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मास्टर प्लान बनाने को शहर का हो रहा जीआईएस सर्वे

Mon, 02 Dec 2019 01:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2019 01:09 AM IST
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master plan amrut plan
शहर का मास्टर प्लान बनाने को इकट्ठे किए जा रहे आंकड़े
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ललितपुर। अटल मिशन फॉर रिजूवेशन एंड अरबन ट्रांसफारमेशन (अम्रुत) योजना के अंतर्गत शहर की महायोजना का मास्टर प्लान तैयार हो रहा है। यह प्लान मार्च 2020 तक तैयार हो जाएगा। प्लान तैयार कर रही कंपनी आंकड़े जुटा रही है।
ललितपुर महायोजना 1996-2011 को समाप्त हो गई थी। तब से लेकर अब तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब ‘सिटी योनो डी साल्यूशन’ प्राइवेट लिमिटेड और ‘स्पर’ इस काम को कर रही है। कंपनी को यह जिम्मेदारी अम्रुत योजना के अंतर्गत सौंपी गई है। एजेंसी ललितपुर के अलावा झांसी, उरई, बांदा और फतेहपुर का भी प्लान तैयार कर रही है। कंपनी शहर के आंकड़े जुटा रही है। इसमें नगर पालिका, बेसिक शिक्षा विभाग, बिजली विभाग, रेलवे, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान, टेलीफोन विभाग और जिलाधिकारी कार्यालय से आंकड़े इकट्ठे किए जा रहे हैं।
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आंकड़ों में देखा जाएगा कि टेलीफोन और बिजली की लाइनें कहां-कहां से निकाली गई हैं, कितने स्कूल हैं और कितने शिक्षक हैं। शिक्षा का क्या स्तर है। ऐसी कौन सी बीमारी है, जिससे शहरवासी बार- बार उसकी चपेट में आते हैं। झुग्गी बस्ती है या नहीं। यदि बस्ती है तो उसमें रहने वाले लोग कहीं और शिफ्ट होना चाहते हैं या नहीं। यातायात की क्या स्थित है। किस क्षेत्र में सर्वाधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं। पानी की क्या स्थिति है और किस क्षेत्र में पानी की सर्वाधिक समस्या है, यदि है तो क्यों है। हरित पट्टी क्षेत्र कहां पर बनाना उचित रहेगा। इन सबके आंकड़े इकट्ठे करने के बाद उनका एनालिसिस किया जाएगा और जो कमी होगी, उसमें जोड़कर आंकड़ों को शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृत होने के बाद जीआईएस (ज्योग्राफिकल इनफारमेशन सिस्टम) के माध्यम से पूरे शहर की मैपिंग की जाएगी। जीआईएस सर्वे का काम नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद से अधिकृत किया गया है, जो महायोजना तैयार की जाएगी, उसे 2041 तक के लिए माना जाएगा।
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क्यों जरूरी है मास्टर प्लान?
शहर का विकास नियोजित तरीके से हो, इसके लिए टाउन प्लानर तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से भविष्य के लिए कार्ययोजना तैयार करते हैं। इसी को मास्टर प्लान या महायोजना कहते हैं। महायोजना के आधार पर शहर में मकानों का निर्माण होता है और इसका पालन कराने की जिम्मेदारी नियत प्राधिकरण की होती है।
नक्शा तैयार होगा
शहर का नक्शा तैयार किया जाएगा, जिसमें कहां जलाशय है, कहां सरकारी अथवा गैर सरकारी कार्यालय, कहां नाले- नाली, पुरातात्विक महत्व की इमारतें, स्कूल या कॉलेज हैं। कौन सा क्षेत्र हरित पट्टी या औद्योगिक क्षेत्र में है, इसका पूरा ब्योरा तैयार होगा।

यह गांव भी हैं शामिल
महायोजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद की सीमा के साथ आसपास के गांव जुगपुरा, मसौरा कलां, मिर्चवारा, मसौरा खुर्द, जिजियावन, महेशपुरा, पठा गौरी, रौंड़ा, हसनवारा, सिवनी खुर्द, ककरुआ, खिरिया मिश्र, दुर्जनपुरा, बहरावट, खिरिया खुर्द, पनारी, चंदेरा, अमरपुरा और रामनगर गांव शामिल हैं।
काम तेजी से चल रहा है। सभी आंकड़े इकट्ठे किए जा रहे हैं। शहर के लिए बेहतर से बेहतर जो भी होगा, किया जाएगा। मार्च तक कार्य कंपलीट करना है।
- आकाश प्रियदर्शन, असिस्टेंट अरबन प्लानर
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