतिशत तो शिशु मृत्युदर में 15 फीसदी की गिरावट आई है। इसके पीछे विभागीय योजनाओं की सफलता बताई जा रही है।
शासन ने मातृ व शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए तमाम योजनाएं चला रखी हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को चिह्नित किया जाता है। इसके साथ ही अधिकारी व कर्मचारी समय-समय पर नियमित जांच व उपचार कराते हैं। आशाएं भी घर जाकर स्वास्थ्य की जांच करती रहती हैं। वहीं मातृत्व वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को सहायता राशि मुहैया कराई जाती है। परिणामस्वरूप मातृ व शिशु मृत्युदर में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में मातृ मृत्यु की संख्या 27 थी, जो वर्ष 2022-23 में घटकर 24 आ गई थी। अब 2023-24 में यह संख्या 22 पर आ गई है। इसी प्रकार शिशु मृत्युदर भी कम हुई है। 2021-22 में शिशु मृत्यु की संख्या 65 थी, जो 2022-23 में 60 हो गई थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह संख्या 56 तक आ गई।
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मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसका असर नजर आ रहा है। तीन वर्ष में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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ललितपुर। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार तीन वर्ष में मातृ मृत्यु दर में 20 प्रतिशत तो शिशु मृत्युदर में 15 फीसदी की गिरावट आई है। इसके पीछे विभागीय योजनाओं की सफलता बताई जा रही है।
शासन ने मातृ व शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए तमाम योजनाएं चला रखी हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं को चिह्नित किया जाता है। इसके साथ ही अधिकारी व कर्मचारी समय-समय पर नियमित जांच व उपचार कराते हैं। आशाएं भी घर जाकर स्वास्थ्य की जांच करती रहती हैं। वहीं मातृत्व वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को सहायता राशि मुहैया कराई जाती है। परिणामस्वरूप मातृ व शिशु मृत्युदर में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
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आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021-22 में मातृ मृत्यु की संख्या 27 थी, जो वर्ष 2022-23 में घटकर 24 आ गई थी। अब 2023-24 में यह संख्या 22 पर आ गई है। इसी प्रकार शिशु मृत्युदर भी कम हुई है। 2021-22 में शिशु मृत्यु की संख्या 65 थी, जो 2022-23 में 60 हो गई थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह संख्या 56 तक आ गई।
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मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसका असर नजर आ रहा है। तीन वर्ष में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ