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मकर संक्रांति: तिल से स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई
lalitpur
Updated Sun, 15 Jan 2017 01:19 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शनिवार को मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने तालाबों, नदी घाटों और घरों में तिल से स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर विधिविधान के साथ पूजन-अर्चन किया गया। शहर में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भजन, पूजन, दान, पुण्य, खिचड़ी वितरण आदि कार्यक्रम सेवा भाव से दिन भर जारी रहे। वहीं, गोविंद सागर बांध पर मकर संक्रांति मेला का आयोजन किया गया।
माघ कृष्ण पक्ष की द्वितीय शनिवार को सुबह 7.37 बजे धनु राशि से मकर राशि और सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में आते ही शहर में लोगों ने तिल से स्नान कर आस्था की बुढ़की लगाई। कई लोगों ने संक्रांति पर्व के दिन पुरानी आस्था के अनुुसार ब्रह्म मुहूर्त में भी बांध, तालाब व नदी के घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भोलेनाथ को विधिविधान के साथ पूजन-अर्चन करते हुए तिल के लड्डुओं व खिचड़ी का भोग लगाया। वहीं, गोविंदसागर बांध स्थित हजारिया महादेव मंदिर परिसर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मकरसंक्रांति मेला का आयोजन किया गया।
हजारिया महादेव मंदिर में लोगों का सुबह से ही पूजन अर्चन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं, मेला में हजारों की संख्या में लोगों का देर शाम तक आना जाना लगा रहा। जबकि कई लोगों ने घरों में रहकर ही शुभ मुहूर्त में तिल से स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान ठाकुरजी को तिल, मावा व अन्य प्रकार के लड्डुओं और खिचड़ी का भोग लगाया। मान्यता है कि मकर संक्रांति का पर्व प्रकृृति में अन्य पर्वों से श्रेष्ठ स्थान रखता है। इस दिन भगवान सूर्य उत्तर क्रांति की ओर अग्रसर होते हैं, इस दिन से देवताओं का दिन प्रारंभ होता है और मकर संक्रांति के इस पर्व को भगवान विष्णु का पर्व भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के शरीर के पसीने से उत्पन्न तिल से स्नान करना व भगवान को भोग लगाने के बाद तिल का भोजन करने को विशेष लाभकारी माना गया है। यही वजह है कि मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व माना जाता है।
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फ ोटो-14
कैप्सन रणछोरधाम में पूजा अर्चना की तैयारी करते पुजारी व अन्य।
मकर संक्रांति पर वेतवा में लगाई डुबकी
धौर्रा (ललितपुर)। मकर संक्रांति पर्व पर श्रीरणछोरधाम स्थित बेेतवा नदी तट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। यहां नवकुंडात्मक यज्ञ व विष्णुमहायज्ञ शुरू होने से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। महायज्ञ में जनपद समेत अन्य जनपदों के महंत शामिल हुए। ग्राम धौर्रा से पांच किलोमीटर दूर स्थित श्रीरणछोरधाम स्थित वेतवा नदी पर मकर संक्रांति पर्व पर स्नान करने के लिए जनपद समेत मध्य प्रदेेश के जिलों से लोग सुबह से ही पहुंचने लगे थे। यहां लोगों ने तिल से स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया और श्रीरणछोरधाम मंदिर में पहुंचकर विधिविधान पूर्वक पूजन अर्चन करने के बाद दान पुण्य किया। श्रीरणछोरधाम मंदिर के बाहर यहां खिचड़ी प्रसाद वितरण कराया गया। वेत्रवंती नदी के किनारे मंदिर परिसर में शनिवार से आयोजित होने वाले नवकुंडात्मक व विष्णु महायज्ञ के शुरु होने से पूर्व यहां जल यात्रा का आयोजन मंत्रोच्चार के साथ किया गया। जिसमें सैकड़ों महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर मंगल गीत गाते चल रही थीं। वहीं महंतों के मंत्रोच्चार के बीच महायज्ञ का आयोजन शुरु किया गया। जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय प्रतीत होने लगा। नवकुंडात्मक महायज्ञ व विष्णु महायज्ञ में जिला के अलावा मध्य प्रदेश के सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ कई संत व महंतों का आगमन भी हुआ।
खिचड़ी प्रसाद वितरण किया
ललितपुर। मकर संक्रांति के पर्व पर माई ड्रीम स्कूल चौबयाना की ओर से तुवन सरकार मंदिर एवं श्रीरघुनाथजी बड़ा मंदिर पर खिचड़ी प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर महंत गोविंददास महाराज, अनूप दीक्षित, अरुण देवलिया, नम्रता दीक्षित, राजीव त्रिवेदी, अभिषेक तिवारी, संजय देवलिया, पीयूष दीक्षित, वैैशाली, शीतल, प्रिंस, मुकेश उपाध्याय उपस्थित रहे।
खिचड़ी भोग लगाया
ललितपुर। मकर संक्रांति पर्व पर राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ द्वारा श्रीपंचमुुखी हनुमान मंदिर पर शनिवार को खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। महंत विनोद मालवीय ने मकर संक्रांति के पर्व का विस्तार से महत्व बताया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा, रामजी मालवीय, अजय गोस्वामी, श्याम विश्वकर्मा, मुन्ना कुशवाहा, आनंद मालवीय, सुनील जैन, राकेश त्रिवेदी, रज्जू मालवीय, घनश्याम कुशवाहा, संजय बादल उपस्थित रहे।
शनि देव का हुआ अभिषेक
ललितपुर। मकर संक्रांति पर्व पर शनिवार को तालाबपुरा स्थित सिद्धपीठ शनिधाम मंदिर में शनिदेव का भव्य अभिषेक किया गया। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं का पूजन अर्चन को तांता लगा रहा। भक्तों ने खिचड़ी, तिल आदि दान कर पुण्य लाभ लिया। शनिवार को सूर्य व शनिदेव को प्रसन्न करने का मकर संक्रांति पर्व के साथ दुर्लभ योग है। पुजारी मगनलाल व भक्तों द्वारा मंदिर में शनिदेव का तेल अभिषेक कर आरती की गई। यहां शनिधाम सेवा समिति द्वारा खिचड़ी महाप्रसाद वितरण और हलवा का वितरण किया गया। इस मौके पर मंजीत सिंह परमार, जेपी, गिरीश साहू, अशोक गोस्वामी, संजय अग्रवाल, कमलेश रैकवार, शिशुपाल उपस्थित रहे।
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माघ कृष्ण पक्ष की द्वितीय शनिवार को सुबह 7.37 बजे धनु राशि से मकर राशि और सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में आते ही शहर में लोगों ने तिल से स्नान कर आस्था की बुढ़की लगाई। कई लोगों ने संक्रांति पर्व के दिन पुरानी आस्था के अनुुसार ब्रह्म मुहूर्त में भी बांध, तालाब व नदी के घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान भोलेनाथ को विधिविधान के साथ पूजन-अर्चन करते हुए तिल के लड्डुओं व खिचड़ी का भोग लगाया। वहीं, गोविंदसागर बांध स्थित हजारिया महादेव मंदिर परिसर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मकरसंक्रांति मेला का आयोजन किया गया।
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हजारिया महादेव मंदिर में लोगों का सुबह से ही पूजन अर्चन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं, मेला में हजारों की संख्या में लोगों का देर शाम तक आना जाना लगा रहा। जबकि कई लोगों ने घरों में रहकर ही शुभ मुहूर्त में तिल से स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान ठाकुरजी को तिल, मावा व अन्य प्रकार के लड्डुओं और खिचड़ी का भोग लगाया। मान्यता है कि मकर संक्रांति का पर्व प्रकृृति में अन्य पर्वों से श्रेष्ठ स्थान रखता है। इस दिन भगवान सूर्य उत्तर क्रांति की ओर अग्रसर होते हैं, इस दिन से देवताओं का दिन प्रारंभ होता है और मकर संक्रांति के इस पर्व को भगवान विष्णु का पर्व भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के शरीर के पसीने से उत्पन्न तिल से स्नान करना व भगवान को भोग लगाने के बाद तिल का भोजन करने को विशेष लाभकारी माना गया है। यही वजह है कि मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व माना जाता है।
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कैप्सन रणछोरधाम में पूजा अर्चना की तैयारी करते पुजारी व अन्य।
मकर संक्रांति पर वेतवा में लगाई डुबकी
धौर्रा (ललितपुर)। मकर संक्रांति पर्व पर श्रीरणछोरधाम स्थित बेेतवा नदी तट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। यहां नवकुंडात्मक यज्ञ व विष्णुमहायज्ञ शुरू होने से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। महायज्ञ में जनपद समेत अन्य जनपदों के महंत शामिल हुए। ग्राम धौर्रा से पांच किलोमीटर दूर स्थित श्रीरणछोरधाम स्थित वेतवा नदी पर मकर संक्रांति पर्व पर स्नान करने के लिए जनपद समेत मध्य प्रदेेश के जिलों से लोग सुबह से ही पहुंचने लगे थे। यहां लोगों ने तिल से स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया और श्रीरणछोरधाम मंदिर में पहुंचकर विधिविधान पूर्वक पूजन अर्चन करने के बाद दान पुण्य किया। श्रीरणछोरधाम मंदिर के बाहर यहां खिचड़ी प्रसाद वितरण कराया गया। वेत्रवंती नदी के किनारे मंदिर परिसर में शनिवार से आयोजित होने वाले नवकुंडात्मक व विष्णु महायज्ञ के शुरु होने से पूर्व यहां जल यात्रा का आयोजन मंत्रोच्चार के साथ किया गया। जिसमें सैकड़ों महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर मंगल गीत गाते चल रही थीं। वहीं महंतों के मंत्रोच्चार के बीच महायज्ञ का आयोजन शुरु किया गया। जिससे पूरा क्षेत्र धर्ममय प्रतीत होने लगा। नवकुंडात्मक महायज्ञ व विष्णु महायज्ञ में जिला के अलावा मध्य प्रदेश के सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ कई संत व महंतों का आगमन भी हुआ।
खिचड़ी प्रसाद वितरण किया
ललितपुर। मकर संक्रांति के पर्व पर माई ड्रीम स्कूल चौबयाना की ओर से तुवन सरकार मंदिर एवं श्रीरघुनाथजी बड़ा मंदिर पर खिचड़ी प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर महंत गोविंददास महाराज, अनूप दीक्षित, अरुण देवलिया, नम्रता दीक्षित, राजीव त्रिवेदी, अभिषेक तिवारी, संजय देवलिया, पीयूष दीक्षित, वैैशाली, शीतल, प्रिंस, मुकेश उपाध्याय उपस्थित रहे।
खिचड़ी भोग लगाया
ललितपुर। मकर संक्रांति पर्व पर राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ द्वारा श्रीपंचमुुखी हनुमान मंदिर पर शनिवार को खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। महंत विनोद मालवीय ने मकर संक्रांति के पर्व का विस्तार से महत्व बताया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा, रामजी मालवीय, अजय गोस्वामी, श्याम विश्वकर्मा, मुन्ना कुशवाहा, आनंद मालवीय, सुनील जैन, राकेश त्रिवेदी, रज्जू मालवीय, घनश्याम कुशवाहा, संजय बादल उपस्थित रहे।
शनि देव का हुआ अभिषेक
ललितपुर। मकर संक्रांति पर्व पर शनिवार को तालाबपुरा स्थित सिद्धपीठ शनिधाम मंदिर में शनिदेव का भव्य अभिषेक किया गया। सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं का पूजन अर्चन को तांता लगा रहा। भक्तों ने खिचड़ी, तिल आदि दान कर पुण्य लाभ लिया। शनिवार को सूर्य व शनिदेव को प्रसन्न करने का मकर संक्रांति पर्व के साथ दुर्लभ योग है। पुजारी मगनलाल व भक्तों द्वारा मंदिर में शनिदेव का तेल अभिषेक कर आरती की गई। यहां शनिधाम सेवा समिति द्वारा खिचड़ी महाप्रसाद वितरण और हलवा का वितरण किया गया। इस मौके पर मंजीत सिंह परमार, जेपी, गिरीश साहू, अशोक गोस्वामी, संजय अग्रवाल, कमलेश रैकवार, शिशुपाल उपस्थित रहे।