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महरौनी में बसपा के सामने गढ़ बचाने की चुनौती
lalitpur
Updated Tue, 21 Feb 2017 01:02 AM IST
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महरौनी में बसपा के सामने गढ़ बचाने की चुनौती
- फोटो : demo
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लगातार दो बार से महरौनी विधानसभा पर जीत दर्ज कर रही बहुजनसमाज पार्टी को इस बार अपना गढ़ बचाए रखने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। पार्टी प्रत्याशी फेरन लाल अहिरवार की राह पार्टी की अंदरूनी कलह ने कठिन कर दी है। हालांकि, सपा- कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी बृजलाल खाबरी को भी ऐसी ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन बसपा के कई नेता उनका समर्थन कर रहे हैं। सपा ने बृजलाल को ही गठबंधन का प्रत्याशी माना है, लेकिन रमेश खटीक के पास सपा का साइकिल चिह्न है, जिसके बलबूते वह मैदान में पूरी मेहनत से डटे हुए हैं। ऐसे हालातों में यहां भाजपा के मनोहर लाल पूरे मुकाबले को रोचक बनाए हुए हैं।
महरौनी विधानसभा क्षेत्र को वर्ष 2012 में सुरक्षित घोषित किया गया था। यहां से बसपा के फेरनलाल अहिरवार ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा के मनोहर लाल पंथ को 1700 वोटों से हराया था। इस बार फेरनलाल के सामने बड़ी चुनौती खुद की पार्टी व जाति के वोट हैं। बसपा में रह चुके बृजलाल खाबरी के सपा कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी बनने के बाद बसपा के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने पार्टी को छोड़ दिया है। फेरन लाल के चल रहे विरोध को खाबरी भुनाने का मौका नहीं खो रहे हैं। हालांकि फेरन लाल पूरी मेहनत से अपने वोट बैंक को बचाए रखने के लिए जोड़तोड़ करने में लगे हुए हैं।
वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी बृजलाल खाबरी के सामने भी मुश्किलें कम नहीं हैं। उन्हें सपा व कांग्रेस गठबंधन का प्रत्याशी बनाया गया, लेकिन यहां से सपा के सिंबल पर रमेश खटीक के मैदान में डटे रहने से गठबंधन का लाभ लेने में मुश्किलें हो रही हैं। हालांकि, रमेश खटीक को सपा अपना प्रत्याशी नहीं मान रही है, लेकिन उनका चुनाव चिन्ह साइकिल ही है। रमेश खटीक को समाजवादी पार्टी की तरफ से करीब एक वर्ष पहले महरौनी विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया था। तब से लगातार रमेश चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे। मतदान के कुछ दिन पहले ही उन्हें अपनी पार्टी से जोरदार झटका लगा है। हालांकि समाजवादी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं की सहानुभूति उनके साथ है, लेकिन खुलकर प्रचार में सपा नेताओं के न आने से मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
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भाजपा प्रत्याशी मनोहर लाल पंथ मन्नू पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। वह कड़े मुकाबले में चुनाव हारे थे। इस बार बसपा के वोट बैँक में लगी सेंध उन्हें मजबूती प्रदान कर रही है। लेकिन, कुछ नेताओं के विरोध का वह भी सामना कर रहे हैं। महरौनी विधानसभा क्षेत्र में दलित वोट बैंक सबसे ज्यादा है, लेकिन उनकी जाति के वोटर कम हैं। मनोहर लाल उर्फ मन्नू मुकाबले को रोचक बनाए हुए हैं।
सुरक्षित विधानसभा महरौनी क्षेत्र में 23 फरवरी को 4 लाख 14 हजार 224 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे।
फेरन लाल अहिरवार बहुजन समाज पार्टी
मजबूती
सिटिंग विधायक होना
बसपा के समीकरण पर भरोसा
चुनौती
पार्टी व जाति में विरोध
विधायक निधि के दुरुपयोग के आरोप
मनोहर लाल पंथ भारतीय जनता पार्टी
मजबूती
मोदी लहर का भरोसा
विपक्षी पार्टियों में फूट
चुनौती
असंतुष्ट नेताओं का विरोध
खुद की जाति का वोट कम होना
बृजलाल खाबरी कांग्रेस
मजबूती
बसपा के असंतुष्टों का खुलकर समर्थन
चुनाव प्रबंधन की कला
चुनौती
सपा से सहयोग न मिलना
सपा सिंबल प्रत्याशी का मैदान में होना
रमेश खटीक सपा
मजबूती
पिछले तीन साल से कर रहे प्रचार
व्यक्तिगत जनाधार
चुनौती
पार्टी द्वारा सहयोग न करना
सपा का सिंबल साथ, लेकिन नेता नहीं
वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव
फेरन लाल अहिरवार बसपा 70847
मनोहर लाल पंथ भाजपा 69110
मुन्ना लाल रजक सपा 67230
रमेश खटीक कांग्रेस 40576
वर्ष 2007 विधानसभा चुनाव
रामकुमार तिवारी बसपा 71097
पूरन सिंह बुंदेला कांग्रेस 46861
विक्रम सिंह सपा 30028
देवेंद्र कुमार सिंह भाजपा 13465
लोकसभा में जीती भाजपा
महरौनी विधानसभा क्षेत्र में पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी उमा भारती को बंपर समर्थन मिला था। उमा भारती को 1,29,420, सपा के चंद्रपाल सिंह यादव को 82,179 व बहुजन समाज पार्टी की अनुराधा शर्मा को 57, 767 वोट प्राप्त हुए थे।
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महरौनी विधानसभा क्षेत्र को वर्ष 2012 में सुरक्षित घोषित किया गया था। यहां से बसपा के फेरनलाल अहिरवार ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की थी। उन्होंने भाजपा के मनोहर लाल पंथ को 1700 वोटों से हराया था। इस बार फेरनलाल के सामने बड़ी चुनौती खुद की पार्टी व जाति के वोट हैं। बसपा में रह चुके बृजलाल खाबरी के सपा कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी बनने के बाद बसपा के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने पार्टी को छोड़ दिया है। फेरन लाल के चल रहे विरोध को खाबरी भुनाने का मौका नहीं खो रहे हैं। हालांकि फेरन लाल पूरी मेहनत से अपने वोट बैंक को बचाए रखने के लिए जोड़तोड़ करने में लगे हुए हैं।
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वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी बृजलाल खाबरी के सामने भी मुश्किलें कम नहीं हैं। उन्हें सपा व कांग्रेस गठबंधन का प्रत्याशी बनाया गया, लेकिन यहां से सपा के सिंबल पर रमेश खटीक के मैदान में डटे रहने से गठबंधन का लाभ लेने में मुश्किलें हो रही हैं। हालांकि, रमेश खटीक को सपा अपना प्रत्याशी नहीं मान रही है, लेकिन उनका चुनाव चिन्ह साइकिल ही है। रमेश खटीक को समाजवादी पार्टी की तरफ से करीब एक वर्ष पहले महरौनी विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया गया था। तब से लगातार रमेश चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे। मतदान के कुछ दिन पहले ही उन्हें अपनी पार्टी से जोरदार झटका लगा है। हालांकि समाजवादी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं की सहानुभूति उनके साथ है, लेकिन खुलकर प्रचार में सपा नेताओं के न आने से मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
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भाजपा प्रत्याशी मनोहर लाल पंथ मन्नू पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। वह कड़े मुकाबले में चुनाव हारे थे। इस बार बसपा के वोट बैँक में लगी सेंध उन्हें मजबूती प्रदान कर रही है। लेकिन, कुछ नेताओं के विरोध का वह भी सामना कर रहे हैं। महरौनी विधानसभा क्षेत्र में दलित वोट बैंक सबसे ज्यादा है, लेकिन उनकी जाति के वोटर कम हैं। मनोहर लाल उर्फ मन्नू मुकाबले को रोचक बनाए हुए हैं।
सुरक्षित विधानसभा महरौनी क्षेत्र में 23 फरवरी को 4 लाख 14 हजार 224 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे।
फेरन लाल अहिरवार बहुजन समाज पार्टी
मजबूती
सिटिंग विधायक होना
बसपा के समीकरण पर भरोसा
चुनौती
पार्टी व जाति में विरोध
विधायक निधि के दुरुपयोग के आरोप
मनोहर लाल पंथ भारतीय जनता पार्टी
मजबूती
मोदी लहर का भरोसा
विपक्षी पार्टियों में फूट
चुनौती
असंतुष्ट नेताओं का विरोध
खुद की जाति का वोट कम होना
बृजलाल खाबरी कांग्रेस
मजबूती
बसपा के असंतुष्टों का खुलकर समर्थन
चुनाव प्रबंधन की कला
चुनौती
सपा से सहयोग न मिलना
सपा सिंबल प्रत्याशी का मैदान में होना
रमेश खटीक सपा
मजबूती
पिछले तीन साल से कर रहे प्रचार
व्यक्तिगत जनाधार
चुनौती
पार्टी द्वारा सहयोग न करना
सपा का सिंबल साथ, लेकिन नेता नहीं
वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव
फेरन लाल अहिरवार बसपा 70847
मनोहर लाल पंथ भाजपा 69110
मुन्ना लाल रजक सपा 67230
रमेश खटीक कांग्रेस 40576
वर्ष 2007 विधानसभा चुनाव
रामकुमार तिवारी बसपा 71097
पूरन सिंह बुंदेला कांग्रेस 46861
विक्रम सिंह सपा 30028
देवेंद्र कुमार सिंह भाजपा 13465
लोकसभा में जीती भाजपा
महरौनी विधानसभा क्षेत्र में पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी उमा भारती को बंपर समर्थन मिला था। उमा भारती को 1,29,420, सपा के चंद्रपाल सिंह यादव को 82,179 व बहुजन समाज पार्टी की अनुराधा शर्मा को 57, 767 वोट प्राप्त हुए थे।