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बुखार, डेंगु, मलेरिया की निगरानी को जिले में 574 टीमे गठित
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ललितपुर। बुखार, डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों के दृष्टिगत शासन ने सभी जनपदों में इनकी रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण करने व शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इन रोगों से बचाव के लिए जागरूक करने के निर्देश जारी किए हैं। टीमों का गठन कर दिया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी अन्नावि दिनेशकुमार ने प्रेसवार्ता करते हुए उक्त रोगों से बचाव के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उधर, पंद्रह दिनों में जिले में बुखार के 1644 मरीज मिले हैं।
डीएम ने अवगत कराया गया कि 15 दिन में 1644 बुखार से पीड़ित मरीज पाए गए, जिनमें से 1522 मरीजों की मलेरिया की जांच की गई, जिसमें से एक मरीज मलेरिया का पाया गया, जो ठीक हो गया। ज्यादातर मरीज मौसमी बुखार से पीड़ित पाए गए और तीन से पांच दिन में ठीक हो गए। जनपद में डेंगू एवं स्क्रब टाइफस ग्रसित से कोई भी मरीज नहीं पाया गया है।
बताया कि जिला स्तर पर डेंगू जांच की सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है। बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभिायन चलाकर छह विकास खंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं 58 हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के माध्यम से बुखार से पीड़ित मरीजों को चिह्नीकरण कर उपचार एवं सतत निगरानी का कार्य किया जा रहा है। साथ ही निरोधात्मक कार्यवाही के रूप में 574 सर्वे टीमों का गठन किया गया है और 113 सुपरवाइजर लगाए गए हैं, जो घर-घर जाकर बुखार के पीड़ित मरीजों की सूचना एकत्रित कर चिकित्सीय कार्य एवं बीमारी से बचाव के लिए सहायता प्रदान करेंगे।
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आम लोगों को बुखार से बचाने के लिए एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी के माध्यम से बुखार से बचाव, मच्छरों की रोकथाम के बारे में जन-जागरुकता एवं स्वास्थ्य शिक्षा का कार्य किया जा रहा है, इसके अतिरिक्त किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक ब्लाक में एक-एक और जिला स्तर पर एक रैपिड रिस्पांस टीम कार्यरत है।
सभी चिकित्सा इकाइयों में बुखार एवं अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। जिला चिकित्सालय पुरुष में 220, महिला चिकित्सालय में 233, ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक केंद्र पर 162, अन्य पर 89 आवश्यक दवाओं का भंडार तीन माह के लिए उपलब्ध है।
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डीएम ने अवगत कराया गया कि 15 दिन में 1644 बुखार से पीड़ित मरीज पाए गए, जिनमें से 1522 मरीजों की मलेरिया की जांच की गई, जिसमें से एक मरीज मलेरिया का पाया गया, जो ठीक हो गया। ज्यादातर मरीज मौसमी बुखार से पीड़ित पाए गए और तीन से पांच दिन में ठीक हो गए। जनपद में डेंगू एवं स्क्रब टाइफस ग्रसित से कोई भी मरीज नहीं पाया गया है।
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बताया कि जिला स्तर पर डेंगू जांच की सुविधा जिला चिकित्सालय में उपलब्ध है। बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभिायन चलाकर छह विकास खंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 25 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं 58 हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के माध्यम से बुखार से पीड़ित मरीजों को चिह्नीकरण कर उपचार एवं सतत निगरानी का कार्य किया जा रहा है। साथ ही निरोधात्मक कार्यवाही के रूप में 574 सर्वे टीमों का गठन किया गया है और 113 सुपरवाइजर लगाए गए हैं, जो घर-घर जाकर बुखार के पीड़ित मरीजों की सूचना एकत्रित कर चिकित्सीय कार्य एवं बीमारी से बचाव के लिए सहायता प्रदान करेंगे।
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आम लोगों को बुखार से बचाने के लिए एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी के माध्यम से बुखार से बचाव, मच्छरों की रोकथाम के बारे में जन-जागरुकता एवं स्वास्थ्य शिक्षा का कार्य किया जा रहा है, इसके अतिरिक्त किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक ब्लाक में एक-एक और जिला स्तर पर एक रैपिड रिस्पांस टीम कार्यरत है।
सभी चिकित्सा इकाइयों में बुखार एवं अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। जिला चिकित्सालय पुरुष में 220, महिला चिकित्सालय में 233, ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक केंद्र पर 162, अन्य पर 89 आवश्यक दवाओं का भंडार तीन माह के लिए उपलब्ध है।